भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव 2026: भाजपा ने 45 वार्ड जीते, कांग्रेस 10 पर सिमटी
सारांश
मुख्य बातें
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 70 में से 45 वार्डों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत के साथ बोर्ड पर अपना दबदबा बरकरार रखा है। 14 सितंबर 2026 को घोषित इन परिणामों में कांग्रेस केवल 10 सीटों पर सिमट गई, जबकि 15 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
मतदान और चुनावी प्रक्रिया
यह चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ — पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को हुआ। पहले चरण में 162 निकायों में 76.41% और दूसरे चरण में 147 निकायों में 71.69% मतदान दर्ज किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 74.05% रहा।
गौरतलब है कि राजस्थान में इस बार 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाओं में एक साथ चुनाव आयोजित हुए — जो राज्य में नगर निकाय चुनावों का व्यापक दौर रहा।
सबसे बड़ी जीत और सबसे करीबी मुकाबला
इस चुनाव में सबसे बड़ी जीत वार्ड 36 से भाजपा के राजेन्द्र कुमार जैन ने दर्ज की, जिन्होंने 2,313 वोटों के विशाल अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया। वार्ड 9 में भाजपा की जसवंत कंवर ने 2,165 वोटों से और वार्ड 60 में भाजपा की सुमन ओझा ने 1,893 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
वहीं, चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला वार्ड 7 में देखने को मिला, जहाँ निर्दलीय उम्मीदवार इंदू टांक ने भाजपा प्रत्याशी गजराज कंवर को मात्र छह वोटों के सूक्ष्म अंतर से हरा दिया — जो इस पूरे चुनाव का सबसे करीबी परिणाम रहा।
वार्डवार विजेताओं की पूरी सूची
भाजपा के विजेताओं में शामिल हैं — वार्ड 2 से संपत गंधर्व, वार्ड 3 से राजेन्द्र मेहता, वार्ड 5 से पिंकी विश्नोई, वार्ड 6 से महेन्द्र सिंह, वार्ड 8 से मिथिलेश चंदेल, वार्ड 9 से जसवंत कंवर, वार्ड 11 से दिनेश सुथार, वार्ड 13 से हिमांशु, वार्ड 15 से जगदीश भाटी, वार्ड 16 से राधेश्याम सोमानी, वार्ड 17 से राजेन्द्र पोरवाल, वार्ड 18 से नरेन्द्र तिवाड़ी, वार्ड 20 से नीरज छीपा, वार्ड 21 से नारायण जाट, वार्ड 22 से सीमा कंवर और वार्ड 25 से देवेंद्र मेघवंशी।
इसी क्रम में वार्ड 26 से शंकर जाट, वार्ड 28 से बिलेश्वर डाड, वार्ड 29 से खुशबू गुसाई, वार्ड 30 से ममता बाहेती, वार्ड 31 से सौरभ तंवर, वार्ड 32 से हेमराज आचार्य, वार्ड 33 से नेहा जोशी, वार्ड 34 से आभा लढ़ा, वार्ड 36 से राजेन्द्र जैन, वार्ड 37 से शालिनी बैरागी, वार्ड 38 से मोहिनी माली, वार्ड 42 से रौनक हिंगड, वार्ड 43 से बनवारी लाल जोशी, वार्ड 44 से किशोर कुमार लखवानी और वार्ड 48 से प्रेम देवी विजयी रहे।
भाजपा के शेष विजेताओं में वार्ड 52 से रमेश खोईवाल, वार्ड 53 से रमेश चंद्र कोली, वार्ड 54 से नारायण गुर्जर, वार्ड 57 से सजना खटीक, वार्ड 58 से सुभाष सोनी, वार्ड 59 से चन्दा त्रिपाठी, वार्ड 60 से सुमन ओझा, वार्ड 61 से पूर्णिमा जैन, वार्ड 62 से गौतम शर्मा, वार्ड 63 से सुरेंद्र सिंह, वार्ड 64 से जगदीश गुर्जर, वार्ड 66 से शिल्पा मीना, वार्ड 67 से राजलक्ष्मी कंवर और वार्ड 70 से पद्मिनी बिश्नोई शामिल हैं।
कांग्रेस के विजेताओं में वार्ड 1 से योगेश सोनी, वार्ड 4 से राहुल जाट, वार्ड 23 से सत्यवीर, वार्ड 24 से पूनम अटवाल, वार्ड 27 से शिव प्रकाश घावरी, वार्ड 40 से शबनम, वार्ड 47 से उस्मान पठान, वार्ड 49 से दीपक पुरोहित, वार्ड 55 से अनिल डिडवानिया और वार्ड 68 से राधेश्याम गुर्जर शामिल हैं।
निर्दलीय विजेताओं में वार्ड 7 से इंदू टांक, वार्ड 10 से संतोष कंवर, वार्ड 12 से श्यामा देवी जाट, वार्ड 14 से निसार मोहम्मद, वार्ड 19 से शिवराज गुर्जर, वार्ड 35 से उदयलाल माली, वार्ड 39 से बाबू लाल डुंगरवाल, वार्ड 41 से ममता ठाकुर, वार्ड 45 से जितेश चपलोत, वार्ड 46 से जाहिदा बानो, वार्ड 51 से मंजू देवी सेन, वार्ड 56 से गोपाल कीर, वार्ड 65 से ललिता सुवालका और वार्ड 69 से कमलेश सुवालका शामिल हैं। वार्ड 50 से इमरान रंगरेज (एसडीपीआई) ने भी जीत दर्ज की।
राजनीतिक संदर्भ और निहितार्थ
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार को सत्ता में आए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की यह जीत राज्य में सत्तारूढ़ दल की लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए यह परिणाम चिंताजनक है — 70 में से मात्र 10 सीटें पार्टी की संगठनात्मक कमज़ोरी को उजागर करती हैं। निर्दलीयों का 15 सीटें जीतना भी यह दर्शाता है कि कुछ वार्डों में मतदाताओं ने दोनों प्रमुख दलों को नकारा।
आगे क्या होगा
नवनिर्वाचित पार्षद अब महापौर चुनाव की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए पार्टी का महापौर पद पर नियंत्रण लगभग तय माना जा रहा है। निर्दलीय विजेताओं की भूमिका भविष्य के नगर निगम निर्णयों में महत्वपूर्ण हो सकती है।