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जलपाईगुड़ी में प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' ने ढूंढा फरार रोहिंग्या युवक, चाय बागान से गिरफ्तार

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जलपाईगुड़ी में प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' ने ढूंढा फरार रोहिंग्या युवक, चाय बागान से गिरफ्तार

सारांश

जलपाईगुड़ी में हिरासत केंद्र की दीवार फाँदकर भागे रोहिंग्या संदिग्ध को इंसानों ने नहीं, गोरुमारा के प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' ने ढूंढा — चाय बागान में छिपे सोलेमान की गंध पकड़कर। अब सवाल हिरासत केंद्र की सुरक्षा चूक पर भी है।

मुख्य बातें

संदिग्ध रोहिंग्या मोहम्मद सोलेमान ने 27 सितंबर 2026 को राजगंज हिरासत केंद्र की दीवार फाँदकर भागने की कोशिश की।
सोलेमान को 20 सितंबर को तीन अन्य लोगों के साथ न्यू जलपाईगुड़ी से रोहिंग्या होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।
गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' ने गंध के आधार पर हिरासत केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर चाय बागान में आरोपी का पता लगाया।
जिला सहायक वन अधिकारी राजीव डे ने पुष्टि की कि 'ऑरलैंडो' पुलिस अभियानों में उपयोगी साबित हुआ है।
राजगंज हिरासत केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में चूक की जाँच शुरू की गई है।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में पुलिस ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को राजगंज के एक हिरासत केंद्र से भागे संदिग्ध रोहिंग्या युवक मोहम्मद सोलेमान को वन विभाग के प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' की मदद से पनिकाउरी चौराहे के पास स्थित एक चाय बागान से गिरफ्तार कर लिया। हिरासत केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।

कैसे हुई फरारी

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद सोलेमान को 20 सितंबर 2026 को तीन अन्य लोगों के साथ न्यू जलपाईगुड़ी क्षेत्र से रोहिंग्या होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। म्यांमार निवासी सोलेमान सहित इस समूह के चारों सदस्यों को राजगंज के हिरासत केंद्र में रखा गया था।

रविवार सुबह सोलेमान ने शौचालय जाने का बहाना बनाकर हिरासत केंद्र छोड़ा और मौका पाते ही दीवार फाँदकर पास की झाड़ियों में भाग निकला। कुछ देर बाद जब सुरक्षा गार्डों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने तत्काल राजगंज पुलिस स्टेशन को सूचित किया।

तलाशी अभियान और 'ऑरलैंडो' की भूमिका

सूचना मिलते ही मालबाजार उप-जिला पुलिस ने रविवार सुबह से ही विभिन्न इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। आरोपी का कहीं पता नहीं चलने पर पुलिस ने जलपाईगुड़ी वन्यजीव विभाग से प्रशिक्षित श्वान की माँग की।

वन विभाग ने गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में तैनात अपने अनुभवी प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' को अभियान में लगाया। फरार युवक के कपड़ों की गंध सूँघकर 'ऑरलैंडो' ने पुलिस दल का नेतृत्व किया और हिरासत केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर पनिकाउरी चौराहे के पास एक चाय बागान में जाकर रुका। संक्षिप्त तलाशी के बाद पुलिस ने सोलेमान को वहीं से गिरफ्तार कर लिया।

वन विभाग का बयान

जलपाईगुड़ी वन्यजीव विभाग के जिला सहायक वन अधिकारी राजीव डे ने कहा, 'मालबाजार उप-जिला पुलिस ने हमसे एक प्रशिक्षित कुत्ते की माँग की थी। हमने एक प्रशिक्षित कुत्ता भेजा। हमारे कुत्ते ने हिरासत केंद्र से भागे रोहिंग्या युवक का पता लगा लिया। हमारा प्रशिक्षित कुत्ता पुलिस और प्रशासनिक कार्यों में उपयोगी साबित हुआ है।'

गौरतलब है कि 'ऑरलैंडो' को गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में वन विभाग के निगरानी और तलाशी अभियानों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा था। यह पहला मौका है जब उसे किसी फरार कैदी की तलाश में सफलतापूर्वक तैनात किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद राजगंज हिरासत केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच की जा रही है कि आरोपी पुलिस की निगरानी से कैसे बच निकला और सुरक्षा में कहाँ चूक हुई।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क है। आगे इस मामले में विस्तृत जाँच और हिरासत केंद्र की सुरक्षा समीक्षा की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हिरासत केंद्रों की सुरक्षा समीक्षा एक तात्कालिक ज़रूरत बन गई है।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलपाईगुड़ी में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
मोहम्मद सोलेमान को 20 सितंबर 2026 को न्यू जलपाईगुड़ी क्षेत्र से तीन अन्य लोगों के साथ रोहिंग्या होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। वह म्यांमार निवासी बताया जा रहा है और उसे राजगंज के एक हिरासत केंद्र में रखा गया था।
प्रशिक्षित कुत्ते 'ऑरलैंडो' ने कैसे फरार कैदी को ढूंढा?
'ऑरलैंडो' को गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान से लाया गया और फरार युवक के कपड़ों की गंध सुँघाई गई। इसके बाद 'ऑरलैंडो' ने पुलिस दल का नेतृत्व करते हुए हिरासत केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर पनिकाउरी चौराहे के पास एक चाय बागान में आरोपी का पता लगाया।
सोलेमान हिरासत केंद्र से कैसे भाग निकला?
पुलिस के अनुसार, सोलेमान ने रविवार सुबह शौचालय जाने का बहाना बनाया और मौका पाते ही हिरासत केंद्र की दीवार फाँदकर झाड़ियों में भाग निकला। सुरक्षा गार्डों को कुछ देर बाद इसकी जानकारी मिली।
इस घटना के बाद राजगंज हिरासत केंद्र को लेकर क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस बात की जाँच की जा रही है कि आरोपी पुलिस की निगरानी से कैसे बच निकला और हिरासत केंद्र की सुरक्षा में कहाँ चूक हुई। केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा अपेक्षित है।
'ऑरलैंडो' का इस्तेमाल आमतौर पर किन कामों में होता है?
'ऑरलैंडो' गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में वन विभाग के निगरानी और तलाशी अभियानों में लंबे समय से तैनात है। इस बार उसे किसी फरार कैदी की तलाश में पहली बार सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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