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हैदराबाद: हिंदू छात्र को कलमा-सूरह याद करने का होमवर्क, शिक्षिका बर्खास्त; BJP नेता श्रीनिवास ने माँगी जाँच

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हैदराबाद: हिंदू छात्र को कलमा-सूरह याद करने का होमवर्क, शिक्षिका बर्खास्त; BJP नेता श्रीनिवास ने माँगी जाँच

सारांश

हैदराबाद के एक निजी स्कूल में हिंदू छात्र को इस्लामी प्रार्थना याद करने का होमवर्क देना महज़ एक शिक्षिका की चूक नहीं रही — यह राज्य में धर्म, शिक्षा और राजनीति के टकराव का नया अखाड़ा बन गया। स्कूल ने शिक्षिका को बर्खास्त किया, BJP ने जाँच माँगी।

मुख्य बातें

हैदराबाद के सैदाबाद स्थित सक्सेस द स्कूल ने कक्षा दो के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में 'कलमा' और 'सूरह अल-फातिहा' याद करने का कार्य सौंपा।
स्कूल प्रबंधन ने 16 जुलाई को शिक्षिका शेख आयशा परवीन को तत्काल बर्खास्त किया और उन्हें सक्सेस ग्रुप में भविष्य में नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया।
श्रीनिवास ने पुलिस कमिश्नर से पूर्ण जाँच और शिक्षा मंत्री से सार्वजनिक बयान की माँग की।
श्रीनिवास ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर 'गुप्त एजेंडा' लागू करने का आरोप लगाया।
मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

हैदराबाद के सैदाबाद स्थित एक निजी स्कूल ने दूसरी कक्षा के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में 'कलमा' और 'सूरह अल-फातिहा' याद करने का कार्य सौंपा, जिसके बाद विवाद भड़क उठा। 16 जुलाई को मामला सामने आते ही स्कूल प्रबंधन ने संबंधित शिक्षिका शेख आयशा परवीन को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता टी.आर. श्रीनिवास ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस जाँच और सरकारी जवाबदेही की माँग की है।

मामले का घटनाक्रम

सक्सेस द स्कूल, सैदाबाद शाखा में कक्षा दो के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में इस्लामी प्रार्थना के अंश याद करने का निर्देश दिया गया। जब यह होमवर्क अभिभावकों की नज़र में आया, तो मामला तेज़ी से सोशल मीडिया पर फैल गया और विरोध के स्वर उठने लगे। स्कूल प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए 16 जुलाई को ही शिक्षिका को बर्खास्त करने का निर्णय लिया।

स्कूल की कार्रवाई

स्कूल की ओर से जारी बर्खास्तगी पत्र में स्पष्ट किया गया कि शेख आयशा परवीन की सेवाएँ 16 जुलाई से समाप्त की जा रही हैं। इसके साथ ही उन्हें सक्सेस ग्रुप के किसी भी शिक्षण संस्थान में भविष्य में रोज़गार के लिए आवेदन करने हेतु स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

BJP नेता की प्रतिक्रिया

BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि सैदाबाद के एक प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट ने एक गैर-मुस्लिम स्टूडेंट को पवित्र कुरान से 'सूरह अल-फातिहा' और 'कलमा' याद करने का काम दिया। मुझे सच में हैरानी है कि हैदराबाद में क्या हो रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'क्या यहाँ सेक्युलरिज़्म की परिभाषा यही है — गैर-मुस्लिम स्टूडेंट्स का धर्म-परिवर्तन करने की कोशिश करना? मैं पुलिस कमिश्नर से इसकी पूरी जाँच की माँग करता हूँ।'

श्रीनिवास ने तेलंगाना के शिक्षा मुख्य सचिव और शिक्षा मंत्री से भी इस विषय पर सार्वजनिक बयान देने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या राज्य में कोई 'गुप्त एजेंडा' लागू किया जा रहा है, और BJP की ओर से स्पष्टीकरण की माँग की।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर में स्कूली पाठ्यक्रम और धार्मिक सामग्री को लेकर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि निजी स्कूलों में शिक्षण सामग्री की निगरानी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से शिक्षा नीति पर राजनीतिक तनाव बढ़ा है, और यह मामला उसी पृष्ठभूमि में राजनीतिक रंग ले चुका है।

आगे क्या

BJP ने पुलिस कमिश्नर से औपचारिक जाँच की माँग की है। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को बर्खास्त कर अपनी जवाबदेही दर्शाई है, परंतु अभिभावकों और राजनीतिक दलों की ओर से यह माँग उठ रही है कि राज्य सरकार निजी स्कूलों में पाठ्य-सामग्री की निगरानी के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह होमवर्क पाठ्यक्रम में कैसे पहुँचा — क्या यह व्यक्तिगत चूक थी या संस्थागत निगरानी की विफलता? BJP का 'धर्म-परिवर्तन' का आरोप राजनीतिक रूप से आक्रामक है और अभी तक साक्ष्य-आधारित नहीं है; इसे उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। इस घटना ने निजी स्कूलों में पाठ्य-सामग्री की निगरानी की खाई को उजागर किया है, जो तेलंगाना तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार की चुप्पी राजनीतिक लागत बढ़ाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद स्कूल होमवर्क विवाद क्या है?
हैदराबाद के सैदाबाद स्थित 'सक्सेस द स्कूल' में कक्षा दो के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में इस्लामी प्रार्थना 'कलमा' और 'सूरह अल-फातिहा' याद करने का कार्य दिया गया। मामला सामने आने पर स्कूल ने 16 जुलाई को संबंधित शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया।
शिक्षिका शेख आयशा परवीन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
स्कूल प्रबंधन ने शेख आयशा परवीन को 16 जुलाई से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया। इसके अतिरिक्त उन्हें सक्सेस ग्रुप के किसी भी शिक्षण संस्थान में भविष्य में आवेदन के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया गया है।
BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने क्या माँग की है?
BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर से पूर्ण जाँच की माँग की है। उन्होंने तेलंगाना के शिक्षा मुख्य सचिव और शिक्षा मंत्री से भी सार्वजनिक बयान देने की अपेक्षा जताई है।
क्या इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई की है?
अभी तक पुलिस की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई या प्राथमिकी की पुष्टि नहीं हुई है। BJP ने पुलिस कमिश्नर से जाँच की माँग की है, लेकिन कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
इस विवाद का व्यापक असर क्या हो सकता है?
यह मामला निजी स्कूलों में पाठ्य-सामग्री की निगरानी और धार्मिक तटस्थता को लेकर नीतिगत बहस को तेज़ कर सकता है। तेलंगाना सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे।
राष्ट्र प्रेस
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