क्या डब्ल्यूईएफ दावोस में गुजरात सिर्फ एमओयू नहीं, दीर्घकालिक अवसर तलाशने आया है: डिप्टी सीएम हर्ष संघवी?
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात ने डब्ल्यूईएफ में दीर्घकालिक अवसरों की खोज की।
- प्रतिनिधिमंडल ने भारत की निवेश क्षमता को प्रस्तुत किया।
- गुजरात में नए एमओयू साइन हो रहे हैं।
- गिफ्ट सिटी युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त निवेश गंतव्य बन गया है।
गांधीनगर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भाग लिया, जहां उन्होंने वैश्विक मंच पर गुजरात और भारत की निवेश क्षमता को मजबूती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर हर्ष संघवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि डब्ल्यूईएफ में गुजरात केवल एमओयू करने नहीं आया है, बल्कि बेहतर अवसरों की खोज में यहाँ मौजूद है।
हर्ष संघवी ने कहा कि इस बार भारत डब्ल्यूईएफ में अब तक के सबसे मजबूत प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचा है। सभी राज्य अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पहले वह देश के प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करना चाहेंगे, जिन्होंने देश के करोड़ों लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर एक सशक्त और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। डब्ल्यूईएफ में राज्यों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत रोजगार सृजन और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न राज्य, जिनमें असम और झारखंड जैसे राज्य भी शामिल हैं, अपने-अपने क्षेत्रों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। गुजरात की इन्वेस्टमेंट कहानी पूरी तरह स्पष्ट और मजबूत है। राज्य में निवेश, एमओयू और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वाइब्रेंट गुजरात का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस आयोजन के दौरान करीब 45 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए, जो गुजरात की आर्थिक मजबूती को दर्शाते हैं।
हर्ष संघवी ने बताया कि बीते कुछ महीनों में राज्य सरकार ने रीजनल वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की है, जिसके तहत अब तक नौ लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू साइन किए जा चुके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए रवाना होने से पहले मारुति सुजुकी के साथ 40,000 करोड़ रुपए का एक बड़ा एमओयू भी साइन किया गया है। यह निवेश राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देगा।
डिप्टी सीएम ने गिफ्ट सिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2007 में गिफ्ट सिटी का जो विजन दुनिया के सामने रखा था, उस समय कई तथाकथित बुद्धिजीवियों ने इस पर सवाल उठाए थे। लेकिन आज वही गिफ्ट सिटी गुजरात के हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुकी है। गुजरात के पास विभिन्न सेक्टरों के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पष्ट नीतियां और निवेशकों के सपनों को साकार करने की पूरी तैयारी है।
हर्ष संघवी ने स्पष्ट किया कि गुजरात का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में केवल एमओयू करने नहीं आया है, बल्कि राज्य के लिए दीर्घकालिक और बेहतर अवसर तलाशने के उद्देश्य से मौजूद है। गुजरात युवाओं के लिए नई संभावनाएं तलाश रहा है, जिसमें स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस और डिफेंस कॉरिडोर का विकास प्रमुख हैं। इन सभी क्षेत्रों में पहले से ही काम किया जा रहा है और डब्ल्यूईएफ के माध्यम से एक कदम आगे बढ़ते हुए गुजरात को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।