राजस्थान एसीबी ने बारां में कृषि संयुक्त निदेशक को ₹8,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार, 6 मई 2026 को बारां जिले में कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीना को ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुनियोजित जाल बिछाकर की गई इस कार्रवाई की जड़ें 4 मई को दो शिकायतकर्ताओं की लिखित शिकायत में हैं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारी स्टॉक रजिस्टर सत्यापन के बदले प्रत्येक कृषि विक्रेता से ₹5,000 की अवैध माँग कर रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ताओं ने एसीबी को बताया कि आनंदीलाल मीना उर्वरक, बीज और कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओं से स्टॉक रजिस्टर के सत्यापन — जो उनके व्यवसाय संचालन के लिए एक अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया है — के एवज में प्रत्येक से ₹5,000 की माँग कर रहे थे। जाँचकर्ताओं ने पुष्टि की कि आरोपी ने एक शिकायतकर्ता से पहले ही ₹2,000 आंशिक भुगतान के रूप में वसूल लिए थे और शेष ₹3,000 की माँग कर रहा था।
गोपनीय सत्यापन और जाल
एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 5 मई को गोपनीय सत्यापन कार्यवाही शुरू की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी कोटा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीना के पर्यवेक्षण में जाल बिछाया गया। इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू राम वर्मा ने किया और इसे उप पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया।
गिरफ्तारी का विवरण
बुधवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान आनंदीलाल मीना को एक शिकायतकर्ता से ₹5,000 और दूसरे से ₹3,000 — कुल ₹8,000 — लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
आगे की जाँच
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है कि क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे अथवा बारां जिले के अन्य कृषि विक्रेताओं से भी इसी तरह की अवैध माँगें की गई थीं। इस पूरी जाँच की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला सहित वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। यह मामला राजस्थान में कृषि क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा छोटे विक्रेताओं से वसूली की बढ़ती शिकायतों की पृष्ठभूमि में सामने आया है।