30 जुलाई 2026
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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का विपक्ष पर पलटवार: 'अच्छे काम के लिए इस्तीफा दूँ?'

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का विपक्ष पर पलटवार: 'अच्छे काम के लिए इस्तीफा दूँ?'

सारांश

विपक्ष की इस्तीफे की माँग पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने पलटवार किया — नर्सरी से 12वीं तक नाश्ता, ITI को ATC में बदलना, ₹1.08 लाख प्रति छात्र व्यय और 1 लाख नए दाखिले गिनाए। शिक्षकों को दिसंबर तक सुधार रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 30 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद छोड़ने की विपक्ष की माँग को सार्वजनिक रूप से खारिज किया।
तेलंगाना सरकार प्रत्येक सरकारी स्कूली छात्र पर ₹1.08 लाख वार्षिक खर्च करती है।
शिक्षा सुधारों के चलते सरकारी स्कूलों में 1 लाख अतिरिक्त छात्रों का नामांकन हुआ।
ITI को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर (ATC) में बदला जा रहा है; स्किल यूनिवर्सिटी में वैश्विक कॉर्पोरेट विशेषज्ञ बोर्ड सदस्य बनाए गए।
शिक्षकों को दिसंबर तक शैक्षणिक सुधारों की रिपोर्ट देने का निर्देश; विदेश प्रशिक्षण के अवसर देने की घोषणा।
रेड्डी ने दावा किया कि कांग्रेस 2034 तक तेलंगाना में सत्ता में रहेगी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार, 30 जुलाई को विपक्ष की उस माँग को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उनसे शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार छोड़ने की अपील की गई थी। हैदराबाद में फिनलैंड और जर्मनी से लौटे शिक्षकों के एक समूह के साथ संवाद करते हुए उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि क्या शिक्षा क्षेत्र में सुधार करना ही उनके इस्तीफे का आधार बन रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

रेड्डी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, 'कुछ लोग मुझसे शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने की माँग कर रहे हैं। क्या इसलिए कि नर्सरी से कक्षा 12वीं तक नाश्ता दिया जा रहा है? क्या इसलिए कि शिक्षकों की भर्ती और प्रमोशन को सुव्यवस्थित किया जा रहा है? क्या इसलिए कि आईटीआई (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) को एटीसी (एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर) में रूपांतरित किया जा रहा है?'

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना और उसके बोर्ड में वैश्विक कॉर्पोरेट जगत के अनुभवी नामों को शामिल करना ही विपक्ष की आपत्ति का कारण है।

शिक्षा सुधारों का ब्यौरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना सरकार प्रत्येक सरकारी स्कूली छात्र पर ₹1.08 लाख वार्षिक व्यय करती है। उन्होंने दावा किया कि इन सुधारों के परिणामस्वरूप सरकारी स्कूलों में एक लाख अतिरिक्त छात्रों ने दाखिला लिया है — जो सार्वजनिक शिक्षा में बढ़ते विश्वास का संकेत है।

रेड्डी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अर्थ केवल कौशल अर्जन नहीं है। उनके अनुसार, कक्षा 12वीं के बाद हर छात्र को वैश्विक परिदृश्य की व्यापक समझ होनी चाहिए, और यह दायित्व शिक्षकों पर है।

वैश्विक दृष्टिकोण और शिक्षकों से आग्रह

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से भारतीय युवा केवल अमेरिका को अवसरों की भूमि मानते रहे हैं, लेकिन अब जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में भी असीमित संभावनाएँ हैं। उन्होंने शिक्षकों से समाज के लिए पाँच वर्ष समर्पित करने और नई पीढ़ी का भविष्य बदलने का आग्रह किया।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि दिसंबर तक एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसमें आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए सुधारों के सुझाव शामिल हों। उन्होंने कहा, 'तेलंगाना को देश के लिए एक रोल मॉडल बनाने के लक्ष्य के साथ काम करें।'

राजनीतिक संदेश और भविष्य की घोषणाएँ

रेड्डी ने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी 2034 तक तेलंगाना में सत्ता में बनी रहेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिस प्रकार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को विदेश में प्रशिक्षण के अवसर मिलते हैं, उसी तर्ज पर शिक्षकों को भी उच्च अध्ययन के लिए विदेश भेजा जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब तेलंगाना सरकार शिक्षा क्षेत्र को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित हैं। 'एक लाख नए दाखिले' और '₹1.08 लाख प्रति छात्र व्यय' जैसे दावों की जाँच ज़रूरी है — क्योंकि राज्य सरकारें अक्सर इनपुट (खर्च) को आउटकम (सीखने की गुणवत्ता) से जोड़कर पेश करती हैं। ITI से ATC रूपांतरण और स्किल यूनिवर्सिटी की अवधारणा प्रगतिशील है, परंतु इनके क्रियान्वयन की पारदर्शी समीक्षा के बिना ये केवल घोषणाएँ ही रहेंगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विपक्ष ने CM रेवंत रेड्डी से शिक्षा मंत्री पद छोड़ने की माँग क्यों की?
विपक्ष ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार छोड़ने की माँग की है, हालाँकि स्रोत में इसके विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं। रेड्डी ने इस माँग को शिक्षा सुधारों की सफलता के विरुद्ध राजनीतिक कदम बताया।
तेलंगाना सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्या सुधार कर रही है?
तेलंगाना सरकार नर्सरी से कक्षा 12वीं तक नाश्ता उपलब्ध करा रही है, ITI को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर (ATC) में बदल रही है, स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की है और प्रत्येक सरकारी स्कूली छात्र पर ₹1.08 लाख वार्षिक खर्च कर रही है। इन सुधारों के चलते सरकारी स्कूलों में 1 लाख अतिरिक्त छात्रों का नामांकन हुआ है।
तेलंगाना की स्किल यूनिवर्सिटी क्या है?
यह CM रेवंत रेड्डी द्वारा स्थापित एक विशेष विश्वविद्यालय है जिसका उद्देश्य छात्रों को रोज़गार-योग्य कौशल से लैस करना है। इसके बोर्ड में सफल वैश्विक कॉर्पोरेट कंपनियों के अनुभवी नामों को सदस्य बनाया गया है।
तेलंगाना के शिक्षकों को विदेश प्रशिक्षण का अवसर कब मिलेगा?
CM रेड्डी ने घोषणा की है कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तर्ज पर शिक्षकों को भी उच्च अध्ययन के लिए विदेश भेजा जाएगा। इसकी विस्तृत समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
CM रेवंत रेड्डी ने शिक्षकों को क्या निर्देश दिए?
उन्होंने शिक्षकों से समाज के लिए पाँच वर्ष समर्पित करने और दिसंबर तक एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा, जिसमें आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए सुधारों के सुझाव हों। उन्होंने तेलंगाना को शिक्षा के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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