बालाघाट में 117 बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में, विपक्ष ने 9 मौतों का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के कई गाँवों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैला है, जिसमें 13 अगस्त 2026 तक कुल 117 बच्चों को जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार इनमें से 97 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं और 20 बच्चों का उपचार अभी जारी है, जबकि विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 9 बच्चों की मौत का दावा किया है।
प्रभावित गाँव और बीमारियाँ
बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदारी में सर्दी-खाँसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज, टायफाइड और मलेरिया सहित कई बीमारियाँ एक साथ सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 12 जुलाई से इन गाँवों में घर-घर सर्वे शुरू किया था।
सर्वे में क्या मिला
13 अगस्त तक घर-घर सर्वे के दौरान 2,220 व्यक्तियों की जाँच की गई। इनमें मलेरिया के 190, दस्त के 98, शरीर पर दाने के साथ बुखार के 88 और चर्मरोग के 143 मरीज पाए गए। कुल मिलाकर सर्वे में 519 मरीज चिह्नित हुए, जिनमें से 402 मरीज घर पर उपचार के दौरान ही ठीक हो गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गाँवों में 20 सर्वेक्षण टीमें तैनात की हैं जो घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बीमार व्यक्तियों की जाँच और अस्पताल पहुँचाने के लिए 10 चिकित्सा अधिकारी और 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। 13 अगस्त को ग्राम कोरका के 4 बच्चों को स्वस्थ होने पर जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की स्थिति सामान्य और संतोषजनक है तथा सभी खतरे से बाहर हैं।
विपक्ष का आरोप
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट में 9 बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया है। सिंघार कथित तौर पर शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुँचे। सरकार ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की है और दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट विरोधाभास बना हुआ है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के मौसम में मध्य प्रदेश के आदिवासी-बहुल जिलों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप पहले भी देखा जाता रहा है। गौरतलब है कि बिरसा विकासखंड के ये गाँव दूरदराज के क्षेत्र में हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित रहती है। प्रशासन द्वारा सर्वे और उपचार का कार्य जारी है और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।