संदेशखाली में STF का बड़ा ऑपरेशन: TMC नेता के तालाब से हथियारों का जखीरा बरामद, दो भाई फरार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 7 जून 2025 को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता के स्वामित्व वाले एक तालाब से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार सुबह चलाए गए इस तलाशी अभियान में केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।
मुख्य घटनाक्रम
STF को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांचकर्ताओं ने संदेशखाली के उस इलाके में छापेमारी की जहाँ TMC नेता और पार्टी के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रॉबिन दास का तालाब स्थित है। तलाशी के दौरान तालाब में छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। बरामदगी की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र होने लगे।
अधिकारियों ने रॉबिन दास और उनके भाई गोपाल दास के घर व आसपास के क्षेत्रों की भी तलाशी ली। हालांकि, दोनों भाई छापेमारी से पहले ही इलाके से फरार हो चुके थे। पुलिस उनकी तलाश में है।
शेख शाहजहां से कथित संबंध
बताया जा रहा है कि रॉबिन दास और गोपाल दास, गिरफ्तार TMC नेता शेख शाहजहां के करीबी सहयोगी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली पहले से ही राजनीतिक हिंसा और स्थानीय निवासियों पर अत्याचार के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है। इन दोनों भाइयों पर लंबे समय से स्थानीय निवासियों — जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता भी शामिल हैं — के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहे हैं।
BJP की प्रतिक्रिया
हथियार बरामदगी के बाद BJP ने TMC पर अपना हमला तेज कर दिया। BJP विधायक सजल घोष ने कटाक्ष करते हुए कहा, "पहले तालाब से मछलियाँ निकलती थीं। अगर TMC न होती, तो मुझे पता ही नहीं चलता कि गोलियाँ, बम और बंदूकें भी निकल सकती हैं। वे सचमुच दुनिया का नौवाँ अजूबा हैं।"
घोष ने आगे कहा, "हर दिन यह साबित हो रहा है कि वे पश्चिम बंगाल को बर्बादी की कगार पर ले गए। अगर चुनाव के नतीजे अलग होते और TMC जीत जाती, तो ये हथियार तालाब में नहीं होते — आम लोगों पर इनसे हमला किया जाता। मैं सरकार से अपील करूँगा कि इन TMC नेताओं को गिरफ्तारी के बाद एक दिन के लिए भी जेल से बाहर न आने दिया जाए।"
अभियान अभी जारी
हथियार बरामद होने के बाद STF और केंद्रीय पुलिस बल के जवानों ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों के अनुसार, कथित तौर पर ये हथियार इलाके में अशांति फैलाने के मकसद से जमा किए गए थे। रॉबिन दास और गोपाल दास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल सक्रिय है।