गुजरात स्थानीय चुनाव 2026: भाजपा ने सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा बरकरार, कुल 7,491 सीटें जीतीं

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गुजरात स्थानीय चुनाव 2026: भाजपा ने सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा बरकरार, कुल 7,491 सीटें जीतीं

सारांश

गुजरात स्थानीय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन महज जीत नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में उसके अटूट वर्चस्व की पुनः पुष्टि है। सभी 15 नगर निगम, 33 जिला पंचायत और 7,491 कुल सीटें — यह जनादेश 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की मज़बूत ज़मीन का संकेत देता है।

Key Takeaways

  • भाजपा ने गुजरात के सभी 15 नगर निगमों पर नियंत्रण बरकरार रखा और कुल 7,491 सीटें जीतीं।
  • 84 नगर पालिकाओं में से 78, 34 जिला पंचायतों में से 33 और 260 तालुका पंचायतों में से 253 भाजपा के खाते में।
  • आप की सूरत नगर निगम में सीटें 2021 के 27 से घटकर 4 रह गईं; नर्मदा जिला पंचायत एकमात्र अपवाद जहाँ आप ने 22 में से 15 सीटें जीतीं।
  • कांग्रेस ने कुल 1,740 सीटें जीतीं, मुख्यतः बनासकांठा, पाटन और तापी में उपस्थिति।
  • कुल मतदान 57.13%25 रहा; ग्रामीण क्षेत्रों में तालुका पंचायत स्तर पर सर्वाधिक 62.38%25 मतदान।
  • अहमदाबाद नगर निगम पर भाजपा का कब्जा 2005 से लगातार बना हुआ है।

गांधीनगर, 28 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात के स्थानीय स्व-शासन चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य के सभी 15 नगर निगमों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखा और कुल 7,491 सीटें जीतकर व्यापक जनादेश हासिल किया। 84 नगर पालिकाओं में से 78 पर भाजपा का परचम लहराया, जबकि 34 जिला पंचायतों में से 33 और 260 तालुका पंचायतों में से 253 पर पार्टी ने सरकार बनाई।

चुनाव का दायरा और मतदान

इस बार गुजरात में 15 नगर निगम, 84 नगर पालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तालुका पंचायत के लिए मतदान हुआ। कुल 10,005 सीटों में से 732 सीटें मतगणना शुरू होने से पहले ही भाजपा ने निर्विरोध जीत लीं। समग्र मतदान प्रतिशत 57.13%25 रहा। नगर निगमों में 49.02%25, नगर पालिकाओं में 59.50%25, जिला पंचायतों में 61.69%25 और तालुका पंचायतों में 62.38%25 मतदान दर्ज किया गया, जो दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी अपेक्षाकृत अधिक रही।

नगर निगमों में भाजपा का दबदबा

नगर निगम स्तर पर भाजपा ने सभी 15 निकायों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की। सूरत में पार्टी ने 120 में से 115 सीटें जीतीं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) की सीटें 2021 के 27 से घटकर महज 4 रह गईं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को केवल 1 सीट मिली। अहमदाबाद में 192 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 160 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया — यह नगर निकाय 2005 से पार्टी के पास है। राजकोट में 72 में से 65, वडोदरा में 58 में से 55 और जामनगर में 64 में से 60 सीटें भाजपा के खाते में गईं। मोरबी और पोरबंदर में पार्टी ने दोनों निगमों की सभी 52-52 सीटें जीतकर पूर्ण वर्चस्व स्थापित किया। अन्य नगर निगमों में भाजपा के प्रदर्शन का विवरण इस प्रकार रहा — गांधीधाम (52 में से 41), मेहसाणा (52 में से 47), सुरेंद्रनगर और नाडियाड (दोनों में 52 में से 51), भावनगर (52 में से 44), नवसारी (52 में से 50), वापी (52 में से 37) और करमसद-आनंद (52 में से 43)।

जिला और तालुका पंचायतों में परिणाम

जिला पंचायत स्तर पर भाजपा ने नर्मदा को छोड़कर सभी 33 जिलों में सरकार बनाई। नर्मदा में आप ने 22 में से 15 सीटें जीतकर उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि भाजपा को वहाँ केवल 7 सीटें मिलीं। कच्छ में भाजपा ने 38 में से 30, बनासकांठा में 32 सीटें (कांग्रेस को 16), मेहसाणा में 42 में से 38 और अहमदाबाद जिले में 34 में से 32 सीटें जीतीं। राजकोट और सूरत जिलों में भाजपा ने क्रमशः 36 में से 34 और 36 में से 35 सीटें जीतीं। तालुका स्तर पर अमरेली जिले में आप ने बगसरा तालुका पंचायत जीतकर पहली बार किसी पंचायत संस्था पर कब्जा जमाया।

विपक्ष का प्रदर्शन

कांग्रेस ने कुल 1,740 सीटें जीतीं और बनासकांठा, पाटन तथा तापी जैसे जिलों में कुछ उपस्थिति दर्ज कराई। नगर पालिका स्तर पर उसे केवल 6 सीटें मिलीं। आप ने शहरी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति में भारी गिरावट देखी, हालाँकि नर्मदा और बगसरा जैसे ग्रामीण इलाकों में उसे सीमित लाभ मिला। निर्दलीय और अन्य दलों ने मिलकर 755 सीटें हासिल कीं। गौरतलब है कि 877 नामांकन रद्द हुए और 22 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस लिया।

2021 से तुलना और आगे की राह

ये नतीजे 2021 के स्थानीय चुनावों की प्रवृत्ति को मोटे तौर पर दोहराते हैं, जब भाजपा ने सभी नगर निगमों पर कब्जा किया था और आप एक उभरती तीसरी शक्ति के रूप में सामने आई थी। इस बार आप की शहरी उपस्थिति में नाटकीय गिरावट आई है, जो पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और इन स्थानीय नतीजों को उसी दृष्टि से देखा जाएगा।

Point of View

बल्कि प्रतिस्पर्धा की गुंजाइश भी सिकुड़ रही है। आप के लिए यह नतीजा गंभीर चेतावनी है; 2021 में सूरत में 27 सीटें जीतने वाली पार्टी 2026 में केवल 4 पर सिमट गई, जो दर्शाता है कि शहरी असंतोष को स्थायी राजनीतिक आधार में बदलना उसके लिए कठिन साबित हो रहा है। कांग्रेस की 1,740 सीटें संख्या में ठीक-ठाक लग सकती हैं, लेकिन वे मुख्यतः बिखरी हुई हैं और किसी ठोस शहरी या ज़िला-स्तरीय गढ़ का निर्माण नहीं करतीं। असली सवाल यह है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष कोई साझा आख्यान बना पाएगा, या भाजपा का यह एकतरफा वर्चस्व और गहरा होता जाएगा।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात स्थानीय चुनाव 2026 में भाजपा ने कुल कितनी सीटें जीतीं?
भाजपा ने गुजरात के स्थानीय चुनावों में कुल 7,491 सीटें जीतीं। इसमें सभी 15 नगर निगम, 78 नगर पालिका, 33 जिला पंचायत और 253 तालुका पंचायत शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी का गुजरात स्थानीय चुनावों में क्या प्रदर्शन रहा?
आप का शहरी प्रदर्शन 2021 की तुलना में काफी कमज़ोर रहा — सूरत नगर निगम में उसकी सीटें 27 से घटकर 4 रह गईं। हालाँकि नर्मदा जिला पंचायत में आप ने 22 में से 15 सीटें जीतकर और अमरेली के बगसरा तालुका पंचायत में पहली बार जीत दर्ज कर ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित उपस्थिति बनाई।
गुजरात में नर्मदा जिला पंचायत में किसकी जीत हुई?
नर्मदा जिला पंचायत में आम आदमी पार्टी ने 22 में से 15 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को वहाँ केवल 7 सीटें मिलीं, जो पूरे चुनाव में भाजपा की एकमात्र जिला पंचायत हार रही।
गुजरात स्थानीय चुनाव 2026 में कुल मतदान प्रतिशत कितना रहा?
कुल मतदान 57.13%25 रहा। नगर निगमों में 49.02%25, नगर पालिकाओं में 59.50%25, जिला पंचायतों में 61.69%25 और तालुका पंचायतों में 62.38%25 मतदान हुआ, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक भागीदारी दर्शाता है।
अहमदाबाद नगर निगम पर भाजपा का कब्जा कब से है?
अहमदाबाद नगर निगम पर भाजपा 2005 से लगातार काबिज है। 2026 के चुनाव में पार्टी ने 192 में से 160 सीटें जीतकर इस गढ़ को और मज़बूत किया।
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