23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना ACB का NIMS अधिकारी पर शिकंजा: ₹6.13 करोड़ की संपत्ति जब्त, जगुआर-ऑडी भी मिली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना ACB का NIMS अधिकारी पर शिकंजा: ₹6.13 करोड़ की संपत्ति जब्त, जगुआर-ऑडी भी मिली

सारांश

तेलंगाना ACB ने NIMS के वरिष्ठ डॉक्टर नोरी लक्ष्मी भास्कर के आठ ठिकानों पर छापा मारा और ₹6.13 करोड़ की संपत्ति जब्त की — जिसमें फ्लैट, प्लॉट, जगुआर-ऑडी और सोना शामिल है। सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति का यह मामला स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

तेलंगाना ACB ने 22 सितंबर 2026 को NIMS के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ.
नोरी लक्ष्मी भास्कर (56) के खिलाफ छापेमारी की।
कुल ₹6.13 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त; बाज़ार मूल्य दस्तावेज़ी मूल्य से कई गुना अधिक हो सकता है।
बरामदगी में फ्लैट, खाली प्लॉट, जगुआर, ऑडी , 517.8 ग्राम सोना और ₹5 लाख के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट शामिल।
आरोपी ने ऋण वसूली न्यायाधिकरण से विवादित फ्लैट में ₹1.30 करोड़ और विभिन्न व्यक्तियों को ₹1.33 करोड़ का ऋण दिया था।
हैदराबाद, विशाखापत्तनम सहित 8 स्थानों पर एक साथ तलाशी; अतिरिक्त संपत्तियों का सत्यापन जारी।

तेलंगाना के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ 22 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में ₹6.13 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। हैदराबाद सहित कुल आठ स्थानों पर एक साथ की गई इस तलाशी में फ्लैट, खाली प्लॉट, लग्ज़री कारें और सोने के आभूषण बरामद हुए।

तलाशी का ब्यौरा

ACB अधिकारियों ने मंगलवार को डॉ. भास्कर (56) के आवास के अलावा उनके रिश्तेदारों, मित्रों, बेनामी व अन्य सहयोगियों से जुड़े सात अन्य परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज मामले के तहत की गई।

ACB के अनुसार भास्कर ने अपनी सरकारी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों का सहारा लेकर ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति बनाई।

जब्त संपत्तियों का विवरण

तलाशी के दौरान ACB अधिकारियों को अनेक संपत्तियों के दस्तावेज़ मिले। कुकाटपल्ली स्थित एक हाई-राइज़ गेटेड कम्युनिटी में चार बेडरूम का एक फ्लैट, उसी तरह की इमारत में तीन बेडरूम के दो फ्लैट, मणिकोंडा, पेटबशीरबाद और कुकाटपल्ली में दो कमरों वाले पाँच फ्लैट और यादराडी, नंदीगामा व शमीरपेट में चार खाली प्लॉट मिले।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 800 वर्ग गज का एक खाली प्लॉट भी सामने आया। नकदी और निवेश में ₹41 लाख का बैंक बैलेंस, डाकघर में ₹12 लाख की जमा राशि, निजी वित्तीय संस्थानों में ₹35 लाख और म्यूचुअल फंड में ₹29.55 लाख का निवेश मिला।

इसके अतिरिक्त 517.8 ग्राम सोने के आभूषण, जगुआर और ऑडी समेत टाटा नेक्सन, रॉयल एनफील्ड, वेस्पा, एक्टिवा और यामाहा जैसे वाहन तथा ₹5 लाख मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी बरामद हुए।

ऋण और निवेश के संदिग्ध लेन-देन

ACB ने बताया कि आरोपी डॉक्टर ने ऋण वसूली न्यायाधिकरण के समक्ष विवादित एक फ्लैट खरीदने के लिए ₹1.30 करोड़ का निवेश किया था। साथ ही उन्होंने विभिन्न व्यक्तियों को ₹1.33 करोड़ का ऋण भी दिया था, जो सरकारी वेतन के अनुपात में असामान्य माना जा रहा है।

ACB ने स्पष्ट किया कि चल और अचल संपत्ति का वास्तविक बाज़ार मूल्य दस्तावेज़ी मूल्य से कई गुना अधिक हो सकता है।

जाँच की स्थिति

ACB के बयान के अनुसार अतिरिक्त संपत्तियों का सत्यापन अभी जारी है और मामले की विस्तृत जाँच चल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि NIMS हैदराबाद के शीर्ष सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है और वहाँ के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ इस स्तर की कार्रवाई स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गंभीरता को रेखांकित करती है।

आगामी दिनों में ACB की जाँच रिपोर्ट और सत्यापन के बाद और संपत्तियाँ सामने आ सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑडी और एकाधिक फ्लैट का मिलना यह सवाल उठाता है कि आंतरिक निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्यों विफल रहा। यह मामला अकेला नहीं है — तेलंगाना में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में भ्रष्टाचार के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन संस्थागत जवाबदेही के बजाय कार्रवाई अक्सर छापेमारी तक सिमट जाती है। असली परीक्षण यह है कि क्या ACB की यह जाँच दोषसिद्धि तक पहुँचती है, या केवल जब्ती-स्तर पर रुक जाती है — जो भ्रष्टाचार-विरोधी कार्रवाइयों की एक जानी-पहचानी कमज़ोरी रही है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना ACB ने NIMS अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
तेलंगाना ACB ने NIMS के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के आठ परिसरों पर छापेमारी कर ₹6.13 करोड़ की संपत्ति जब्त की। यह कार्रवाई 22 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई।
जब्त की गई संपत्तियों में क्या-क्या शामिल है?
जब्त संपत्तियों में हैदराबाद और विशाखापत्तनम में कई फ्लैट व खाली प्लॉट, एक जगुआर, एक ऑडी, अन्य वाहन, 517.8 ग्राम सोने के आभूषण, ₹41 लाख का बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड और निजी संस्थानों में निवेश तथा ₹5 लाख के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट शामिल हैं।
NIMS क्या है और यह मामला क्यों अहम है?
NIMS यानी निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद का एक प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहाँ के वरिष्ठ अधिकारी पर इतनी बड़ी संपत्ति का मामला सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में भ्रष्टाचार और निगरानी की विफलता को उजागर करता है।
डॉ. भास्कर पर ACB को किस आधार पर संदेह हुआ?
ACB के अनुसार डॉ. भास्कर ने सरकारी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। उन्होंने ऋण वसूली न्यायाधिकरण से विवादित फ्लैट में ₹1.30 करोड़ का निवेश और विभिन्न व्यक्तियों को ₹1.33 करोड़ का ऋण भी दिया था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ACB के बयान के अनुसार अतिरिक्त संपत्तियों का सत्यापन जारी है और मामले की जाँच अभी चल रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद कुल जब्त संपत्ति का मूल्य और बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले