14 सितंबर 2026
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डीडवाना नगर परिषद चुनाव: BJP-कांग्रेस-RLP के प्रत्याशियों की जमानत जब्त, किसी को मिले सिर्फ 2 वोट

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डीडवाना नगर परिषद चुनाव: BJP-कांग्रेस-RLP के प्रत्याशियों की जमानत जब्त, किसी को मिले सिर्फ 2 वोट

सारांश

डीडवाना नगर परिषद चुनाव में बड़े दलों के लिए शर्मनाक नतीजे — BJP की एक प्रत्याशी को सिर्फ 2 वोट, RLP के उम्मीदवार को 7 और BSP को 5। 14 वार्डों में निर्दलीयों ने झंडा गाड़ा। यह सिर्फ हार नहीं, बल्कि पार्टी संगठन और उम्मीदवार चयन पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

मुख्य बातें

डीडवाना नगर परिषद के 40 वार्डों में हुए चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की।
BJP की कमला देवी ( वार्ड नंबर 19 ) को मात्र 2 वोट मिले — पूरे चुनाव में किसी दलीय प्रत्याशी का न्यूनतम मत।
BJP, कांग्रेस, RLP और BSP — चारों प्रमुख दलों के कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।
BSP ने केवल एक वार्ड में उम्मीदवार उतारा, जिसे 5 वोट मिले; RLP के जगदीश को 7 वोट ।
परबतसर में BJP और RLP उम्मीदवारों को 1-1 वोट मिला।
नतीजों के बाद सभी प्रमुख दलों में हार की समीक्षा और संगठन पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

डीडवाना नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति में बड़े दलों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 सितंबर 2026 को सामने आए परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 40 में से 14 वार्डों में जीत दर्ज की। किसी पार्टी प्रत्याशी को महज 2 वोट तो किसी को 6 और 7 वोट ही मिले — यह नतीजे बड़े दलों की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढाँचे पर गहरी चोट करते हैं।

BJP के प्रत्याशियों का प्रदर्शन

BJP ने 40 में से 34 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 19 से BJP प्रत्याशी कमला देवी को महज 2 वोट मिले — जो पूरे चुनाव में किसी दल-समर्थित प्रत्याशी का सबसे कमज़ोर प्रदर्शन रहा। वार्ड नंबर 32 से शोभित चौहान को 6 वोट और वार्ड नंबर 26 से सुरेंद्र कुमार को 13 वोट मिले।

वार्ड नंबर 30 से ममता देवी को 24 वोट, वार्ड नंबर 4 से जावेद अख्तर को 25 वोट और वार्ड नंबर 1 से मंजू देवी को 26 वोट मिले। वार्ड नंबर 11 से अजरुद्दीन को 38 वोट, वार्ड नंबर 36 से सुनील भाटी को 63 वोट, वार्ड नंबर 22 से सरिता को 83 वोट और वार्ड नंबर 3 से पिंकी देवी को 103 वोट मिले।

कांग्रेस के प्रत्याशियों का हाल

कांग्रेस ने 37 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। वार्ड नंबर 13 से तरुण कंदोई को केवल 21 वोट, वार्ड नंबर 14 से अब्बास अली को 34 वोट और वार्ड नंबर 6 से भोमसिंह चौधरी को 67 वोट मिले। इसके अलावा वार्ड नंबर 8 से उम्मेद सिंह को 52 वोट, वार्ड नंबर 25 से श्वेता उपाध्याय को 63 वोट और वार्ड नंबर 10 से नियाज मोहम्मद को 104 वोट मिले।

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राजस्थान में संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश में है। स्थानीय स्तर पर इतने कम वोट आने से पार्टी नेतृत्व के लिए मंथन अपरिहार्य हो गया है।

RLP और BSP की स्थिति

RLP ने 7 वार्डों में प्रत्याशी उतारे। वार्ड नंबर 39 से जगदीश को 7 वोट, वार्ड नंबर 40 से कंचन नायक को 22 वोट, वार्ड नंबर 4 से फरमान खान को 33 वोट, वार्ड नंबर 5 से नासिर खान को 49 वोट और वार्ड नंबर 19 से सैयद आरिफ अली को 26 वोट मिले।

BSP ने केवल एक वार्डवार्ड नंबर 25 — में अपना उम्मीदवार उतारा था, जहाँ सुगना देवी को मात्र 5 वोट मिले। यह BSP के लिए भी अत्यंत निराशाजनक परिणाम रहा।

परबतसर में भी यही तस्वीर

गौरतलब है कि यह रुझान केवल डीडवाना तक सीमित नहीं रहा। उसी ज़िले के परबतसर में भी इसी प्रकार के नतीजे सामने आए, जहाँ वार्ड नंबर 13 से BJP उम्मीदवार कैलाशचंद को मात्र 1 वोट और वार्ड नंबर 20 से RLP के उम्मीदवार भंवरलाल को भी महज 1 वोट मिला।

क्या होगा आगे

इन नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का नाम और चुनाव-चिह्न अकेले जीत की गारंटी नहीं बन सकते। मतदाताओं ने बड़े दलों की जगह निर्दलीय प्रत्याशियों पर भरोसा जताया, जो स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक कमज़ोरी और उम्मीदवार चयन की खामियों को उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों के बाद तमाम दलों में हार की समीक्षा और जमीनी संगठन को मज़बूत करने की प्रक्रिया शुरू होना तय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उम्मीदवार का नहीं, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया का है। राजस्थान में निकाय चुनावों में यह प्रवृत्ति बताती है कि मतदाता अब टिकट नहीं, चेहरा देखता है। बड़े दलों के लिए असली चुनौती अगले विधानसभा चुनाव से पहले इस स्थानीय संगठनात्मक विफलता से सबक लेने की है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडवाना नगर परिषद चुनाव में सबसे कम वोट किसे मिले?
BJP की प्रत्याशी कमला देवी को वार्ड नंबर 19 से मात्र 2 वोट मिले, जो पूरे चुनाव में किसी दल-समर्थित उम्मीदवार का सबसे कम मत रहा। परबतसर में BJP के कैलाशचंद और RLP के भंवरलाल को भी केवल 1-1 वोट मिला।
डीडवाना नगर परिषद के 40 वार्डों में किसने जीत दर्ज की?
14 सितंबर 2026 को आए नतीजों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 40 में से 14 वार्डों में जीत हासिल की। BJP, कांग्रेस, RLP और BSP सहित सभी प्रमुख दलों के कई उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
जमानत जब्त होने के लिए कितने वोट ज़रूरी होते हैं?
भारतीय चुनाव नियमों के अनुसार, यदि कोई प्रत्याशी कुल वैध मतों के छठे हिस्से से कम वोट प्राप्त करता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। डीडवाना में कई प्रत्याशी इस सीमा से बहुत नीचे रहे।
RLP और BSP का प्रदर्शन डीडवाना चुनाव में कैसा रहा?
RLP ने 7 वार्डों में उम्मीदवार उतारे, जिनमें वार्ड नंबर 39 से जगदीश को केवल 7 वोट और वार्ड नंबर 40 से कंचन नायक को 22 वोट मिले। BSP ने एकमात्र वार्ड नंबर 25 में सुगना देवी को उतारा, जिन्हें महज 5 वोट मिले।
इन नतीजों का राजनीतिक असर क्या होगा?
इन परिणामों के बाद BJP, कांग्रेस और RLP में हार की समीक्षा और संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि मतदाताओं ने दलीय प्रत्याशियों के बजाय निर्दलीयों को तरजीह देकर यह संकेत दिया है कि उम्मीदवार चयन में सुधार ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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