ट्रंप ने ईरान के तनाव के बीच अमेरिकी हथियारों के उत्पादन में चार गुना वृद्धि की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने हथियार उत्पादन को चार गुना बढ़ाने की घोषणा की।
- यह निर्णय ईरान के साथ बढ़ते तनाव के संदर्भ में लिया गया है।
- अमेरिका की प्रमुख डिफेंस कंपनियों ने इस योजना में भाग लिया।
- ईरान ने अमेरिका की आत्मसमर्पण की मांग को ठुकरा दिया।
- आगामी समय में अमेरिका और ईरान के संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है।
वॉशिंगटन, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है। पिछले आठ दिनों से दोनों पक्षों में लगातार हमले हो रहे हैं। इस संकट के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने की योजना बना रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर एक पोस्ट में लिखा, "हमने अमेरिका की प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न की है, जिसमें हमने उत्पादन और उसके कार्यक्रम पर चर्चा की। इन कंपनियों ने उत्तम श्रेणी के हथियारों का उत्पादन चार गुना बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। हम जल्द से जल्द उत्पादन की मात्रा को उच्चतम स्तर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।"
ट्रंप ने आगे कहा, "इस मीटिंग से तीन महीने पहले ही विस्तार कार्य शुरू हो गया था और कई हथियारों के उत्पादन संयंत्र पहले से ही कार्यरत हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड के गोला-बारूद की लगभग अनलिमिटेड आपूर्ति है, जिसका उपयोग हम ईरान और हाल ही में वेनेजुएला में कर रहे हैं। हमने इन स्तरों पर आदेशों में भी वृद्धि की है।"
उन्होंने बताया कि जिन कंपनियों ने बैठक में भाग लिया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन शामिल थे। देश के विभिन्न राज्य इन नए संयंत्रों के लिए निविदाएं प्रस्तुत कर रहे हैं।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह मंशा है कि वह तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए बाध्य करे, लेकिन यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपनी कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी, और कहा था कि समझौता तभी होगा जब ईरान आत्मसमर्पण करेगा।
इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की ज़मीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा।
अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान आया है। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल सहित मध्य पूर्व के 10 से अधिक देशों को निशाना बना चुका है।