हैदराबाद स्कूल 'कलमा' होमवर्क विवाद: NHRC ने तेलंगाना सरकार को नोटिस जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हैदराबाद के एक स्कूल में कथित तौर पर हिंदू बच्चों को इस्लामिक धार्मिक पाठ 'कलमा' याद करने का होमवर्क दिए जाने के मामले में तेलंगाना सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने 17 जुलाई को इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आयोग ने राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत का स्रोत और आरोप
NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि आयोग को 'सेवान्या उत्थान फाउंडेशन' नामक संस्था की ओर से यह शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हैदराबाद स्थित एक स्कूल में हिंदू बच्चों को 'कलमा' याद करने का होमवर्क दिया जा रहा था। कानूनगो ने स्पष्ट किया कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह संविधान के अनुच्छेद 28(3) के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है, जो किसी भी व्यक्ति को धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाध्य किए जाने से सुरक्षा प्रदान करता है।
NHRC की कार्रवाई
आयोग ने तेलंगाना सरकार को नोटिस जारी कर पूरे प्रकरण की जाँच करने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। NHRC ने यह कदम बच्चों के मूल अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 28(3) के अंतर्गत राज्य-वित्त पोषित संस्थाओं में किसी भी छात्र को धार्मिक उपासना या शिक्षा में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
बाल अधिकार और यौन शिक्षा पर NHRC का पक्ष
प्रियांक कानूनगो ने बच्चों से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत में नाबालिग की आयु 18 वर्ष निर्धारित है और बच्चों को शारीरिक संबंधों के प्रयोग की वस्तु मानना भारतीय सामाजिक परिवेश के अनुकूल नहीं है। उनके अनुसार, यदि 15 वर्ष की आयु में बच्चे इस प्रकार के प्रयोग करते हैं तो इससे यौन शोषण, तस्करी और अवैध गर्भसमापन केंद्रों जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। कानूनगो ने विश्वास व्यक्त किया कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई में बच्चों के हित में निर्णय करेगा।
राजस्थान में सी-सेक्शन के बाद मौतों पर भी नोटिस
NHRC सदस्य ने राजस्थान में सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद कथित तौर पर कई महिला मरीजों की किडनी फेल होने से हुई मौतों का भी उल्लेख किया। आयोग ने इस संबंध में नेशनल मेडिकल काउंसिल और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर रिपोर्ट माँगी है। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और मरीज़ों के अधिकारों की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
तेलंगाना सरकार को निर्धारित समयसीमा में जाँच रिपोर्ट NHRC को सौंपनी होगी। आयोग की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला स्कूलों में धार्मिक तटस्थता और बच्चों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के व्यापक प्रश्न को एक बार फिर सामने लाता है।