12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना ACB का बड़ा एक्शन: तहसीलदार ₹2 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ड्राइवर भी पकड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना ACB का बड़ा एक्शन: तहसीलदार ₹2 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ड्राइवर भी पकड़ा

सारांश

तेलंगाना ACB ने एक ही दिन दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा — शमीरपेट की तहसीलदार टी. सुचित्रा ₹30 लाख की माँग के बदले ₹2 लाख लेते पकड़ी गईं, जबकि मंडल सर्वेक्षक कम्मारी ब्रह्मैया ₹10,000 में गिरफ्तार हुए।

मुख्य बातें

तेलंगाना ACB ने 26 मई 2026 को शमीरपेट मंडल की तहसीलदार टी.
सुचित्रा को ₹2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
आरोपी पर 30 एकड़ कृषि भूमि के नाला रूपांतरण की मंजूरी के बदले ₹30 लाख की कुल रिश्वत माँगने का आरोप है।
रिश्वत की राशि आरोपी के निजी ड्राइवर वी.
नागेश के माध्यम से ली गई; दोनों गिरफ्तार।
अलग मामले में, जोगुलम्बा गडवाल जिले के मंडल सर्वेक्षक कम्मारी ब्रह्मैया को ₹10,000 रिश्वत लेते पकड़ा गया; 6 मई को पहले ₹5,000 ले चुके थे।
दोनों आरोपियों को नामपल्ली के विशेष न्यायाधीश (ACB) के समक्ष पेश किया गया; जाँच जारी।
ACB ने नागरिकों से रिश्वत की माँग पर टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत करने की अपील की।

तेलंगाना के भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार, 26 मई 2026 को मेडचल मलकाजगिरी जिले के शमीरपेट मंडल की तहसीलदार एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट और संयुक्त उप-पंजीयक टी. सुचित्रा को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ACB के अनुसार, यह राशि ₹30 लाख की कुल माँगी गई रिश्वत का आंशिक भुगतान थी।

मुख्य घटनाक्रम

ACB अधिकारियों के अनुसार, आरोपी तहसीलदार टी. सुचित्रा पर 30 एकड़ कृषि भूमि के नाला रूपांतरण आवेदनों को संसाधित करने और मंजूरी देने के एवज में ₹30 लाख की रिश्वत माँगने का आरोप है। ब्यूरो ने बताया कि ₹2 लाख की संदिग्ध राशि आरोपी अधिकारी के निजी ड्राइवर वी. नागेश के माध्यम से आंशिक भुगतान के रूप में ली गई और उसी के पास से बरामद की गई।

दोनों आरोपियों — तहसीलदार टी. सुचित्रा और ड्राइवर वी. नागेश — को गिरफ्तार कर नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई एवं ACB) के समक्ष न्यायिक हिरासत के लिए पेश किया गया। सुरक्षा कारणों से शिकायतकर्ता का विवरण गोपनीय रखा गया है।

दूसरा मामला: मंडल सर्वेक्षक भी गिरफ्तार

इसी दिन एक अलग कार्रवाई में, ACB ने जोगुलम्बा गडवाल जिले के वड्डेपल्ली मंडल के मंडल सर्वेक्षक कम्मारी ब्रह्मैया को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता के माता-पिता की जमीन का सर्वेक्षण करने के बदले ₹15,000 की माँग की थी।

गौरतलब है कि 6 मई 2026 को आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर ₹5,000 नकद अग्रिम के रूप में पहले ही ले लिए थे। शेष ₹10,000 की रिश्वत उनके पास से बरामद की गई। उन्हें भी गिरफ्तार कर नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।

ACB की कार्यप्रणाली और आरोप

ACB ने अपने बयान में कहा कि दोनों आरोपी अधिकारियों ने अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए अपने सरकारी कर्तव्य का अनुचित और बेईमानी से निर्वहन किया। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकारी एजेंसियों की सक्रियता पर सार्वजनिक ध्यान बढ़ा है।

दोनों मामलों की जाँच अभी जारी है।

आम जनता के लिए संदेश

ACB ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई लोक सेवक रिश्वत की माँग करता है, तो वे तत्काल टोल-फ्री नंबर 1064 पर संपर्क कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

दोनों मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जाँच के परिणाम आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि भूमि रूपांतरण जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में व्यवस्थागत निगरानी क्यों चूक जाती है। ₹30 लाख की माँग — एक तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा — यह भी संकेत देती है कि भूमि रूपांतरण की अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग की गंभीर आवश्यकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में तहसीलदार टी. सुचित्रा को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
ACB के अनुसार, तहसीलदार टी. सुचित्रा पर 30 एकड़ कृषि भूमि के नाला रूपांतरण की मंजूरी देने के बदले ₹30 लाख की रिश्वत माँगने का आरोप है। उन्हें ₹2 लाख की आंशिक रिश्वत लेते हुए 26 मई 2026 को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
रिश्वत की राशि किसके पास से बरामद हुई?
ACB ने बताया कि ₹2 लाख की रिश्वत राशि तहसीलदार के निजी ड्राइवर वी. नागेश के पास से बरामद की गई, जो आंशिक भुगतान के माध्यम के रूप में काम कर रहा था। ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया।
मंडल सर्वेक्षक कम्मारी ब्रह्मैया का मामला क्या है?
जोगुलम्बा गडवाल जिले के मंडल सर्वेक्षक कम्मारी ब्रह्मैया को भूमि सर्वेक्षण के बदले ₹10,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया। ACB के अनुसार, उन्होंने कुल ₹15,000 माँगे थे और 6 मई को ₹5,000 पहले ही ले लिए थे।
दोनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ आगे क्या होगा?
दोनों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई एवं ACB) के समक्ष न्यायिक हिरासत के लिए पेश किया गया है। दोनों मामलों की जाँच ACB द्वारा जारी है।
अगर कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत माँगे तो क्या करें?
ACB ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लोक सेवक द्वारा रिश्वत माँगे जाने पर टोल-फ्री नंबर 1064 पर तुरंत संपर्क करें। शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले