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14वीं जेपीएससी पीटी विवाद: भाजयुमो का 22 जुलाई को रांची में घेराव, जयराम महतो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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14वीं जेपीएससी पीटी विवाद: भाजयुमो का 22 जुलाई को रांची में घेराव, जयराम महतो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

सारांश

14वीं जेपीएससी पीटी परिणाम का विवाद अब सड़क पर उतर आया है — भाजयुमो का 22 जुलाई को रांची में घेराव और जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का राज्यपाल को ज्ञापन, दोनों मिलकर झारखंड की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरे सवाल खड़े कर रहे हैं।

मुख्य बातें

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 22 जुलाई को रांची में जेपीएससी मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने मार्कशीट पर हस्ताक्षर न होने और आरटीआई के तहत ओएमआर शीट न मिलने का आरोप लगाया।
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने 21 जुलाई को राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित करने की माँग की।
महतो ने आधी रात को परिणाम जारी करने को संदेह का कारण बताया और भाजपा के घेराव को नैतिक समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने परिणाम रद्द करने, स्वतंत्र जाँच और कट-ऑफ सार्वजनिक करने की माँग की है।
जेपीएससी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो गया है। रांची में 22 जुलाई को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जेपीएससी मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है, जबकि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने मंगलवार, 21 जुलाई को राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित करने की माँग की।

भाजपा के आरोप और घेराव की तैयारी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में व्यापक गड़बड़ियाँ हुई हैं और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। उनके अनुसार, अभ्यर्थियों को दी गई मार्कशीट पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं।

साहू ने यह भी दावा किया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत माँगी गई ओएमआर शीट की प्रतियाँ अभ्यर्थियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कई ज़रूरी दस्तावेज़ अनुपस्थित हैं। उन्होंने बुधवार सुबह जयपाल सिंह स्टेडियम से हज़ारों युवा कार्यकर्ताओं के साथ जेपीएससी कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की।

साहू ने राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और झारखंड के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।

जयराम महतो का राज्यपाल को ज्ञापन

जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित करने की माँग की। महतो ने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की विश्वसनीयता पहले से संदिग्ध रही है और परीक्षा परिणाम आधी रात को जारी किए जाने से संदेह और गहरा हुआ है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। महतो ने भाजपा के घेराव कार्यक्रम को भी नैतिक समर्थन देने की घोषणा की।

अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की माँगें

परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अभ्यर्थी और विभिन्न छात्र संगठन पहले ही जेपीएससी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें हैं — परिणाम रद्द करना, पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच, कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करना और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। जेपीएससी की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

22 जुलाई को भाजयुमो के नेतृत्व में प्रस्तावित घेराव से रांची में तनाव बढ़ने की आशंका है। यदि आयोग या राज्य सरकार शीघ्र कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई नहीं करती, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है — जिसमें अब जेएलकेएम जैसे दल भी साथ आ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मार्कशीट पर हस्ताक्षर का अभाव और आरटीआई के तहत ओएमआर शीट न देना — ये अलग-अलग चूकें नहीं, बल्कि एक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं जो अभ्यर्थियों के भरोसे को तोड़ता है। भाजपा और जेएलकेएम जैसे विपरीत ध्रुवों का एक मंच पर आना दर्शाता है कि यह मुद्दा राजनीतिक सीमाओं से परे है। जेपीएससी की चुप्पी इस संकट को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मार्कशीट पर अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं, ओएमआर शीट आरटीआई के तहत नहीं दी जा रही और परिणाम आधी रात को जारी किया गया।
भाजयुमो का घेराव कब और कहाँ होगा?
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 22 जुलाई को रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से जेपीएससी मुख्यालय तक मार्च और घेराव का ऐलान किया है। BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हज़ारों युवा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की अपील की है।
जयराम महतो ने राज्यपाल से क्या माँग की?
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने 21 जुलाई को राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर 14वीं जेपीएससी की मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित करने और परीक्षा प्रक्रिया की जाँच कराने की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू होगा।
अभ्यर्थियों की मुख्य माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परिणाम रद्द करने, पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच, कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करने और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं। जेपीएससी ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जेपीएससी ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
21 जुलाई तक जेपीएससी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आयोग की चुप्पी ने अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों के संदेह को और गहरा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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