बंगाल चुनाव: भाजपा का वादा, 'महिलाओं को हर महीने तीन हजार', आधी आबादी में खुशी

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बंगाल चुनाव: भाजपा का वादा, 'महिलाओं को हर महीने तीन हजार', आधी आबादी में खुशी

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर महीने तीन हजार रुपये की सहायता देने का वादा किया है। इस पर महिलाओं की मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। क्या यह वादा सच में महिलाओं के लिए लाभकारी होगा?

Key Takeaways

  • महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा।
  • महिलाओं की प्रतिक्रियाएँ विभाजित हैं।
  • असली जरूरत रोजगार की है।
  • शिक्षा व्यवस्था पर चिंता।
  • केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना

कोलकाता, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी दौरान, भाजपा ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र पेश किया। इस घोषणापत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर महीने तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। भाजपा के इस वादे पर महिलाओं की विभिन्न प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं। कुछ महिलाओं ने इसे चुनावी रणनीति बताया, जबकि अन्य ने इसे गरीब वर्ग के लिए लाभकारी कदम माना।

एक स्थानीय महिला ने राष्ट्रीय प्रेस से बातचीत में कहा कि चुनाव के समय सभी राजनीतिक दल बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हर पार्टी पैसे देने का वादा करती है, कोई 2 हजार, कोई 3 हजार, तो कोई 5 हजार रुपये देने की बात करता है। लेकिन, असली जरूरत रोजगार की है। जब तक लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक स्थिति नहीं बदलेगी।

महिला ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं है, मिड-डे मील जैसी योजनाओं में भी अनियमितता देखने को मिलती है।

शाहदा प्रवीण नाम की महिला ने भाजपा के वादे पर अविश्वास जताते हुए कहा कि जो दिखाया जाता है, वैसा किया नहीं जाता। हमें जो वर्तमान में मिल रहा है, हम उससे संतुष्ट हैं। हम ममता दीदी से खुश हैं।

बीजोयता नाम की एक अन्य महिला ने अलग राय व्यक्त करते हुए कहा कि वह किसी भी सरकारी आर्थिक सहायता का लाभ नहीं लेती हैं। उन्होंने कहा कि मैं नौकरी करती हूं और पूरी तरह आत्मनिर्भर हूं। मुझे किसी भी सरकार से खैरात नहीं चाहिए। मैं इस तरह की राजनीति से दूर रहना पसंद करती हूं।

मीरा देवी नाम की महिला ने भाजपा के वादे का समर्थन करते हुए कहा कि यदि यह योजना लागू होती है तो यह गरीब महिलाओं के लिए लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि मुझे मिले या न मिले, लेकिन यदि किसी गरीब को इसका लाभ मिलता है तो यह एक अच्छी बात है। केंद्र सरकार जो प्रयास कर रही है, वह सराहनीय है और इसके लिए धन्यवाद।

Point of View

जबकि अन्य इसे एक सकारात्मक कदम मानते हैं। असल में, यह वादा उन मुद्दों को उजागर करता है जो ज़मीनी स्तर पर महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि रोजगार और शिक्षा।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा के इस वादे का उद्देश्य क्या है?
भाजपा का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
क्या यह वादा चुनावी रणनीति है?
कुछ महिलाएँ इसे चुनावी रणनीति मानती हैं, जबकि अन्य इसे लाभकारी कदम मानती हैं।
महिलाओं की इस पर क्या प्रतिक्रियाएँ हैं?
महिलाओं की प्रतिक्रियाएँ मिलीजुली हैं; कुछ समर्थन कर रही हैं और कुछ अविश्वास जताती हैं।
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