झारखंड छात्र आंदोलन: मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा, सरकार से दूसरे दौर की बातचीत के बाद बोला प्रतिनिधिमंडल
सारांश
मुख्य बातें
जेपीएससी-जेएसएससी एस्पिरेंट न्याय मंच के प्रतिनिधिमंडल ने 8 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार के साथ बातचीत के दूसरे दौर के बाद स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक रांची में चल रहा छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। मंच के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने उनकी बातें सुनी हैं और गंभीरता से विचार का भरोसा दिलाया है, लेकिन ठोस कार्रवाई होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
छात्र मंच झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी प्रतिनिधियों के सामने तथ्यों और साक्ष्यों के साथ अपनी माँगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल सदस्य चंदन ने कहा, 'सरकार के साथ बैठक सकारात्मक रही। हमने तथ्यों और सबूतों के साथ अपनी सभी मांगें रखीं।' सरकार ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे और शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल सदस्य अमित ने बताया कि मांगों में सबसे अहम यह है कि झारखंड आबकारी कांस्टेबल भर्ती अभियान (2024) के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में जिन उम्मीदवारों की जान चली गई, उनके परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित और अघोषित परिणाम वाली परीक्षाओं को रद्द करने की माँग भी रखी गई है। सदस्य रविशंकर ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच होनी चाहिए और गड़बड़ी पाए जाने पर इसे तत्काल रद्द किया जाए।
परीक्षा एजेंसी पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने माँग की कि भविष्य में परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी विश्वसनीय एजेंसी को दी जाए अथवा आयोग स्वयं परीक्षाएँ कराए। सदस्यों ने कहा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को परीक्षा की जिम्मेदारी देकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। सदस्य दीनबंधु मंडल ने यह भी कहा कि जो परीक्षाएँ रद्द हुई हैं, उनके रिक्त पदों को 6 महीने के भीतर भरा जाए और मेरिट सूची जारी की जाए।
सरकार की प्रतिक्रिया
रविशंकर के अनुसार, सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को पर्याप्त समय दिया और उनकी हर बात को नोट किया। सरकार ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद जल्द से जल्द निर्णय लेगी। अमित ने कहा, 'हमने ही उन्हें वोट देकर सत्ता में पहुंचाया है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह हमारी मांगों पर विचार करेगी।'
आगे क्या होगा
मंच के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जो साथी भूख हड़ताल पर हैं, वे अनशन जारी रखेंगे और आंदोलन तब तक नहीं थमेगा जब तक सरकार मांगों को पूरा करने की ठोस समयसीमा नहीं देती। यह आंदोलन झारखंड में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बढ़ती छात्र-बेचैनी का प्रतीक बनता जा रहा है।