असरानी कैसे बने 'कॉमेडी किंग'? दो महान कलाकारों से मिली प्रेरणा ने बदल दी किस्मत
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मुंबई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' यह प्रसिद्ध डायलॉग सुनते ही कॉमेडी के मास्टर असरानी की छवि हमारे सामने आ जाती है। हालांकि अभिनेता अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी हालिया फिल्म 'भूत बंगला' आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो गई है। असरानी ने अक्षय कुमार के साथ 'हैवान' जैसी फिल्म में भी काम किया है, जो जल्द ही रिलीज होने वाली है। 'भूत बंगला' के लॉन्च के साथ ही उनके प्रशंसक उनकी कॉमेडी की तारीफों में जुटे हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असरानी ने कॉमेडी के ये अनमोल गुण कहां से सीखे?
असरानी ने 'शोले,' 'चुपके चुपके,' 'बावर्ची,' 'अभिमान,' 'नमक हराम,' और 'परिचय' जैसी चर्चित फिल्मों में दर्शकों को हंसाने का काम किया है। उनके लिए कॉमेडी केवल एक अभिनय नहीं बल्कि एक भावना थी, जिसे उन्होंने कई लोगों से प्रेरणा लेकर सीखा। अपने करियर के प्रारंभिक दिनों में, असरानी किशोर कुमार, महमूद, और जॉनी वॉकर को देखकर कॉमेडी की बारीकियों को समझते थे। वे किशोर कुमार के बड़े प्रशंसक रहे हैं और उनकी फिल्मों के शूटिंग देखकर उन्होंने कॉमिक टाइमिंग का महत्व सीखा।
एक इंटरव्यू में असरानी ने बताया कि दर्शकों को हंसाने के लिए कॉमिक टाइमिंग का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। अगर सही समय पर डायलॉग बोल दिया जाए तो वह मजेदार होता है, लेकिन अगर समय निकल जाए तो चुटकुला बेकार हो जाता है। यह बात किशोर कुमार और महमूद से बेहतर कोई नहीं जानता। पहले कॉमेडी चेहरे बनाकर की जाती थी, लेकिन आज की कॉमेडी बदल गई है और इसके लिए सही टाइमिंग जरूरी है।
असरानी ने जॉनी वॉकर के साथ एक फिल्म में काम किया था, जहां उन्होंने सेट पर बहुत कुछ सीखा। जॉनी वॉकर जैसे अदाकार सुबह 4 बजे उठकर व्यायाम करते थे और सीधे सेट पर पहुंचते थे। वे कभी भी शूटिंग में देर नहीं करते थे और उन्होंने मुझे यह भी सिखाया कि कभी भी प्रोड्यूसर का पैसा दांव पर मत लगाओ। उस दिन के बाद से, मैं कभी भी किसी सेट पर लेट नहीं पहुंचा। जॉनी वॉकर उनके लिए एक शिक्षक के समान थे, जो पर्दे पर कॉमेडी को बड़ी सहजता से करते थे और उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी अद्भुत थी कि हर सीन शानदार लगता था।