रोहिणी हत्याकांड: ई-रिक्शा चालक अभिषेक की मौत, दो महिलाओं समेत पाँच गिरफ्तार — 24 घंटे में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-28 में 12 सितंबर 2026 की रात एक मामूली सड़क झगड़े के बाद ई-रिक्शा चालक अभिषेक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझाते हुए दो महिलाओं समेत पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, मोटरसाइकिल, स्कूटी और खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
पुलिस जाँच के अनुसार, 12 सितंबर की रात रोहिणी के सेक्टर-28 में नए बने आयुर्वेद अस्पताल के निकट एक मोटरसाइकिल और स्कूटी के बीच मामूली टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक अभिषेक ने बीच-बचाव करने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, इसी बीच आरोपी हिमांशु और अभिषेक के बीच हाथापाई हो गई, जिसमें अभिषेक ने हिमांशु को थप्पड़ मारा और उसकी गर्दन पकड़ ली। आरोपी अनुज ने इसी दौरान अभिषेक को पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी सचिन उर्फ संतोष ने चाकू निकालकर अभिषेक पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल अभिषेक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार पाँचों आरोपियों की पहचान इस प्रकार है — अनुज (19 वर्ष), हिमांशु (21 वर्ष), सचिन उर्फ संतोष (22 वर्ष), नंदिनी तिवारी (19 वर्ष) और कुंती उर्फ वंशिका (18 वर्ष)। पुलिस के अनुसार तीनों पुरुष आरोपी शाहबाद इलाके के रहने वाले हैं, जबकि दोनों महिला आरोपी जहाँगीरपुरी की निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक, सचिन उर्फ संतोष पर चाकू मारने का मुख्य आरोप है। हिमांशु की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद हुआ। दोनों महिलाएँ घटना के समय उसी समूह के साथ मौजूद थीं और पुलिस जाँच में उनकी भूमिका सामने आई है।
जाँच और पुलिस की कार्रवाई
मामला दर्ज होते ही शाहबाद डेयरी थाने की कई विशेष टीमें तैयार की गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, तकनीकी जाँच की और स्थानीय खुफिया सूत्रों से जानकारी जुटाई। लगातार फील्ड इन्वेस्टिगेशन के बाद सभी पाँचों आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिए गए।
यह पूरा ऑपरेशन संयुक्त सीपी नॉर्दर्न रेंज विजय सिंह के निर्देशों, डीसीपी आउटर नॉर्थ शोभित डी. सक्सेना के मार्गदर्शन और एससीपी बवाना गौरव सिंह की निगरानी में संपन्न हुआ। जाँच का नेतृत्व एसएचओ इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ किया, जिसमें सब इंस्पेक्टर घनश्याम, हेड कांस्टेबल अनिरुद्ध, विक्रम, नीरज, विपिन, मुकेश, हेड कांस्टेबल सुमन मान और हेड कांस्टेबल सीमा शामिल थे।
घटना का व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में सड़क पर छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि इस मामले में मध्यस्थता करने की कोशिश करने वाले एक निर्दोष व्यक्ति की जान गई, जो इस तरह के विवादों की गंभीरता को रेखांकित करता है। पुलिस ने रिकॉर्ड समय में मामले का खुलासा करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।