राजस्थान में रिश्वत के आरोप में एसडीएम और दो कर्मचारी गिरफ्तार, 4 लाख की नकद राशि बरामद
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान की एसीबी ने 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसडीएम को गिरफ्तार किया।
- अतिरिक्त 4 लाख रुपए की नकद राशि बरामद की गई।
- इस कार्रवाई में एसीबी की सवाई माधोपुर इकाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में करौली जिले के नादौती की एसडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
संचालन के दौरान अधिकारियों ने 4 लाख रुपए अतिरिक्त नकद भी बरामद किए, जिनकी उत्पत्ति की जांच चल रही है।
एसीबी के महानिदेशक (डीजीपी) गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई सवाई माधोपुर इकाई द्वारा एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप था कि एसडीएम, अपने रीडर के माध्यम से, शिकायतकर्ता की जमीन के बंटवारे से संबंधित अंतिम आदेश (तक्सीनामा) जारी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रही थीं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले 1 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसे बाद में 50 हजार रुपए तक घटा दिया गया। शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने गुप्त जांच की, जिसमें रीडर ने कथित तौर पर एसडीएम की ओर से 50 हजार रुपए और अपने लिए 10 हजार रुपए की मांग की।
इसके बाद 16 अप्रैल60 हजार रुपए की रिश्वत का लेनदेन हुआ।
यह राशि पहले रीडर ने ली और बाद में वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को दे दी।
एसीबी की टीम ने एक मोबाइल बातचीत के रिकॉर्ड के माध्यम से एसडीएम की कथित संलिप्तता की पुष्टि की, जिसमें उन्होंने रिश्वत लेने के लिए सहमति दी थी।
इसके तुरंत बाद तीनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्वत की रकम रखने वाले बैग की तलाशी लेने पर 4 लाख रुपए अतिरिक्त बरामद हुए, जिनकी जांच जारी है।
यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में और सवाई माधोपुर इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में की गई।
आगे की कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला की देखरेख में की जा रही है।
एसीबी ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और बरामद नकदी के स्रोत एवं आरोपियों की भूमिका की गहन जांच जारी है।