डीडवाना नगर परिषद चुनाव: BJP-कांग्रेस-RLP के प्रत्याशियों की जमानत जब्त, किसी को मिले सिर्फ 2 वोट
सारांश
मुख्य बातें
डीडवाना नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति में बड़े दलों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 सितंबर 2026 को सामने आए परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 40 में से 14 वार्डों में जीत दर्ज की। किसी पार्टी प्रत्याशी को महज 2 वोट तो किसी को 6 और 7 वोट ही मिले — यह नतीजे बड़े दलों की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढाँचे पर गहरी चोट करते हैं।
BJP के प्रत्याशियों का प्रदर्शन
BJP ने 40 में से 34 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 19 से BJP प्रत्याशी कमला देवी को महज 2 वोट मिले — जो पूरे चुनाव में किसी दल-समर्थित प्रत्याशी का सबसे कमज़ोर प्रदर्शन रहा। वार्ड नंबर 32 से शोभित चौहान को 6 वोट और वार्ड नंबर 26 से सुरेंद्र कुमार को 13 वोट मिले।
वार्ड नंबर 30 से ममता देवी को 24 वोट, वार्ड नंबर 4 से जावेद अख्तर को 25 वोट और वार्ड नंबर 1 से मंजू देवी को 26 वोट मिले। वार्ड नंबर 11 से अजरुद्दीन को 38 वोट, वार्ड नंबर 36 से सुनील भाटी को 63 वोट, वार्ड नंबर 22 से सरिता को 83 वोट और वार्ड नंबर 3 से पिंकी देवी को 103 वोट मिले।
कांग्रेस के प्रत्याशियों का हाल
कांग्रेस ने 37 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। वार्ड नंबर 13 से तरुण कंदोई को केवल 21 वोट, वार्ड नंबर 14 से अब्बास अली को 34 वोट और वार्ड नंबर 6 से भोमसिंह चौधरी को 67 वोट मिले। इसके अलावा वार्ड नंबर 8 से उम्मेद सिंह को 52 वोट, वार्ड नंबर 25 से श्वेता उपाध्याय को 63 वोट और वार्ड नंबर 10 से नियाज मोहम्मद को 104 वोट मिले।
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राजस्थान में संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश में है। स्थानीय स्तर पर इतने कम वोट आने से पार्टी नेतृत्व के लिए मंथन अपरिहार्य हो गया है।
RLP और BSP की स्थिति
RLP ने 7 वार्डों में प्रत्याशी उतारे। वार्ड नंबर 39 से जगदीश को 7 वोट, वार्ड नंबर 40 से कंचन नायक को 22 वोट, वार्ड नंबर 4 से फरमान खान को 33 वोट, वार्ड नंबर 5 से नासिर खान को 49 वोट और वार्ड नंबर 19 से सैयद आरिफ अली को 26 वोट मिले।
BSP ने केवल एक वार्ड — वार्ड नंबर 25 — में अपना उम्मीदवार उतारा था, जहाँ सुगना देवी को मात्र 5 वोट मिले। यह BSP के लिए भी अत्यंत निराशाजनक परिणाम रहा।
परबतसर में भी यही तस्वीर
गौरतलब है कि यह रुझान केवल डीडवाना तक सीमित नहीं रहा। उसी ज़िले के परबतसर में भी इसी प्रकार के नतीजे सामने आए, जहाँ वार्ड नंबर 13 से BJP उम्मीदवार कैलाशचंद को मात्र 1 वोट और वार्ड नंबर 20 से RLP के उम्मीदवार भंवरलाल को भी महज 1 वोट मिला।
क्या होगा आगे
इन नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का नाम और चुनाव-चिह्न अकेले जीत की गारंटी नहीं बन सकते। मतदाताओं ने बड़े दलों की जगह निर्दलीय प्रत्याशियों पर भरोसा जताया, जो स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक कमज़ोरी और उम्मीदवार चयन की खामियों को उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों के बाद तमाम दलों में हार की समीक्षा और जमीनी संगठन को मज़बूत करने की प्रक्रिया शुरू होना तय है।