11 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: जयराम महतो ने घायल छात्रों से मुलाकात की, सीबीआई जांच और न्यायिक आयोग की मांग

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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: जयराम महतो ने घायल छात्रों से मुलाकात की, सीबीआई जांच और न्यायिक आयोग की मांग

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले का विरोध कर रहे छात्रों पर रात में हुए लाठीचार्ज के बाद जेएलकेएम विधायक जयराम महतो मैदान में उतरे। अस्पताल में घायल छात्रों से मिलने के बाद उन्होंने सीबीआई जांच, जेएसएससी सीजीएल रद्द करने और न्यायिक आयोग की माँग रखी — और टीडीपीएल विवाद को केंद्र में ला दिया।

मुख्य बातें

जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने 11 अगस्त को रांची के सदर अस्पताल में लाठीचार्ज में घायल छात्रों से मुलाकात की।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की माँग की गई।
सोमवार रात की लाठीचार्ज घटना की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की माँग।
जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी और तीन सदस्यों के इस्तीफे को अनियमितताओं का प्रमाण बताया।
टीडीपीएल से जुड़े अभय तिवारी पर ₹40–60 लाख की कथित वसूली का उल्लेख; सभी टीडीपीएल परीक्षाएँ रद्द करने की माँग।
एक विश्वविद्यालय के एक विषय के सभी 33 छात्रों के सीडीपीओ बनने पर निष्पक्ष जांच की माँग।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने 11 अगस्त को रांची के सदर अस्पताल पहुँचकर उन छात्रों से मुलाकात की जो जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए थे। महतो ने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और सोमवार रात की लाठीचार्ज की घटना की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

लाठीचार्ज की सूचना मिलते ही जयराम महतो सीधे सदर अस्पताल पहुँचे और घायल छात्रों का हाल जाना। इसके बाद वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम गए, जहाँ आंदोलनकारी छात्र एकत्र थे, और उनके साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया। महतो ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि विधानसभा का घेराव कर रहे छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग शासन की विफलता है।

विधायक के आरोप और सरकार पर सवाल

महतो ने कहा कि सरकार के पास छात्रों से संवाद कर समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय था, किंतु उसने समस्या की गंभीरता को अनदेखा किया। उन्होंने रात के अंधेरे में किए गए लाठीचार्ज की तुलना अंग्रेजी शासनकाल के अत्याचारों से करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

अनियमितताओं के साक्ष्य और टीडीपीएल विवाद

महतो ने जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी और आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे का हवाला देते हुए कहा कि ये घटनाक्रम स्वयं यह प्रमाणित करते हैं कि परीक्षाओं में अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने एक विश्वविद्यालय के एक ही विषय के सभी 33 छात्रों के सीडीपीओ पद पर चयनित होने का उल्लेख किया और इसकी निष्पक्ष जांच की माँग की।

गौरतलब है कि टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) से जुड़े मामले में कंपनी से संबद्ध अभय तिवारी पर कथित तौर पर ₹40 से 60 लाख की वसूली का आरोप है, जिसे कथित तौर पर स्वीकार किया जा चुका है। महतो ने सवाल किया कि ऐसे में सरकार सीबीआई जांच से क्यों बच रही है।

विधायक की प्रमुख माँगें

महतो ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखीं: जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति मामलों की सीबीआई जांच, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करना, टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं को निरस्त करना, और सोमवार की लाठीचार्ज घटना की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच।

आगे की स्थिति

यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज़ हुआ है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है। जेएलकेएम विधायक की इन माँगों और छात्रों के साथ की गई चर्चा से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवादहीनता की कहानी कहता है। टीडीपीएल जैसी निजी कंपनी पर सरकारी परीक्षाओं की निर्भरता और उससे जुड़े कथित वसूली के आरोप यह दिखाते हैं कि भर्ती तंत्र में संरचनात्मक सुधार की ज़रूरत है। महतो की माँगें राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रक्रियागत हैं — और यही उन्हें नज़रअंदाज़ करना सरकार के लिए और कठिन बनाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम महतो ने किस मामले में सीबीआई जांच की माँग की है?
जयराम महतो ने जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की माँग की है। जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी और तीन सदस्यों के इस्तीफे को उन्होंने इन अनियमितताओं का प्रमाण बताया।
रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित घोटाले के विरोध में छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव कर रहे थे, जिस दौरान सोमवार रात पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई छात्र घायल हुए और उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टीडीपीएल विवाद क्या है और इसका परीक्षाओं से क्या संबंध है?
टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) झारखंड की कई सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी एक निजी कंपनी है। महतो के अनुसार, कंपनी से संबद्ध अभय तिवारी ने कथित तौर पर ₹40 से 60 लाख रुपये की वसूली की, जिसे स्वीकार किया जा चुका है। महतो ने टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की माँग की है।
जयराम महतो की प्रमुख माँगें क्या हैं?
महतो ने चार प्रमुख माँगें रखी हैं: जेपीएससी-जेएसएससी मामलों की सीबीआई जांच, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करना, टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाएँ निरस्त करना, और लाठीचार्ज की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच।
एक विषय के 33 छात्रों के सीडीपीओ बनने का मामला क्या है?
महतो ने बताया कि एक विश्वविद्यालय के एक ही विषय के सभी 33 छात्र सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) पद पर चयनित हो गए, जो कथित तौर पर असामान्य है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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