SCO बैठक बिश्केक: चीनी रक्षा मंत्री तुंग चुन ने कहा — अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करे एससीओ
सारांश
Key Takeaways
- 28 अप्रैल 2026 को बिश्केक, किर्गिस्तान में SCO सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित हुआ।
- चीनी रक्षा मंत्री तुंग चुन ने कहा कि एससीओ को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा कर न्याय और निष्पक्षता का पक्षधर बनना चाहिए।
- राष्ट्रपति शी चिनफिंग की चार वैश्विक पहलों को वैश्विक स्थिरता का आधार बताया गया।
- एससीओ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा-सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने का आह्वान किया गया।
- तुंग चुन ने रूस, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ईरान, पाकिस्तान और बेलारूस के रक्षा प्रमुखों से द्विपक्षीय वार्ता की।
शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन 28 अप्रैल 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुआ, जिसमें चीनी रक्षा मंत्री तुंग चुन ने भाग लिया और एससीओ की भूमिका पर महत्वपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में एससीओ को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करते हुए न्याय और निष्पक्षता का पक्षधर बनना चाहिए।
तुंग चुन का संबोधन: मुख्य बातें
चीनी रक्षा मंत्री तुंग चुन ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक प्रशासन पहल ने अस्थिर विश्व में मूल्यवान स्थिरता और निश्चितता प्रदान की है। उन्होंने रेखांकित किया कि ये पहलें वैश्विक स्तर पर बहुपक्षवाद को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।
चुन ने आगे कहा कि बहुपक्षवाद की मिसाल के रूप में एससीओ को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की डटकर सुरक्षा करनी चाहिए, मिलकर न्याय और निष्पक्षता की रक्षा करनी चाहिए, सुरक्षा शासन में सुधार करना चाहिए और समान विकास के ज़रिए टकराव की ज़मीन को खत्म करना चाहिए। उनके अनुसार, सतत शांति की वकालत करते हुए विकास और समृद्धि के लिए एससीओ को अपनी शक्ति का योगदान देना चाहिए।
एससीओ की 25वीं वर्षगांठ: नया प्रस्थान बिंदु
यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ नज़दीक है। तुंग चुन ने इस अवसर को एक नए प्रस्थान बिंदु के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि इस मौके पर रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा किया जाना चाहिए। उन्होंने एससीओ को अधिक एकजुट, समन्वित, जीवंत और फलदायक बनाने की दिशा में गुणवत्तापूर्ण विकास पर ज़ोर दिया।
गौरतलब है कि एससीओ की स्थापना 2001 में हुई थी और यह संगठन आज यूरेशिया के सबसे प्रभावशाली बहुपक्षीय मंचों में से एक बन चुका है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान सहित कई देश शामिल हैं।
सदस्य देशों की प्रतिबद्धता
सम्मेलन में विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों ने संकल्प व्यक्त किया कि वे रणनीतिक संपर्क को मज़बूत करेंगे, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाएंगे और क्षेत्रीय शांति व अमन-चैन को आगे बढ़ाएंगे। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कई मोर्चों पर बढ़ा हुआ है।
द्विपक्षीय वार्ताएँ
सम्मेलन के दौरान तुंग चुन ने रूस, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ईरान, पाकिस्तान और बेलारूस के रक्षा विभागों के प्रमुखों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई बताई जा रही है।
यह बैठक एससीओ के भविष्य की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है, और आने वाले महीनों में इन प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन पर सदस्य देशों की नज़र रहेगी।
(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)