दिल्ली में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन 15 मई से: परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने 29 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि दिल्ली में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू होगा।
- दिल्ली सरकार एक समग्र ई-रिक्शा नीति या विशेष नीति लाने पर गंभीरता से काम कर रही है।
- चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थलों के विकास पर सरकार और इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के बीच सहमति बनी।
- ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया ₹10 से ₹20 रखने का प्रस्ताव; चालकों के लिए कर्ज और सब्सिडी योजनाओं पर विचार।
- सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आश्वासन दिया कि नीति से किसी भी चालक का रोज़गार प्रभावित नहीं होगा।
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने 29 अप्रैल 2026 को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक महत्वपूर्ण सेमिनार में घोषणा की कि राजधानी में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू किया जाएगा। इस बैठक में दिल्ली सरकार और इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के बीच कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनसे लाखों ई-रिक्शा चालकों और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य घोषणाएँ और निर्णय
डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा न केवल चालकों के रोज़गार का मज़बूत आधार हैं, बल्कि शहर के अंतिम छोर तक सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के लिए एक समग्र ई-रिक्शा नीति अथवा अलग से विशेष नीति लाने पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। साथ ही उन्होंने राजीव तुली को यह विषय उनके संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद दिया।
चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और किराया प्रस्ताव
इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के चेयरमैन अनूज शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों की सुविधा बढ़ाने के लिए चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थलों के विकास पर सहमति बनी है। इससे न केवल चालकों को राहत मिलेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी अधिक सुचारु होगी। बैठक में न्यूनतम किराया ₹10 से ₹20 के बीच रखने का प्रस्ताव भी सामने आया।
इसके अतिरिक्त, चालकों को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए कर्ज और सब्सिडी जैसी योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। चालकों के लिए यूनिफॉर्म लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया, जिसे फेडरेशन की ओर से आधी कीमत पर उपलब्ध कराने की योजना है।
व्यापार और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव एवं चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार रोज़गार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ई-रिक्शा नीति इस प्रकार तैयार की जाएगी जिससे किसी भी चालक का रोज़गार प्रभावित न हो।
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि नीति निर्माण से पहले चालकों, निर्माताओं, बैटरी और चार्जर कंपनियों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि एक संतुलित और प्रभावी नीति लागू की जा सके।
उद्योग जगत की भागीदारी
इस अवसर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स सोसाइटी के अध्यक्ष अश्वनी सहगल, महासचिव राजीव तुली, उपाध्यक्ष पवन कक्कड़ और नितिन कपूर ने अपने विचार प्रमुखता से रखे। यह सेमिनार ई-रिक्शा निर्माताओं, डीलरों और चालकों को एक साझा मंच पर लाने का अवसर बना।
आगे की राह
गौरतलब है कि दिल्ली में ई-रिक्शा से जुड़े रजिस्ट्रेशन और नीतिगत अस्पष्टता लंबे समय से चालकों के लिए चिंता का विषय रही है। 15 मई से रजिस्ट्रेशन शुरू होने की घोषणा इस दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में समग्र ई-रिक्शा नीति का मसौदा भी सामने आने की उम्मीद है, जो राजधानी की अंतिम-मील कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकता है।