14 अगस्त 2026
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बालाघाट में 117 बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में, विपक्ष ने 9 मौतों का लगाया आरोप

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बालाघाट में 117 बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में, विपक्ष ने 9 मौतों का लगाया आरोप

सारांश

बालाघाट के चार गाँवों में मौसमी बीमारियों की चपेट में आए 117 बच्चों में से 97 स्वस्थ हो चुके हैं — लेकिन विपक्ष के 9 मौतों के दावे और सरकार के खंडन के बीच असली तस्वीर अभी धुंधली है।

मुख्य बातें

बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के चार गाँवों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप, 13 अगस्त 2026 तक 117 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती।
प्रशासन के अनुसार 97 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौटे, 20 बच्चे अभी उपचाररत; सभी खतरे से बाहर।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 9 बच्चों की मौत का आरोप लगाया; सरकार ने पुष्टि नहीं की।
घर-घर सर्वे में 2,220 व्यक्तियों की जाँच; 519 मरीज चिह्नित — मलेरिया 190 , चर्मरोग 143 , दस्त 98 ।
स्वास्थ्य विभाग ने 20 सर्वेक्षण टीमें , 10 चिकित्सा अधिकारी और 4 एम्बुलेंस तैनात किए।

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के कई गाँवों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैला है, जिसमें 13 अगस्त 2026 तक कुल 117 बच्चों को जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार इनमें से 97 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं और 20 बच्चों का उपचार अभी जारी है, जबकि विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 9 बच्चों की मौत का दावा किया है।

प्रभावित गाँव और बीमारियाँ

बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदारी में सर्दी-खाँसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज, टायफाइड और मलेरिया सहित कई बीमारियाँ एक साथ सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 12 जुलाई से इन गाँवों में घर-घर सर्वे शुरू किया था।

सर्वे में क्या मिला

13 अगस्त तक घर-घर सर्वे के दौरान 2,220 व्यक्तियों की जाँच की गई। इनमें मलेरिया के 190, दस्त के 98, शरीर पर दाने के साथ बुखार के 88 और चर्मरोग के 143 मरीज पाए गए। कुल मिलाकर सर्वे में 519 मरीज चिह्नित हुए, जिनमें से 402 मरीज घर पर उपचार के दौरान ही ठीक हो गए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गाँवों में 20 सर्वेक्षण टीमें तैनात की हैं जो घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बीमार व्यक्तियों की जाँच और अस्पताल पहुँचाने के लिए 10 चिकित्सा अधिकारी और 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। 13 अगस्त को ग्राम कोरका के 4 बच्चों को स्वस्थ होने पर जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की स्थिति सामान्य और संतोषजनक है तथा सभी खतरे से बाहर हैं।

विपक्ष का आरोप

विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट में 9 बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया है। सिंघार कथित तौर पर शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुँचे। सरकार ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की है और दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट विरोधाभास बना हुआ है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के मौसम में मध्य प्रदेश के आदिवासी-बहुल जिलों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप पहले भी देखा जाता रहा है। गौरतलब है कि बिरसा विकासखंड के ये गाँव दूरदराज के क्षेत्र में हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित रहती है। प्रशासन द्वारा सर्वे और उपचार का कार्य जारी है और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़े पैमाने पर भर्ती की खबर अगस्त में आई — यह अंतराल सवाल उठाता है कि प्रारंभिक चेतावनी तंत्र ने कितनी तेज़ी से काम किया। सरकार और विपक्ष के दावों में जो खाई है, वह पारदर्शी मृत्यु-दर रिपोर्टिंग की ज़रूरत को रेखांकित करती है — खासकर तब, जब प्रभावित गाँव सुदूर हैं और स्वतंत्र सत्यापन मुश्किल है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बालाघाट में कितने बच्चे बीमार हुए और अभी कितने अस्पताल में हैं?
13 अगस्त 2026 तक कुल 117 बच्चों को जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया। इनमें से 97 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं और 20 बच्चों का उपचार अभी जारी है।
बालाघाट में बच्चों को कौन-कौन सी बीमारियाँ हुई हैं?
प्रभावित बच्चों में सर्दी-खाँसी, बुखार, मीजल्स, स्कैबीज, टायफाइड, मलेरिया, दस्त और चर्मरोग के मामले सामने आए हैं। घर-घर सर्वे में मलेरिया के 190, चर्मरोग के 143 और दस्त के 98 मरीज पाए गए।
विपक्ष ने 9 बच्चों की मौत का दावा क्यों किया?
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट में 9 बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया और वे शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुँचे। सरकार ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गाँवों में क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी और 4 एम्बुलेंस तैनात किए हैं। 12 जुलाई से घर-घर सर्वे जारी है और 13 अगस्त तक 2,220 व्यक्तियों की जाँच की जा चुकी है।
कौन-से गाँव इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदारी सबसे अधिक प्रभावित हैं। ये सभी गाँव अडोरी ग्राम पंचायत के दूरदराज क्षेत्र में स्थित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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