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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और युद्धविराम के संशय से कच्चे तेल की कीमतों में 4% की तेजी

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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और युद्धविराम के संशय से कच्चे तेल की कीमतों में 4% की तेजी

सारांश

महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम पर संदेह ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। जानिए इस तनाव के प्रभावों को।

मुख्य बातें

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी सीजफायर पर संदेह हॉरमज जलडमरूमध्य का महत्व शेयर बाजार में गिरावट ईरान का कदम

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को तेज वृद्धि देखने को मिली। पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति पूरी तरह से बहाल न होने की चिंताओं और अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए हुए सीजफायर पर संदेह के चलते बाजार में चिंता बढ़ गई है, जिससे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध जारी रहने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा सुबह के समय 3.31 प्रतिशत बढ़कर 97.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.2 प्रतिशत उछलकर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर व्यापार कर रहा था।

पिछले दिन, यानी बुधवार को, कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी और यह 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गया था, क्योंकि ऐसी उम्मीदें थीं कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से तनाव कम होगा और होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा।

होर्मुज स्ट्रेट, जहां से इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देशों का तेल विश्वभर में भेजा जाता है, इस पूरे विवाद का केंद्र बना हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायल के हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही कुवैत, बहरीन और यूएई में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की ख़बरें सामने आई हैं।

बताया गया है कि इन घटनाओं के बाद ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है।

जहाजरानी कंपनियों का कहना है कि वे तब तक इस मार्ग से जहाज भेजने में हिचकिचा रही हैं, जब तक सीजफायर की शर्तें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जातीं।

ईरान ने जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिखाने के लिए नक्शे जारी किए हैं और अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मिलकर सुरक्षित मार्ग तय किए हैं।

इस बीच, क्षेत्र के तेल बुनियादी ढांचे पर भी खतरा बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने सीजफायर के बाद पड़ोसी देशों में कुछ ठिकानों पर हमले किए, जिनमें सऊदी अरब की एक पाइपलाइन भी शामिल है।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी जहाज, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे।

शेयर बाजार की बात करें तो घरेलू बाजार में पिछले दिन की जबरदस्त तेजी के बाद फिर से गिरावट देखने को मिली। इस बीच, खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स में 0.72 प्रतिशत या 550 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 77,000 के करीब व्यापार करता नजर आया। वहीं निफ्टी50 140 अंकों से ज्यादा यानी 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 23,800 के स्तर पर व्यापार करता नजर आया।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई, जहां निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग जैसे प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत तक गिर गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थिति में स्थिरता की कमी है। यह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर गहरा असर डाल रहा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्चे तेल की कीमत क्यों बढ़ी?
कच्चे तेल की कीमतें होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर संदेह के कारण बढ़ी हैं।
क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध जारी रहेगा?
हां, होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध जारी रहने की आशंका है।
क्या सीजफायर स्थायी है?
सीजफायर पर संदेह है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
शेयर बाजार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है, सेंसेक्स में 0.72 प्रतिशत की कमी आई है।
क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है?
हां, ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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