14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करो: रांची में 15 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने सरकार से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 8 अगस्त 2026 को लगातार 15वें दिन भी धरना जारी रहा, जब झारखंड सरकार ने छात्रों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस बुलाया। प्रतिनिधिमंडल एसडीओ की अगुवाई में आंदोलन स्थल से रवाना हुआ और बैठक में 14वीं जेपीएससी परीक्षा को तत्काल रद्द करने सहित कई प्रमुख माँगें सरकार के सामने रखी गईं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रतिनिधिमंडल के नेता रामावतार महतो ने कहा कि बैठक का केंद्रीय मुद्दा 14वीं जेपीएससी परीक्षा है और सरकार को इसे तुरंत निरस्त करना चाहिए। इसके साथ ही एज कटऑफ, बैकलॉग पदों और बैकलॉग-रेगुलर पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की माँग भी एजेंडे में शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल के एक अन्य सदस्य चंदन कुमार ने आरोप लगाया कि छात्र 2022 से जेएसएससी की ओर से टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करवाना चाहते हैं। उनके अनुसार, टीडीपीएल एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी कथित तौर पर जेएसएससी सीजीएल और पीजीटी परीक्षा सहित कई परीक्षाओं में स्वयं शामिल हुए थे — जो छात्रों की नज़र में गहरी अनियमितता का संकेत है।
छात्रों की माँगें
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य रविशंकर ने बताया कि अभ्यर्थी 25 जुलाई से लगातार धरने पर बैठे हैं। उन्होंने सरकार की वार्ता पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल अपनी सभी माँगों के साथ संबंधित साक्ष्य भी सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
एक अन्य छात्र प्रतिनिधि ने कहा, 'हम चाहते हैं कि हेमंत सोरेन हमारी तकलीफ दूर करें, हम सरकार के साथ सार्थक बातचीत शुरू करना चाहते हैं, हमें उम्मीद है कि यह बैठक सफल रहेगी।'
विवाद की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन ऐसे समय में तेज हुआ है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। टीडीपीएल एजेंसी पर लगाए गए आरोप — यदि सत्यापित होते हैं — तो परीक्षा प्रणाली में संस्थागत खामियों की ओर इशारा करते हैं। गौरतलब है कि एज कटऑफ और बैकलॉग पदों का मुद्दा वर्षों से झारखंड के सरकारी भर्ती ढाँचे में विवादित रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
झारखंड सरकार ने अब तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन वार्ता के लिए बुलावा भेजना आंदोलन को गंभीरता से लेने का संकेत माना जा रहा है। बैठक एसडीओ स्तर पर शुरू हुई, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि उच्च स्तरीय निर्णय कब तक आएगा।
आगे क्या होगा
सबकी नज़र स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक के नतीजे पर है। यदि सरकार छात्रों की माँगें स्वीकार नहीं करती, तो आंदोलन और तेज होने की आशंका है। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि ठोस आश्वासन के बिना धरना समाप्त नहीं होगा।