झारखंड छात्र आंदोलन का 24वाँ दिन: चार मंत्री आज JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से करेंगे निर्णायक वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के 24वें दिन, 17 अगस्त 2026 को रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में दोपहर दो बजे राज्य सरकार के चार मंत्रियों का समूह और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता निर्धारित है। यह बैठक आंदोलन के मौजूदा गतिरोध को तोड़ने की दिशा में निर्णायक कड़ी मानी जा रही है।
वार्ता का स्वरूप और प्रस्ताव
राज्य सरकार ने रविवार, 16 अगस्त को आंदोलनकारी छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया। अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) ने आंदोलनकारियों को आधिकारिक रूप से वार्ता की सूचना दी। सरकार ने छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत में शामिल होने की अनुमति देने की भी बात कही है, जो इस वार्ता को पहले के दौरों से अलग बनाती है।
गौरतलब है कि सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन दो प्रमुख मांगों — जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और सीबीआई जांच — पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्र दो मुख्य मांगों पर अडिग हैं। पहली — वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाए, जिसके ज़रिए दो हज़ार से अधिक पदों पर नियुक्तियाँ हो चुकी हैं। दूसरी — भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराई जाए। छात्रों का कहना है कि राज्य की सीआईडी द्वारा की जा रही मौजूदा जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है, क्योंकि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पिछले मामलों में जांच से उनका विश्वास बहाल नहीं हुआ।
सरकार का पक्ष और पूर्व की सहमतियाँ
राज्य सरकार का तर्क है कि जिस चरण में नियुक्तियाँ हो चुकी हैं, उस स्थिति में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। सरकार यह भी कहती रही है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की जांच पहले हो चुकी है और मामला न्यायिक प्रक्रिया से भी गुजर चुका है। सीबीआई जांच के विकल्प के रूप में सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे आंदोलनकारी छात्र अस्वीकार कर चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पहले ही 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर चुकी है — परीक्षा सुधार से जुड़ी कुछ मांगों पर पूर्व की वार्ताओं में सहमति भी बनी है।
विरोध मार्च और नए दबाव
वार्ता से एक दिन पहले रविवार शाम आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में विरोध मार्च निकाला। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकला यह मार्च अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुँचा, जहाँ छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके। आंदोलनकारियों ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने चेतावनी दी है कि यदि प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुँचेंगे। इसके साथ ही छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान कर दिया है।
आगे क्या होगा
आज दोपहर दो बजे होने वाली वार्ता पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यदि सरकार और छात्रों के बीच किसी साझा समाधान पर सहमति बनती है, तो करीब साढ़े तीन सप्ताह से चल रहे इस आंदोलन को विराम देने की राह खुल सकती है। बातचीत विफल रहने की स्थिति में 20 अगस्त के प्रस्तावित घेराव के साथ आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।