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वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 29-30 जून: जापान, UAE समेत 4 देश पार्टनर

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वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 29-30 जून: जापान, UAE समेत 4 देश पार्टनर

सारांश

वडोदरा में 29-30 जून को होने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस महज एक आयोजन नहीं — यह मध्य गुजरात के 10 जिलों के लिए निवेश का नया द्वार खोलने की कोशिश है। जापान, UAE समेत 4 देश और दर्जन भर अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों की मौजूदगी इसे क्षेत्रीय से वैश्विक बनाती है।

मुख्य बातें

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) 29-30 जून को वडोदरा के जीएसएफसी यूनिवर्सिटी में आयोजित हो रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सम्मेलन में शामिल होंगे।
पार्टनर देशों में जापान , रवांडा , UAE और यूक्रेन शामिल हैं।
सम्मेलन मध्य गुजरात के 10 जिलों की विकास संभावनाओं पर केंद्रित है।
सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, फार्मा, एयरोस्पेस सहित 15 से अधिक सेक्टर पर चर्चा होगी।
JETRO, AMCHAM, KOTRA समेत 11 अंतरराष्ट्रीय और उद्योग संगठन पार्टनर हैं।

मध्य गुजरात के औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) 29 और 30 जून को वडोदरा के जीएसएफसी यूनिवर्सिटी में आयोजित हो रही है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, वैश्विक साझेदार देशों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के शीर्ष नाम एक मंच पर आएंगे, जिसका मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय निवेश को प्रोत्साहित करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करना है।

मुख्य घटनाक्रम

सम्मेलन की शुरुआत वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्ज़िबिशन (VGRE) से होगी, जिसके बाद औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित किया जाएगा। इन सत्रों में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारी संबोधन देंगे। राजनयिक प्रतिनिधि और व्यापार जगत के नेता भी विभिन्न सत्रों में भाग लेंगे।

जापान, रवांडा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूक्रेन इस सम्मेलन में पार्टनर देशों के रूप में शामिल हो रहे हैं — जो इस क्षेत्रीय आयोजन को एक उल्लेखनीय वैश्विक आयाम प्रदान करता है।

भागीदार संगठन और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

सम्मेलन में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और उद्योग संगठन पार्टनर के रूप में जुड़े हैं। इनमें जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO), यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल, इंडो-कैनेडियन बिजनेस चैंबर, AMCHAM इंडिया, फेडरेशन ऑफ यूरोपियन बिजनेस इन इंडिया, कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (KOTRA), UAE-इंडिया बिजनेस काउंसिल, फिनचैम इंडिया, इंडो-इटैलियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) शामिल हैं।

फोकस सेक्टर

सम्मेलन में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श होगा, उनमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और IT-सक्षम सेवाएँ, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस और रक्षा, फिनटेक, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण, केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स, ग्रीन एनर्जी, शिक्षा, पर्यटन, स्टार्टअप्स, MSME और कौशल विकास शामिल हैं। इसके अलावा उभरती प्रौद्योगिकी, महिला उद्यमिता और कृषि-आधारित उद्योगों पर भी विशेष चर्चा होगी।

मध्य गुजरात के किन जिलों को होगा लाभ

यह सम्मेलन मध्य गुजरात के 10 जिलोंअहमदाबाद, आणंद, छोटा उदेपुर, दाहोद, गांधीनगर, खेड़ा, महीसागर, नर्मदा, पंचमहल और वडोदरा — की विकास संभावनाओं को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन चर्चाओं से इन क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर खुलने और क्षेत्र-विशिष्ट सहयोग को बल मिलने की उम्मीद है।

रणनीतिक महत्व

अधिकारियों ने इस कॉन्फ्रेंस को गुजरात की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा बताया है। गौरतलब है कि वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की यह क्षेत्रीय शृंखला राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवेश को विकेंद्रीकृत करने और वैश्विक भागीदारी को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात देश के शीर्ष निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश में है। सम्मेलन के परिणाम आने वाले महीनों में मध्य गुजरात की औद्योगिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

नर्मदा और छोटा उदेपुर — तक पहुँचाने की कोशिश है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ऐसे सम्मेलनों में घोषित निवेश इरादे और वास्तविक ज़मीनी रोज़गार सृजन के बीच की खाई अक्सर पाटी नहीं जाती। जापान और UAE जैसे देशों की भागीदारी निश्चित रूप से साख बढ़ाती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन चर्चाओं से कितने ठोस समझौते और निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने आती हैं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) क्या है?
VGRC, वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की क्षेत्रीय शृंखला का हिस्सा है, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जाती है। 29-30 जून 2025 का यह संस्करण मध्य गुजरात पर केंद्रित है और वडोदरा के जीएसएफसी यूनिवर्सिटी में हो रहा है।
इस सम्मेलन में कौन-कौन से देश भाग ले रहे हैं?
जापान, रवांडा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूक्रेन इस सम्मेलन में पार्टनर देशों के रूप में शामिल हो रहे हैं। इनके अलावा JETRO, AMCHAM, KOTRA समेत 11 अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन भी भागीदार हैं।
इस कॉन्फ्रेंस से मध्य गुजरात के किन जिलों को फायदा होगा?
सम्मेलन का क्षेत्रीय ढाँचा मध्य गुजरात के 10 जिलों — अहमदाबाद, आणंद, छोटा उदेपुर, दाहोद, गांधीनगर, खेड़ा, महीसागर, नर्मदा, पंचमहल और वडोदरा — को कवर करता है। इन जिलों में निवेश के नए अवसर और क्षेत्र-विशिष्ट सहयोग पर विचार किया जाएगा।
सम्मेलन में किन सेक्टरों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में सेमीकंडक्टर, IT, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस, फिनटेक, ऑटोमोबाइल, डेयरी, केमिकल्स, ग्रीन एनर्जी, शिक्षा, पर्यटन, स्टार्टअप्स, MSME और कौशल विकास जैसे 15 से अधिक क्षेत्रों पर विचार-विमर्श होगा। महिला उद्यमिता और उभरती प्रौद्योगिकी पर भी विशेष सत्र होंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन कौन करेंगे?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इनके साथ पार्टनर देशों के राजनयिक प्रतिनिधि और वरिष्ठ उद्योग जगत के नेता भी मंच साझा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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