पश्चिम बंगाल में तृणमूल के दो नेता भ्रष्टाचार में गिरफ्तार, ₹80 लाख नकद व सरकारी सामान बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दो अलग-अलग जिलों में 26 मई 2026 को पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया। उत्तर 24 परगना जिले के बदुरिया में नगरपालिका अध्यक्ष दीपांकर भट्टाचार्य और दक्षिण 24 परगना जिले के पथारप्रतिमा में तृणमूल क्षेत्रीय अध्यक्ष गौतम आरी को पुलिस ने हिरासत में लिया। दोनों मामलों में सरकारी राहत सामग्री की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप है।
बदुरिया में क्या हुआ
पुलिस के अनुसार, बदुरिया नगरपालिका के अध्यक्ष दीपांकर भट्टाचार्य पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। वे कुछ दिनों से नगरपालिका कार्यालय में अनुपस्थित थे और पुलिस सूत्रों के अनुसार एक होटल में छिपे हुए थे। सोमवार रात गुप्त सूचना के आधार पर बदुरिया पुलिस स्टेशन ने उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के समय उनके पास ₹80 लाख नकद बरामद किए गए। इसके अलावा उनके पास कपड़ों से भरे दो बैग और दवाइयाँ भी मिलीं, जिससे पुलिस को संदेह है कि उन्होंने लंबे समय तक फरार रहने की योजना बना रखी थी। इससे पहले, पुलिस ने तृणमूल कार्यालय और तृणमूल नेता के स्वामित्व वाले एक गार्डन हाउस से लगभग 4,000 सरकारी तिरपाल बरामद किए थे।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (CPI-M) ने पुलिस स्टेशन में दीपांकर के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई। उन्हें मंगलवार को बसीरहाट उपजिला न्यायालय में पेश किया गया।
पथारप्रतिमा में सरकारी सामग्री बरामद
दक्षिण 24 परगना के पथारप्रतिमा में दुर्बचती ग्राम पंचायत क्षेत्र में तृणमूल क्षेत्रीय अध्यक्ष गौतम आरी के घर से बड़ी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री बरामद होने से इलाके में हलचल मच गई। BJP और स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि गौतम ने सरकारी राहत और विभिन्न परियोजना सामग्री को लंबे समय से घर के भंडारगृह में छिपा रखा था।
सोमवार रात भर तृणमूल नेता के घर को घेरकर विरोध प्रदर्शन हुए। सूचना मिलने पर पथारप्रतिमा पुलिस स्टेशन के अधिकारी और ब्लॉक विकास अधिकारी मौके पर पहुँचे। प्रशासन की मौजूदगी में की गई तलाशी में कंबल, तिरपाल, चटाई, मछली का चारा सहित कई सरकारी सामग्रियाँ बरामद हुईं।
सुंदरबन विकास बोर्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गौतम आरी को गिरफ्तार किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बने हुए हैं। BJP और CPI-M दोनों ने इन गिरफ्तारियों को शासन की विफलता का प्रमाण बताया है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी राहत सामग्री की हेराफेरी सीधे तौर पर उन गरीब लाभार्थियों को नुकसान पहुँचाती है जिनके लिए यह सामग्री निर्धारित थी।
आगे क्या होगा
दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। दीपांकर भट्टाचार्य को बसीरहाट उपजिला न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जबकि गौतम आरी के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह देखना होगा कि TMC नेतृत्व इन गिरफ्तारियों पर क्या रुख अपनाता है और क्या अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई होती है।