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संदेशखाली में STF का बड़ा ऑपरेशन: TMC नेता के तालाब से हथियारों का जखीरा बरामद, दो भाई फरार

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संदेशखाली में STF का बड़ा ऑपरेशन: TMC नेता के तालाब से हथियारों का जखीरा बरामद, दो भाई फरार

सारांश

संदेशखाली में STF की बड़ी कार्रवाई — TMC नेता रॉबिन दास के तालाब से हथियारों का जखीरा निकला। शेख शाहजहां के करीबी दास बंधु फरार हैं। यह उस इलाके की कहानी है जो पहले से ही राजनीतिक हिंसा के आरोपों के केंद्र में है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल STF ने संदेशखाली में TMC नेता रॉबिन दास के तालाब से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए।
रॉबिन दास (पूर्व क्षेत्रीय TMC अध्यक्ष) और उनके भाई गोपाल दास छापेमारी से पहले ही फरार हो गए।
दोनों भाई गिरफ्तार TMC नेता शेख शाहजहां के करीबी बताए जाते हैं।
ऑपरेशन में STF के साथ केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी शामिल थे; तलाशी अभियान जारी है।
BJP विधायक सजल घोष ने TMC पर निशाना साधते हुए दोनों नेताओं की स्थायी गिरफ्तारी की माँग की।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 7 जून 2025 को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता के स्वामित्व वाले एक तालाब से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार सुबह चलाए गए इस तलाशी अभियान में केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।

मुख्य घटनाक्रम

STF को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांचकर्ताओं ने संदेशखाली के उस इलाके में छापेमारी की जहाँ TMC नेता और पार्टी के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रॉबिन दास का तालाब स्थित है। तलाशी के दौरान तालाब में छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। बरामदगी की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र होने लगे।

अधिकारियों ने रॉबिन दास और उनके भाई गोपाल दास के घर व आसपास के क्षेत्रों की भी तलाशी ली। हालांकि, दोनों भाई छापेमारी से पहले ही इलाके से फरार हो चुके थे। पुलिस उनकी तलाश में है।

शेख शाहजहां से कथित संबंध

बताया जा रहा है कि रॉबिन दास और गोपाल दास, गिरफ्तार TMC नेता शेख शाहजहां के करीबी सहयोगी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली पहले से ही राजनीतिक हिंसा और स्थानीय निवासियों पर अत्याचार के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है। इन दोनों भाइयों पर लंबे समय से स्थानीय निवासियों — जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता भी शामिल हैं — के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहे हैं।

BJP की प्रतिक्रिया

हथियार बरामदगी के बाद BJP ने TMC पर अपना हमला तेज कर दिया। BJP विधायक सजल घोष ने कटाक्ष करते हुए कहा, "पहले तालाब से मछलियाँ निकलती थीं। अगर TMC न होती, तो मुझे पता ही नहीं चलता कि गोलियाँ, बम और बंदूकें भी निकल सकती हैं। वे सचमुच दुनिया का नौवाँ अजूबा हैं।"

घोष ने आगे कहा, "हर दिन यह साबित हो रहा है कि वे पश्चिम बंगाल को बर्बादी की कगार पर ले गए। अगर चुनाव के नतीजे अलग होते और TMC जीत जाती, तो ये हथियार तालाब में नहीं होते — आम लोगों पर इनसे हमला किया जाता। मैं सरकार से अपील करूँगा कि इन TMC नेताओं को गिरफ्तारी के बाद एक दिन के लिए भी जेल से बाहर न आने दिया जाए।"

अभियान अभी जारी

हथियार बरामद होने के बाद STF और केंद्रीय पुलिस बल के जवानों ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों के अनुसार, कथित तौर पर ये हथियार इलाके में अशांति फैलाने के मकसद से जमा किए गए थे। रॉबिन दास और गोपाल दास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गहरी जड़ें जमाए हुई समस्या है। तालाब से हथियार निकलना महज एक बरामदगी नहीं, बल्कि उस ढाँचे का संकेत है जिसमें स्थानीय राजनीतिक नेता सशस्त्र शक्ति के बल पर अपना दबदबा बनाए रखते हैं। गौरतलब है कि शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के बाद भी इलाके में इस तरह के नेटवर्क के सक्रिय रहने के संकेत चिंताजनक हैं। असली सवाल यह है कि क्या STF की यह कार्रवाई जवाबदेही तक पहुँचेगी, या दास बंधुओं की फरारी इसे एक और अधूरी जाँच बना देगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संदेशखाली में STF ने क्या बरामद किया?
STF ने TMC नेता रॉबिन दास के स्वामित्व वाले तालाब से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए। यह छापेमारी गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार सुबह की गई और इसमें केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।
रॉबिन दास कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
रॉबिन दास TMC के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं और गिरफ्तार TMC नेता शेख शाहजहां के करीबी बताए जाते हैं। उन पर और उनके भाई गोपाल दास पर स्थानीय निवासियों के साथ अत्याचार के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं।
दास बंधुओं की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
STF की छापेमारी से पहले ही रॉबिन दास और गोपाल दास इलाके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में सक्रिय है और तलाशी अभियान जारी है।
संदेशखाली पहले भी विवादों में क्यों रहा है?
संदेशखाली राजनीतिक हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार और TMC नेताओं द्वारा जमीन कब्जे के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है। शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के बाद यह इलाका लगातार जाँच के दायरे में है।
BJP ने इस बरामदगी पर क्या कहा?
BJP विधायक सजल घोष ने TMC पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी पश्चिम बंगाल को बर्बादी की कगार पर ले जा रही है। उन्होंने सरकार से माँग की कि गिरफ्तारी के बाद इन नेताओं को जमानत न दी जाए।
राष्ट्र प्रेस
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