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एनएचआरसी ने जालना स्कूल में चरमपंथी सामग्री के आरोपों पर सीबीएसई और महाराष्ट्र अधिकारियों से दो हफ्ते में रिपोर्ट माँगी

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एनएचआरसी ने जालना स्कूल में चरमपंथी सामग्री के आरोपों पर सीबीएसई और महाराष्ट्र अधिकारियों से दो हफ्ते में रिपोर्ट माँगी

सारांश

एनएचआरसी ने जालना के एक स्कूल में वार्षिक समारोह के दौरान नाबालिगों से कथित चरमपंथी पाकिस्तानी गाने पर प्रस्तुति करवाने के आरोपों को 'प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन' माना है। सीबीएसई, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो हफ्ते में रिपोर्ट देनी होगी।

मुख्य बातें

एनएचआरसी ने 24 जून 2025 को जालना के स्कूल में चरमपंथी सामग्री के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया।
सीबीएसई अध्यक्ष , जालना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
आरोप: पार्टूर स्थित 'किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल' में बच्चों से आतंकवादी मुमताज कादरी की तस्वीर के साथ चरमपंथी गाने पर प्रस्तुति करवाई गई।
शिकायतकर्ता पत्रकार ने आरोप लगाया कि मामला उजागर करने पर स्कूल प्रशासन और पुलिस ने बदले की कार्रवाई शुरू की।
एनएचआरसी ने इसे 'प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों का उल्लंघन' करार दिया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 24 जून 2025 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई), जालना जिला प्रशासन और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस जारी करते हुए उन आरोपों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है, जिनमें कहा गया है कि महाराष्ट्र के जालना जिले के एक स्कूल के वार्षिक समारोह में नाबालिग बच्चों से कथित तौर पर एक चरमपंथी पाकिस्तानी गाने पर प्रस्तुति करवाई गई थी। आयोग ने इसे 'प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों का उल्लंघन' करार देते हुए संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

मामले का मूल आरोप

शिकायत के अनुसार, यह कथित घटना जालना जिले के पार्टूर स्थित 'किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल' में वार्षिक कार्यक्रम के दौरान हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चों से हिंसा को बढ़ावा देने वाले एक चरमपंथी पाकिस्तानी गाने पर प्रस्तुति करवाई गई और उस दौरान पृष्ठभूमि में आतंकवादी मुमताज कादरी की तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। ये सभी आरोप अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं और जाँच के अधीन हैं।

एनएचआरसी की कार्रवाई और कानूनी आधार

आयोग की जिस पीठ ने इस मामले का संज्ञान लिया, उसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो कर रहे थे। पीठ ने 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के अंतर्गत मामले को दर्ज किया। बुधवार को एनएचआरसी के विधि प्रभाग द्वारा जारी सूचना में बताया गया कि सीबीएसई के अध्यक्ष, जालना के जिलाधिकारी और जालना के पुलिस अधीक्षक को औपचारिक नोटिस भेजे गए हैं।

शिकायतकर्ता पर कथित दबाव और बदले की कार्रवाई

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता ने एक पत्रकार के रूप में इस मामले को सार्वजनिक किया, तो स्कूल प्रशासन और जालना पुलिस ने कथित तौर पर उनके विरुद्ध बदले की कार्रवाई शुरू कर दी। एनएचआरसी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि 'एक्स' (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) को औपचारिक रूप से कंटेंट हटाने के नोटिस जारी किए गए और उन्हें आपराधिक मामलों में फँसाने की धमकी देकर जाँच को दबाने का प्रयास किया गया।

शिकायतकर्ता की माँगें

शिकायतकर्ता ने आयोग से तीन प्रमुख माँगें रखीं: स्कूल कार्यक्रम में दिखाई गई कथित चरमपंथी सामग्री का औपचारिक संज्ञान लिया जाए; कथित प्रशासनिक उत्पीड़न की स्वतंत्र जाँच कराई जाए; और खोजी पत्रकारों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान की जाए।

आगे क्या होगा

एनएचआरसी के निर्देशानुसार, सीबीएसई अध्यक्ष, जालना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह के भीतर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच कर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' सौंपनी होगी। यह मामला पत्रकार संरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों में सामग्री की निगरानी — दोनों मोर्चों पर नीतिगत प्रश्न खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु असली परीक्षा यह होगी कि क्या दो सप्ताह में मिलने वाली रिपोर्टें ठोस कार्रवाई की नींव रखती हैं या महज औपचारिकता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएचआरसी ने जालना स्कूल मामले में क्या कार्रवाई की है?
एनएचआरसी ने 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीएसई अध्यक्ष, जालना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। तीनों अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
जालना के किस स्कूल पर चरमपंथी सामग्री का आरोप है?
आरोप जालना जिले के पार्टूर स्थित 'किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल' पर है। शिकायत के अनुसार, वार्षिक समारोह में नाबालिग बच्चों से कथित चरमपंथी पाकिस्तानी गाने पर प्रस्तुति करवाई गई और पृष्ठभूमि में आतंकवादी मुमताज कादरी की तस्वीर दिखाई गई।
शिकायतकर्ता पत्रकार के विरुद्ध क्या बदले की कार्रवाई का आरोप है?
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला उजागर करने के बाद स्कूल प्रशासन और जालना पुलिस ने 'एक्स' प्लेटफॉर्म को कंटेंट हटाने के नोटिस जारी किए और उन्हें आपराधिक मामलों में फँसाने की धमकी दी। एनएचआरसी ने इस कथित उत्पीड़न की स्वतंत्र जाँच का भी निर्देश दिया है।
एनएचआरसी ने इस मामले को कितना गंभीर माना है?
एनएचआरसी ने आरोपों को 'प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन' करार दिया है। यह वर्गीकरण आयोग को धारा 12 के तहत सीधे जाँच का निर्देश देने का अधिकार देता है।
इस मामले में सीबीएसई की क्या भूमिका है?
संबंधित स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है, इसलिए आयोग ने सीबीएसई अध्यक्ष से भी रिपोर्ट माँगी है। सीबीएसई से अपेक्षा है कि वह यह स्पष्ट करे कि संबद्ध स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में सामग्री की निगरानी के लिए क्या तंत्र मौजूद है।
राष्ट्र प्रेस
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