दिल्ली मेट्रो को लगातार दूसरी बार राजभाषा कीर्ति पुरस्कार, अमित शाह ने किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को राजभाषा के प्रगामी प्रयोग एवं प्रभावी कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार के सर्वोच्च राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (प्रथम पुरस्कार) से लगातार दूसरी बार नवाज़ा गया है। यह सम्मान 14 सितंबर 2026 को नवी मुंबई के सिडको एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
पुरस्कार समारोह का विवरण
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। समारोह वाशी, नवी मुंबई में संपन्न हुआ, जहाँ देशभर की प्रमुख सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संस्था के निदेशक (वित्त) अजीत शर्मा, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जयश्री शर्मा तथा दिल्ली मेट्रो के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
प्रबंध निदेशक की प्रतिक्रिया
डॉ. विकास कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान हिंदी को प्रशासन, तकनीकी कार्यों, प्रशिक्षण, डिजिटल मंचों और जनसेवा के अधिक सक्षम माध्यम के रूप में विकसित करने की नई प्रेरणा देते हैं। उन्होंने इस पुरस्कार को दिल्ली मेट्रो के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के हिंदी के प्रति समर्पण और सतत परिश्रम का प्रतिफल बताया तथा सभी कार्मिकों को बधाई दी।
राजभाषा कार्यान्वयन में DMRC की भूमिका
गौरतलब है कि DMRC ने हाल के वर्षों में प्रशासनिक पत्राचार, यात्री सूचना सेवाओं, डिजिटल मंचों और कर्मचारी प्रशिक्षण में हिंदी के व्यापक उपयोग को प्राथमिकता दी है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा नीति के अनुपालन को और अधिक सुदृढ़ करने पर ज़ोर दे रही है।
लगातार दूसरी बार यह प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना दिल्ली मेट्रो की निरंतरता और संस्थागत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह पुरस्कार उन सरकारी संस्थाओं को दिया जाता है जो राजभाषा अधिनियम के तहत हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देती हैं।
आगे की राह
DMRC ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए इसे संस्था की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया। यह सम्मान दिल्ली मेट्रो को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में देश के अग्रणी सार्वजनिक उपक्रमों में स्थापित करता है और आने वाले वर्षों में हिंदी-सेवाओं के और विस्तार की उम्मीद जगाता है।