विमेंस एशिया कप 2026: क्रांति गौड़ पर ICC का 10% जुर्माना, दुलानी को बोल्ड करने के बाद किया था पवेलियन इशारा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के चलते मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। यह घटना दुबई में 14 सितंबर 2026 को खेले गए उस फाइनल मुकाबले की है, जिसमें भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।
क्या था पूरा मामला
श्रीलंका की पारी के शुरुआती ओवर में क्रांति गौड़ ने ओपनर इमेशा दुलानी को बोल्ड किया और विकेट के जश्न में पवेलियन की ओर इशारा किया। ICC खिलाड़ी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के तहत यह व्यवहार उल्लंघनकारी माना जाता है, जो ऐसी भाषा, हरकतों या इशारों को प्रतिबंधित करता है जो किसी बल्लेबाज के आउट होने पर उनका अपमान करें या आक्रामक प्रतिक्रिया को भड़काएँ।
अंपायरों ने दर्ज किया आरोप
यह आरोप ऑन-फील्ड अंपायर सलीमा इम्तियाज और शथिरा जाकिर जेसी ने दर्ज किए। थर्ड अंपायर रोकेया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फराह भी इस प्रक्रिया में शामिल रहीं। इसके बाद ICC इंटरनेशनल पैनल की मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने जुर्माने की घोषणा की।
क्रांति ने स्वीकारी सजा
क्रांति गौड़ ने आरोप स्वीकार करते हुए निर्धारित सजा मान ली, जिससे औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। मैच फीस में कटौती के साथ-साथ उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया। गौरतलब है कि यह 24 महीने की अवधि में उनका पहला अपराध था।
ICC नियमों के अनुसार, लेवल 1 के उल्लंघनों पर मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट प्वाइंट तक की सजा दी जा सकती है, जिसे देखते हुए क्रांति को न्यूनतम दंड ही मिला।
पाकिस्तान पर भी अलग जुर्माना
एक अलग घटनाक्रम में, शुक्रवार को सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ धीमी ओवर-रेट बनाए रखने के लिए पाकिस्तान की टीम पर मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। ICC आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के अनुसार, समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी पाकिस्तान अपने लक्ष्य से एक ओवर पीछे पाई गई। पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने गलती स्वीकार करते हुए सजा मान ली।
भारत की ऐतिहासिक जीत
इन अनुशासनात्मक कार्रवाइयों के बावजूद, विमेंस एशिया कप 2026 में भारत की 72 रन की जीत टूर्नामेंट का सबसे बड़ा पल रही। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एशिया में वर्चस्व की निरंतरता को दर्शाती है। आने वाले महीनों में ICC महिला टूर्नामेंट में भारत की दावेदारी और मज़बूत होने की उम्मीद है।