जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा, छात्र आंदोलन 15वें दिन भी अडिग
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में रांची में जारी छात्र आंदोलन 8 अगस्त 2026 को अपने 15वें दिन भी बिना किसी समाधान के चलता रहा। शनिवार को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की वार्ता करीब पौने दो घंटे चलने के बाद भी बेनतीजा समाप्त हुई। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को हुई पहले दौर की बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी थी।
वार्ता में क्या हुआ
बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हुए। छात्रों की ओर से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भाग लिया। मंत्रियों ने अभ्यर्थियों से धरना स्थगित करने की अपील की, जिसे छात्र नेताओं ने अस्वीकार कर दिया।
छात्रों का रुख
छात्र नेताओं ने वार्ता में स्पष्ट कर दिया कि विवादित परीक्षाएँ पूरी तरह रद्द किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों ने 10 अगस्त को पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव करने की घोषणा भी दोहराई। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है और फिलहाल किसी समझौते के आसार नहीं दिख रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रहेगी और पूरे राज्य के युवाओं तथा सभी हितधारकों से सुझाव लेगी। इसके लिए सरकार ने एक विशेष ईमेल आईडी जारी की है, जिस पर राज्य का कोई भी नागरिक या छात्र परीक्षा सुधार से जुड़े सुझाव भेज सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और सरकार अन्य छात्र समूहों से भी बातचीत करेगी।
सरकार ने दावा किया कि वह परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर है। मंत्री सोनू ने यह भी बताया कि सरकार ने इस मामले में सीआईडी जाँच कराई, छापेमारी की और गिरफ्तारियाँ भी कीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप नए नहीं हैं — पिछले कुछ वर्षों में भी इसी तरह के विवाद सामने आए हैं, जिनसे हज़ारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
आगे क्या होगा
सरकार ने अन्य छात्र समूहों से बातचीत जारी रखने का संकेत दिया है। हालाँकि छात्रों के 10 अगस्त के विधानसभा घेराव कार्यक्रम को देखते हुए अगले कुछ दिन निर्णायक साबित हो सकते हैं। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध टूटता है या और गहरा होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।