गांधीनगर में 15-18 सितंबर: भारत पहली बार करेगा 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' की मेजबानी, 65+ देशों के 2,000 प्रतिनिधि होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भारत पहली बार दक्षिण एशिया में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। यह ऐतिहासिक वैश्विक सम्मेलन 15 से 18 सितंबर 2026 तक गुजरात के गांधीनगर में आयोजित होगा, जिसमें 65 से अधिक देशों के 2,000 से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस आयोजन की थीम 'सर्कुलर इकोनॉमी: ट्रांजिशन फॉर पीपल एंड प्रॉस्पेरिटी' रखी गई है, जो टिकाऊ विकास, संसाधनों के कुशल उपयोग और हरित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
उद्घाटन और प्रमुख हस्तियाँ
फोरम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल संयुक्त रूप से करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फोरम सर्कुलर फाइनेंस को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच वैश्विक साझेदारी स्थापित करने का मंच बनेगा।
प्रतिनिधियों में उद्योग जगत के नेता, उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, निवेशक और सामाजिक बदलाव से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मुख्य कार्यक्रम और सत्रों का विवरण
15 और 16 सितंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में 4 प्लेनरी सत्र और 16 विषयगत समानांतर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोज़गार सृजन, ऊर्जा उत्पादन, वित्तीय समाधान, सुशासन, टिकाऊ उत्पाद, औद्योगिक नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा नेतृत्व जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
17 और 18 सितंबर को दुनिया भर के साझेदार संगठनों द्वारा लगभग 80 एक्सीलरेटर सत्र ऑनलाइन, हाइब्रिड और प्रत्यक्ष — तीनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नवाचार, निवेश और नीति से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा होगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और स्टार्टअप अवसर
फोरम के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें 125 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। स्टार्टअप्स, उद्योगों और तकनीकी संस्थानों द्वारा विकसित सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े व्यावहारिक समाधान और निवेश के लिए तैयार नवाचार यहाँ प्रदर्शित किए जाएंगे।
यह प्रदर्शनी उद्योगों और निवेशकों को नई तकनीकों तथा कारोबारी अवसरों से जोड़ने का महत्त्वपूर्ण मंच साबित होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत हरित अर्थव्यवस्था और जलवायु-अनुकूल विकास में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका तलाश रहा है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बयान में कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है — यह नई आर्थिक संभावनाओं, रोज़गार के अवसरों और टिकाऊ औद्योगिक विकास का आधार भी बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के दौरान सस्टेनेबल कंजम्प्शन एंड प्रोडक्शन पैटर्न्स (10YFP) बोर्ड की बैठक भी गांधीनगर में होगी। हाल ही में भारत ने इस बोर्ड के सह-अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी संभाली है, जो टिकाऊ उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देने में देश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी को रेखांकित करता है। यह फोरम ग्लोबल साउथ देशों के साथ सर्कुलर अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत के सहयोग को नई ऊँचाई देने का अवसर होगा।