ईडी के हिंदी जर्नल 'प्रवर्तन संदेश' को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26, क्षेत्र 'क' में द्वितीय स्थान
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हिंदी इन-हाउस जर्नल 'प्रवर्तन संदेश' को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया है। जर्नल को क्षेत्र 'क' की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया — जो केंद्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी प्रयोग की दृष्टि से दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान है।
पुरस्कार समारोह का आयोजन
14 सितंबर 2026 को मुंबई में हिंदी दिवस-2026 और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और नित्यानंद राय ने पुरस्कार सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। यह आयोजन हर वर्ष हिंदी दिवस के अवसर पर सरकारी संस्थाओं में राजभाषा को बढ़ावा देने वाले कार्यों को राष्ट्रीय मान्यता देने के लिए होता है।
'प्रवर्तन संदेश' — क्या है यह जर्नल
'प्रवर्तन संदेश' ईडी का हिंदी में प्रकाशित इन-हाउस जर्नल है, जिसके माध्यम से निदेशालय से जुड़े जटिल कानूनी, वित्तीय और जाँच-संबंधी विषयों को सरल, सहज और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत किया जाता है। इसका उद्देश्य ईडी के कामकाज के विभिन्न पहलुओं को व्यापक हिंदी पाठक वर्ग तक पहुँचाने के साथ-साथ आधिकारिक कार्यों में राजभाषा के प्रगतिशील उपयोग को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाना है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में राजभाषा हिंदी के अनुपालन को लेकर अधिक सक्रिय रूप से समीक्षा कर रही है।
पुरस्कृत अंकों की थीम
वर्ष 2025-26 में प्रकाशित अंक-9 की थीम 'ईडी का आतंकवाद वित्तपोषण के खिलाफ अभियान' रही। इसमें आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध ईडी की कार्रवाइयों के साथ-साथ वित्तीय अपराध और राष्ट्रीय एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को प्रमुखता दी गई।
अंक-10 की थीम 'जनहित से राष्ट्रहित तक: ईडी की पीड़ित-केंद्रित कार्रवाई और राहत' रखी गई। इसमें कानून का प्रवर्तन, पारदर्शिता, विस्तारित न्याय, प्रतिपूर्ति, सुरक्षित अर्थव्यवस्था, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों को रेखांकित किया गया। इस अंक में अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने, उन्हें कुर्क करने और अंततः पीड़ितों को वापस लौटाने की प्रक्रिया को विशेष रूप से उजागर किया गया।
ईडी की राजभाषा के क्षेत्र में उपलब्धियाँ
यह पहली बार नहीं है कि ईडी को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान मिली है। 2024 में गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित एआई पर अखिल भारतीय हिंदी लघु फिल्म निर्माण प्रतियोगिता में भी प्रवर्तन निदेशालय ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया था। यह ईडी की राजभाषा के प्रति निरंतर और संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ईडी ने कहा है कि राजभाषा कीर्ति पुरस्कार की प्राप्ति निदेशालय की उस प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय स्वीकृति है, जिसके तहत हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को संस्थागत कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
आगे की दिशा
इस पुरस्कार के बाद ईडी से अपेक्षा है कि वह 'प्रवर्तन संदेश' के आगामी अंकों में और अधिक विषयगत गहराई के साथ राजभाषा प्रयोग को संस्थागत स्तर पर मज़बूत करे। हिंदी दिवस के इस अवसर पर मिली राष्ट्रीय पहचान सरकारी संस्थाओं में हिंदी-माध्यम संचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।