सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी पर विरोध मार्च की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- कोलकाता में आयोजित होने वाला विरोध मार्च एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि का विरोध करने के लिए है।
- बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक असर महिलाओं और आम परिवारों पर पड़ रहा है।
- सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है कि वे रसोई के बर्तन लेकर आएं।
- सरकार ने गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव किए हैं।
- राज्य सरकार की नई योजना 'बांग्लार युवा साथी' की भी घोषणा की गई है।
कोलकाता, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध व्यक्त किया और रविवार को कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च आयोजित करने का आह्वान किया है।
सीएम ममता बनर्जी ने जनता से अनुरोध किया है कि वे अपने रसोई के बर्तन और घरेलू सामान लेकर इस विरोध प्रदर्शन में भाग लें।
उन्होंने कहा कि बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक प्रभाव साधारण परिवारों, विशेषकर महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माताओं और बहनों को सड़कों पर उतरकर अपना विरोध व्यक्त करना चाहिए।
कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि आम जनता के लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार मध्य रात्रि से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की वृद्धि की गई है। तीन दिन पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 49 रुपए का इजाफा किया गया था। उन्होंने बताया कि बड़े सिलेंडर की कीमत लगभग 2,100 रुपए तक पहुँच गई है, जबकि छोटे सिलेंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपए हो गई है।
मुख्यमंत्री ने गैस बुकिंग से संबंधित नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडर को 21 दिन पहले बुक करना होगा। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या वह परिवार 21 दिन तक बिना भोजन बनाए रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों को बनाते समय सरकार को यह भी विचार करना चाहिए कि आम लोग क्या खाएंगे और उनकी दैनिक आवश्यकताएँ कैसे पूरी होंगी।
धरने के मंच से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि रविवार को होने वाले जुलूस में लोग बर्तन, कटोरी, चम्मच और रसोई के अन्य सामान लेकर आएं, ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि गैस के बिना घरों में खाना बनाना असंभव है।
उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि यदि संभव हो तो गैस स्टोव भी साथ लेकर आएं और कच्चा अनाज टोकरी में लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं काली साड़ी पहनकर भी इस विरोध में शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की सुरक्षा का आंदोलन बताया और महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का अनुरोध किया।
इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के खतरे के बीच, केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग किया है।
सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने का कहा है कि अतिरिक्त खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई जाए।
केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की वृद्धि की गई है। इसके बाद पहले 879 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 939 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं।
वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए का इजाफा किया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,990 रुपए तक पहुँच गई है। गैस की कीमतों में इस वृद्धि का असर रेस्तरां और होटल उद्योग पर भी पड़ने की संभावना है, जिससे बाहर खाने का खर्च बढ़ सकता है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की नई योजना 'बांग्लार युवा साथी' की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को शनिवार से वित्तीय सहायता मिलनी शुरू होगी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र जो माध्यमिक परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस योजना की राशि 1 अप्रैल से देने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाला अनुदान फरवरी से ही दिया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं।”