9 अगस्त 2026
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14वीं जेपीएससी पीटी रद्द: झारखंड सरकार ने छात्रों की बड़ी मांगें मानीं, सीजीएल रद्द नहीं, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

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14वीं जेपीएससी पीटी रद्द: झारखंड सरकार ने छात्रों की बड़ी मांगें मानीं, सीजीएल रद्द नहीं, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

सारांश

16 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने 14वीं जेपीएससी पीटी रद्द की और विवादित टीएसआर एजेंसी की ईडी जाँच मानी — लेकिन सीजीएल रद्द करने से इनकार। अनशन जारी, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी।

मुख्य बातें

14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का निर्णय 9 अगस्त को तीसरे दौर की वार्ता में लिया गया।
विवादित वेंडर टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड की सभी पूर्व परीक्षाओं के वित्तीय लेनदेन की जाँच ईडी करेगी।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने की माँग अस्वीकार; सरकार ने न्यायिक जाँच का विकल्प दिया।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों सहित उच्चस्तरीय सुधार समिति के गठन की घोषणा की।
अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव की घोषणा की है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रांची में 9 अगस्त को हुई तीसरे दौर की वार्ता में झारखंड सरकार ने 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच कई प्रमुख मांगें स्वीकार कीं। हालांकि, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की माँग सरकार ने अस्वीकार कर दी, जिसके बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।

मुख्य घटनाक्रम

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से सड़कों पर हैं। 9 अगस्त को हुई बातचीत में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। सबसे बड़ा निर्णय 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का रहा, जिस पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे।

ईडी जांच और विवादित वेंडर एजेंसी

सरकार ने विवादित वेंडर एजेंसी 'टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा आयोजित सभी पूर्व परीक्षाओं के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने पर सहमति जताई है। यह माँग छात्रों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि इस एजेंसी पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।

सीजीएल परीक्षा पर सरकार का रुख

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की माँग सरकार ने नहीं मानी। इसके बजाय, सरकार ने इस परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की न्यायिक जाँच कराने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है, और इसी कारण आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

सुधार समिति और नीतिगत बदलाव

मंत्री सुदिव्य कुमार ने घोषणा की कि पारदर्शी और धांधली-मुक्त परीक्षाएँ सुनिश्चित करने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी। इसके लिए एक उच्चस्तरीय सुधार समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रांची और जेवियर समाज सेवा संस्थान (XLRI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया जाएगा। यह कदम परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

अनशन जारी, विधानसभा घेराव का ऐलान

वार्ता के दौरान उच्चस्तरीय समिति के मंत्रियों ने अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के ज़रिए संपर्क कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। महतो ने सरकार की पहल की जानकारी मिलने के बावजूद अनशन जारी रखने का स्पष्ट ऐलान किया। सीजीएल परीक्षा रद्द न होने से नाराज़ छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। आंदोलन के अगले चरण पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सुनियोजित सुधार — और यही इसकी सीमा है। सीजीएल पर न्यायिक जाँच का विकल्प देकर सरकार ने उस माँग को टाला है जो आंदोलन की असली धुरी है। उच्चस्तरीय सुधार समिति में IIM और XLRI के नाम प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन झारखंड में परीक्षा घोटालों का इतिहास बताता है कि समिति गठन और क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर सबसे गहरी होती है। असली कसौटी यह होगी कि टीएसआर एजेंसी की ईडी जाँच कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है और सुधार समिति की सिफारिशें कानूनी बाध्यता बनती हैं या महज़ कागज़ पर रह जाती हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा क्यों रद्द की गई?
छात्रों के भारी विरोध और परीक्षा में अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते 9 अगस्त को हुई तीसरे दौर की वार्ता में सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। यह आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक थी।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द क्यों नहीं हुई?
सरकार ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने की माँग अस्वीकार कर दी और इसके बजाय गड़बड़ी के आरोपों की न्यायिक जाँच कराने का निर्णय लिया। इसी मुद्दे पर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।
टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग एजेंसी की ईडी जाँच क्या होगी?
सरकार ने विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित सभी पूर्व परीक्षाओं के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने पर सहमति दी है। इस एजेंसी पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव क्यों होगा?
सीजीएल परीक्षा रद्द न होने से नाराज़ छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो ने भी सरकार की अपील के बावजूद अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
झारखंड सरकार परीक्षा प्रणाली में क्या सुधार करने जा रही है?
मंत्री सुदिव्य कुमार के अनुसार, पारदर्शी परीक्षाएँ सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय सुधार समिति बनाई जाएगी, जिसमें IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में व्यापक नीतिगत बदलाव लाना है।
राष्ट्र प्रेस
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