14वीं जेपीएससी पीटी रद्द: झारखंड सरकार ने छात्रों की बड़ी मांगें मानीं, सीजीएल रद्द नहीं, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रांची में 9 अगस्त को हुई तीसरे दौर की वार्ता में झारखंड सरकार ने 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच कई प्रमुख मांगें स्वीकार कीं। हालांकि, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की माँग सरकार ने अस्वीकार कर दी, जिसके बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
मुख्य घटनाक्रम
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से सड़कों पर हैं। 9 अगस्त को हुई बातचीत में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। सबसे बड़ा निर्णय 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का रहा, जिस पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे।
ईडी जांच और विवादित वेंडर एजेंसी
सरकार ने विवादित वेंडर एजेंसी 'टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा आयोजित सभी पूर्व परीक्षाओं के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने पर सहमति जताई है। यह माँग छात्रों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि इस एजेंसी पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
सीजीएल परीक्षा पर सरकार का रुख
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की माँग सरकार ने नहीं मानी। इसके बजाय, सरकार ने इस परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की न्यायिक जाँच कराने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है, और इसी कारण आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
सुधार समिति और नीतिगत बदलाव
मंत्री सुदिव्य कुमार ने घोषणा की कि पारदर्शी और धांधली-मुक्त परीक्षाएँ सुनिश्चित करने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी। इसके लिए एक उच्चस्तरीय सुधार समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रांची और जेवियर समाज सेवा संस्थान (XLRI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया जाएगा। यह कदम परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
अनशन जारी, विधानसभा घेराव का ऐलान
वार्ता के दौरान उच्चस्तरीय समिति के मंत्रियों ने अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के ज़रिए संपर्क कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। महतो ने सरकार की पहल की जानकारी मिलने के बावजूद अनशन जारी रखने का स्पष्ट ऐलान किया। सीजीएल परीक्षा रद्द न होने से नाराज़ छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। आंदोलन के अगले चरण पर सभी की नज़रें टिकी हैं।