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नीति मोहन का 'बप्पा घर आए': सिर्फ 24 घंटे में बना गणेश चतुर्थी का यह खास गीत

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नीति मोहन का 'बप्पा घर आए': सिर्फ 24 घंटे में बना गणेश चतुर्थी का यह खास गीत

सारांश

नीति मोहन का गणेश चतुर्थी गीत 'बप्पा घर आए' सिर्फ 24 घंटे में — लेखन, रिकॉर्डिंग और वीडियो शूट — मुकम्मल हुआ। ढोल, नगाड़े और बांसुरी से सजे इस भक्ति ट्रैक को नीति खुद 'बप्पा का आशीर्वाद' मानती हैं।

मुख्य बातें

नीति मोहन ने गणेश चतुर्थी 2026 से पहले भक्ति गीत 'बप्पा घर आए' रिलीज़ किया।
गीत का लेखन, रिकॉर्डिंग और संगीत वीडियो की शूटिंग सिर्फ 24 घंटे में पूरी हुई।
संगीत शान लोचन सिंह ने दिया; बोल कनिष्क सहर ने लिखे।
गीत में ढोल, नगाड़े और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग।
गीत सभी प्रमुख म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है।

सिंगर नीति मोहन ने गणेश चतुर्थी 2026 से पहले अपना नया भक्ति गीत 'बप्पा घर आए' रिलीज़ किया है — एक ऐसा गीत जो लेखन से लेकर रिकॉर्डिंग और संगीत वीडियो की शूटिंग तक महज 24 घंटे में तैयार हो गया। मुंबई में रिलीज़ इस ट्रैक में ढोल, नगाड़े और बांसुरी की धुनों के साथ बप्पा के स्वागत की खुशी और परिवार के मिलन की भावना को एक साथ पिरोया गया है।

24 घंटे में कैसे बना यह गीत

नीति मोहन ने बताया कि 'बप्पा घर आए' का पूरा सफर — गीत लेखन, रिकॉर्डिंग और संगीत वीडियो की शूटिंग — सिर्फ एक दिन में पूरा हुआ। उन्होंने कहा, 'बप्पा घर आए का सफर सिर्फ एक दिन में पूरा हो गया। यह हमारे लिए किसी चमत्कार जैसा था।' नीति के अनुसार कई बार जिंदगी में कुछ चीज़ें बिना अधिक योजना के अपने आप सही समय पर सामने आ जाती हैं, और इस गीत के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ।

गीत की भावना और संदेश

नीति ने कहा, 'हर साल लोग बप्पा के आने का इंतजार करते हैं और जिन परिवारों में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है, उनके लिए यह काफी बड़ा मौका होता है।' उन्होंने बताया कि इस गीत में लोगों के साथ बैठकर पूजा करने, दोस्तों से मिलने, मिठाइयाँ खाने और परिवार के साथ समय बिताने के पूरे एहसास को एक धागे में पिरोने की कोशिश की गई है। नीति के शब्दों में, 'मैं चाहती थी कि इसे सुनते हुए लोगों को बप्पा के घर आने वाली वही खुशी महसूस हो।'

संगीत और वाद्य यंत्रों की भव्यता

गीत में ढोल, नगाड़े और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया गया है, जो गणेश उत्सव के माहौल को और जीवंत बनाते हैं। नीति ने बताया कि उन्होंने भक्ति के साथ-साथ त्योहार वाली ऊर्जा बनाए रखने की कोशिश की है ताकि गीत सुनने में मधुर भी लगे और भव्य एहसास भी दे।

टीम और उपलब्धता

'बप्पा घर आए' का संगीत शान लोचन सिंह ने तैयार किया है, जबकि गीत के बोल कनिष्क सहर ने लिखे हैं। यह गीत अब सभी प्रमुख म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है।

नीति मोहन का बप्पा से जुड़ाव

नीति ने कहा, 'जब भी मुझे बप्पा के लिए गाने का मौका मिलता है, मैं इसे अपने लिए एक आशीर्वाद मानती हूं।' रोमांटिक गीतों से लेकर भक्ति संगीत तक अपनी पहचान बनाने वाली नीति मोहन के लिए यह गीत व्यक्तिगत श्रद्धा का भी प्रतीक है। आने वाले गणेश उत्सव के दिनों में यह ट्रैक श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों के बीच अपनी जगह बनाने की राह पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो डिजिटल युग के दर्शकों को आकर्षित करता है। गणेश चतुर्थी के आसपास बॉलीवुड और इंडी संगीत में भक्ति गीतों की भीड़ हर साल बढ़ती है, और ऐसे में 'चमत्कार' वाली कहानी गीत को अलग पहचान दिलाती है। हालांकि गीत की दीर्घकालिक सफलता स्ट्रीमिंग आंकड़ों से ही तय होगी, नीति की स्थापित आवाज़ और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संयोजन इसे त्योहारी प्लेलिस्ट में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त ताकत रखता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बप्पा घर आए' गीत किसने गाया है?
'बप्पा घर आए' सिंगर नीति मोहन ने गाया है। इस गाने का संगीत शान लोचन सिंह ने दिया है और बोल कनिष्क सहर ने लिखे हैं।
'बप्पा घर आए' गीत को बनाने में कितना समय लगा?
यह गीत महज 24 घंटे में तैयार हुआ। लेखन, रिकॉर्डिंग और संगीत वीडियो की शूटिंग तक का पूरा काम एक ही दिन में पूरा कर लिया गया।
'बप्पा घर आए' गीत कहाँ सुन सकते हैं?
यह गीत सभी प्रमुख म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। इसे गणेश चतुर्थी 2026 से पहले रिलीज़ किया गया है।
नीति मोहन ने इस गीत को खास क्यों बताया?
नीति मोहन ने इसे बप्पा का आशीर्वाद बताया क्योंकि इतना खास गीत इतनी जल्दी तैयार होना उनके लिए किसी चमत्कार जैसा था। उनके अनुसार जब भी उन्हें बप्पा के लिए गाने का मौका मिलता है, वे इसे अपने लिए एक विशेष अवसर मानती हैं।
'बप्पा घर आए' गीत में किन वाद्य यंत्रों का उपयोग किया गया है?
इस गीत में ढोल, नगाड़े और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया गया है, जो गणेश उत्सव की रौनक और भव्यता को जीवंत करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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