28 जून 2026
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निजामाबाद में उर्दू शिक्षक से मारपीट: शमा मोहम्मद ने CM रेवंत रेड्डी से BJP नेताओं पर कार्रवाई माँगी

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निजामाबाद में उर्दू शिक्षक से मारपीट: शमा मोहम्मद ने CM रेवंत रेड्डी से BJP नेताओं पर कार्रवाई माँगी

सारांश

निजामाबाद के एक स्कूल में उर्दू पढ़ाने को लेकर प्रिंसिपल से कथित मारपीट ने तेलंगाना में नई राजनीतिक आग भड़का दी है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने CM रेवंत रेड्डी से BJP नेताओं पर कार्रवाई माँगी, जबकि MBT ने कांग्रेस सरकार पर ही निशाना साधा।

मुख्य बातें

निजामाबाद के आर्मूर स्थित भारथ चंद्र स्कूल में 28 जून को उर्दू पढ़ाने पर प्रिंसिपल आमेर खान के साथ कथित मारपीट की गई।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.
शमा मोहम्मद ने एक्स पर वीडियो साझा कर CM रेवंत रेड्डी से BJP नेताओं पर कड़ी कार्रवाई और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की माँग की।
प्रिंसिपल आमेर खान का आरोप — उन्हें और एक अन्य शिक्षक को पुलिस थाने ले जाकर फर्श पर बैठाया गया, मारपीट करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्कूल में उर्दू अभिभावकों की माँग पर दूसरी भाषा के रूप में शुरू की गई थी और इसके लिए शिक्षक की नियुक्ति भी की गई थी।
मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के नेता अमजद उल्लाह खान ने कांग्रेस सरकार पर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का आरोप लगाया।
विभिन्न संगठनों ने सोमवार को निजामाबाद बंद का आह्वान किया।

तेलंगाना के निजामाबाद जिले के आर्मूर स्थित भारथ चंद्र स्कूल में 28 जून 2026 को उर्दू पढ़ाने को लेकर कथित तौर पर स्कूल के प्रिंसिपल के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कथित संलिप्त नेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की। यह घटना उस समय हुई जब कुछ स्थानीय BJP नेता कथित तौर पर स्कूल परिसर में घुसे और प्रिंसिपल आमेर खान के साथ मारपीट की।

मुख्य घटनाक्रम

आरोप है कि शनिवार, 28 जून को कुछ स्थानीय BJP नेता भारथ चंद्र स्कूल परिसर में पहुँचे और प्रिंसिपल आमेर खान के साथ मारपीट की। उनकी आपत्ति यह थी कि स्कूल में उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जा रहा है। BJP नेताओं ने यह भी कथित तौर पर आरोप लगाया कि बच्चों को उर्दू गीत और धार्मिक सामग्री पढ़ाई जा रही थी।

प्रिंसिपल आमेर खान का कहना है कि उन्हें और एक अन्य शिक्षक को पुलिस थाने ले जाया गया, जहाँ उन्हें काफी देर तक फर्श पर बैठाए रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शमा मोहम्मद की माँग और एक्स पोस्ट

डॉ. शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर घटना का एक वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को टैग किया। उन्होंने माँग की कि घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब BJP को उर्दू भाषा से भी समस्या हो गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर भी सवाल उठाया।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष

प्रिंसिपल आमेर खान ने स्पष्ट किया कि स्कूल में उर्दू अभिभावकों की माँग पर दूसरी भाषा के रूप में शुरू की गई थी और इसके लिए एक शिक्षक की नियुक्ति भी की गई थी। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन उर्दू विभाग के लिए अलग ब्लॉक बनाने की योजना बना रहा था, लेकिन नए शिक्षक को इसकी जानकारी न होने के कारण उन्होंने संयुक्त कक्षा ले ली।

विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सोमवार को निजामाबाद बंद का आह्वान किया। मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के नेता अमजद उल्लाह खान ने भी घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शासन में तेलंगाना धीरे-धीरे आरएसएस की प्रयोगशाला बनता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निजामाबाद में अल्पसंख्यक समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण दिखाई दे रही है।

अमजद उल्लाह खान ने यह भी आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सरकार की 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राजनीति देशभर में कांग्रेस के भविष्य को नुकसान पहुँचा रही है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में भाषाई और शैक्षणिक नीतियों को लेकर बहस तेज है।

आगे क्या होगा

फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निजामाबाद बंद के मद्देनजर प्रशासन की प्रतिक्रिया और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

धर्म और राजनीति एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। विडंबना यह है कि कांग्रेस, जो केंद्र में BJP की 'भाषाई राजनीति' की आलोचक है, उसी की अपनी तेलंगाना सरकार पर MBT जैसे दल 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस की कथित निष्क्रियता — जब आरोपी खुलेआम स्कूल में घुसे — कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाती है। यदि मुख्यमंत्री कार्यालय ने त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला तेलंगाना में अल्पसंख्यक समुदाय के विश्वास और कांग्रेस की राष्ट्रीय छवि दोनों को नुकसान पहुँचा सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निजामाबाद उर्दू शिक्षक मारपीट मामला क्या है?
तेलंगाना के निजामाबाद जिले के आर्मूर स्थित भारथ चंद्र स्कूल में 28 जून को कथित तौर पर कुछ स्थानीय BJP नेता परिसर में घुसे और उर्दू पढ़ाने पर आपत्ति जताते हुए प्रिंसिपल आमेर खान के साथ मारपीट की। प्रिंसिपल का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट करने वालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
शमा मोहम्मद ने CM रेवंत रेड्डी से क्या माँग की?
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने एक्स पर वीडियो साझा कर CM रेवंत रेड्डी से माँग की कि घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए और आरोपी BJP नेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्कूल में उर्दू क्यों पढ़ाई जा रही थी?
प्रिंसिपल आमेर खान के अनुसार, अभिभावकों की माँग पर उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में शुरू किया गया था और इसके लिए एक शिक्षक की नियुक्ति भी की गई थी। स्कूल प्रबंधन उर्दू विभाग के लिए अलग ब्लॉक बनाने की योजना बना रहा था, लेकिन नए शिक्षक को इसकी जानकारी न होने के कारण उन्होंने संयुक्त कक्षा ली।
इस घटना के विरोध में क्या हो रहा है?
विभिन्न संगठनों ने सोमवार को निजामाबाद बंद का आह्वान किया है। मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के नेता अमजद उल्लाह खान ने भी घटना की निंदा की और कांग्रेस सरकार पर अल्पसंख्यकों के प्रति पक्षपातपूर्ण पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया।
BJP नेताओं ने स्कूल पर क्या आरोप लगाए?
कथित तौर पर BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को उर्दू गीत और धार्मिक सामग्री पढ़ाई जा रही है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। हालाँकि स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उर्दू केवल अभिभावकों की माँग पर दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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