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तेलंगाना ACB ने निजामाबाद आबकारी अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी को ₹3 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति में किया गिरफ्तार

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तेलंगाना ACB ने निजामाबाद आबकारी अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी को ₹3 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति में किया गिरफ्तार

सारांश

तेलंगाना ACB ने एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई — निजामाबाद आबकारी अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी को ₹3 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति के साथ गिरफ्तार किया। पाँच इमारतें, आठ प्लॉट, 10 एकड़ ज़मीन और बंद लॉकर — भ्रष्टाचार की परतें अभी और खुलनी हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना ACB ने 23 जून को निजामाबाद के आबकारी अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी को गिरफ्तार किया।
तलाशी में ₹3 करोड़ की संपत्ति मिली — जिसमें 5 इमारतें , 8 खाली प्लॉट , 10.23 एकड़ कृषि भूमि , ₹3.31 लाख नकद और ₹50 लाख बैंक बैलेंस शामिल।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दर्ज।
आरोपी की पत्नी और परिवार के नाम पर 3 बैंक लॉकर सील; जाँच में खोले जाएंगे।
यह ACB की एक सप्ताह में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी — इससे पहले उप निदेशक सुनकारी नरहरी के ठिकानों से ₹13 करोड़ की संपत्ति बरामद हुई थी।

तेलंगाना के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार, 23 जून को निजामाबाद के जिला निषेध और आबकारी कार्यालय के आबकारी अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, उनके आवास सहित उनसे जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग ₹3 करोड़ की चल और अचल संपत्ति का पता चला।

तलाशी में क्या-क्या मिला

ACB अधिकारियों को तलाशी के दौरान पाँच इमारतें — जिनमें चार रिहायशी मकान और एक वाणिज्यिक ब्लॉक शामिल हैं — आठ खाली प्लॉट और 10.23 एकड़ कृषि भूमि मिली। इसके अलावा, लगभग ₹3.31 लाख नकद, ₹50 लाख का बैंक बैलेंस, आरोपी की पत्नी और परिवार के सदस्यों के नाम पर तीन बैंक लॉकर, एक ग्रैंड विटारा कार और एक टीवीएस स्कूटी भी बरामद हुई। तीनों बैंक लॉकर जाँच के दौरान खोले जाएंगे।

ACB ने स्पष्ट किया कि अचल संपत्तियों की बाज़ार कीमत कागज़ात पर दर्ज मूल्य से कई गुना अधिक होने की संभावना है, और अतिरिक्त संपत्तियों की जाँच अभी जारी है।

कानूनी कार्रवाई

ACB ने कोमुरि मल्ला रेड्डी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(1)(बी) और धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा के दौरान भ्रष्ट और अवैध तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। गिरफ्तारी के बाद उन्हें SPE और ACB मामलों के दूसरे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश के समक्ष न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जा रहा है।

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी

यह घटना तेलंगाना ACB की लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे ठीक एक सप्ताह पहले, ACB ने भूमि और सर्वेक्षण विभाग (मल्टी ज़ोन-2) के उप निदेशक सुनकारी नरहरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था, जब उनके ठिकानों पर तलाशी में ₹13 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला था।

नरहरी के मामले में अधिकारियों को उनके घर से ₹1.54 करोड़ नकद, ₹2.29 करोड़ का बैंक बैलेंस, ₹5.04 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉज़िट, लगभग 1.3 किलोग्राम सोने के गहने और 8 किलोग्राम चाँदी मिली थी। बाद में उनकी पत्नी के नाम पर दो बैंक लॉकरों की तलाशी में ₹1.50 करोड़ नकद, 100-100 ग्राम के 12 सोने के बिस्किट और लगभग 2 किलोग्राम सोने-हीरे के गहने बरामद हुए।

आगे की जाँच

ACB ने संकेत दिया है कि मल्ला रेड्डी से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियों की जाँच अभी चल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है — और ACB की यह सक्रियता राज्य के सरकारी विभागों में जवाबदेही की माँग को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा भूमि सर्वेक्षण से — यह संकेत देती है कि तेलंगाना ACB अब केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ व्यापक संस्थागत सुधार की ओर ले जाएंगी या महज़ छिटपुट कार्रवाइयाँ बनकर रह जाएंगी। आबकारी और भूमि जैसे विभाग परंपरागत रूप से भ्रष्टाचार के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र रहे हैं, और इन दोनों मामलों में संपत्ति की मात्रा — कागज़ात से कहीं अधिक बाज़ार मूल्य के साथ — दर्शाती है कि यह भ्रष्टाचार वर्षों में व्यवस्थित रूप से पनपा। जब तक विभागीय निगरानी तंत्र को मज़बूत नहीं किया जाता, ACB की कार्रवाइयाँ लक्षण का उपचार करती रहेंगी, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोमुरि मल्ला रेड्डी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
तेलंगाना ACB ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज है।
ACB की तलाशी में कुल कितनी संपत्ति मिली?
11 ठिकानों पर तलाशी में लगभग ₹3 करोड़ की संपत्ति मिली, जिसमें पाँच इमारतें, आठ खाली प्लॉट, 10.23 एकड़ कृषि भूमि, ₹3.31 लाख नकद और ₹50 लाख बैंक बैलेंस शामिल हैं। अचल संपत्तियों का बाज़ार मूल्य कागज़ात से कहीं अधिक होने की संभावना बताई जा रही है।
आरोपी अधिकारी को अब किस अदालत में पेश किया जाएगा?
कोमुरि मल्ला रेड्डी को SPE और ACB मामलों के दूसरे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश के समक्ष न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जा रहा है। जाँच अभी जारी है और बैंक लॉकर भी खोले जाने हैं।
इससे पहले तेलंगाना ACB ने किस अधिकारी को गिरफ्तार किया था?
एक सप्ताह पहले ACB ने भूमि और सर्वेक्षण विभाग (मल्टी ज़ोन-2) के उप निदेशक सुनकारी नरहरी को गिरफ्तार किया था। उनके ठिकानों पर तलाशी में ₹13 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली थी, जिसमें ₹1.54 करोड़ नकद और भारी मात्रा में सोना-चाँदी शामिल था।
तेलंगाना में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में ACB क्या कार्रवाई कर सकती है?
ACB भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की और न्यायिक रिमांड की कार्रवाई कर सकती है। दोषसिद्धि पर अधिनियम की धारा 13(2) के तहत न्यूनतम चार वर्ष से अधिकतम दस वर्ष तक कारावास का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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