कोलकाता: TMC पार्षद सुष्मिता भट्टाचार्य ₹30 लाख जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार, KMC में अब 9 पार्षद हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड संख्या 63 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पार्षद सुष्मिता भट्टाचार्य को मंगलवार, 9 जून 2026 को वाटगंज पुलिस स्टेशन की पुलिस ने कथित जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। उनके पति सलिल चटर्जी को भी उसी मामले में हिरासत में लिया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही KMC में विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार तृणमूल पार्षदों की कुल संख्या नौ हो गई है।
मुख्य आरोप और एफआईआर
पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को वाटगंज पुलिस स्टेशन में सुष्मिता और सलिल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि सुष्मिता भट्टाचार्य ने एक बुजुर्ग व्यक्ति से ₹30 लाख की जबरन वसूली की और उन्हें धमकाया भी। पुलिस ने दोनों को इन्हीं आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है।
KMC में गिरफ्तारियों का सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद पुलिस ने तृणमूल के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी है। पिछले शनिवार को वार्ड संख्या 101 के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को पटुली से जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रविवार को वार्ड संख्या 39 के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को जोरासांको पुलिस ने उनके घर से उठाया — उनके खिलाफ बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम, 2012 और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इससे पहले पुलिस ने कोलकाता में छह और पार्षदों को गिरफ्तार किया था। इनमें वार्ड 114 के बिस्वजीत मंडल, वार्ड 123 के सुदीप पोले, वार्ड 36 के सचिन सिंह, वार्ड 106 के अरिजीत दास, और वार्ड 42 के महेश कुमार शर्मा शामिल हैं।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल के छोटे-बड़े नेता जनता के आक्रोश और पुलिस कार्रवाई दोनों का सामना कर रहे हैं। कुछ पर जबरन वसूली के आरोप हैं, जबकि अन्य पर सरकारी राहत सामग्री को अपने घरों में जमा करने के आरोप लगे हैं। पुलिस लगभग सभी प्रमुख आरोपों पर कार्रवाई कर रही है और राज्य भर में छापेमारी जारी है। यह KMC में तृणमूल के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ हालिया गिरफ्तारियों की लंबी श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है।
आगे क्या होगा
सुष्मिता भट्टाचार्य और सलिल चटर्जी को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। जांच अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी और पूछताछ का दौर जारी रहेगा। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।