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कोलकाता: भ्रष्टाचार के आरोप में एक और TMC पार्षद गिरफ्तार, KMC में अब तक तीन गिरफ्तारियाँ

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कोलकाता: भ्रष्टाचार के आरोप में एक और TMC पार्षद गिरफ्तार, KMC में अब तक तीन गिरफ्तारियाँ

सारांश

कोलकाता नगर निगम में भ्रष्टाचार की कड़ी लंबी होती जा रही है। वार्ड 106 के TMC पार्षद अरिजीत दास ठाकुर की गिरफ्तारी के साथ एक महीने में तीसरे पार्षद पर शिकंजा कसा गया है — पहले सुदीप पोले, फिर सचिन सिंह, और अब दास ठाकुर। आरोप एक जैसे हैं: प्रमोटरों और कारोबारियों से कथित वसूली।

मुख्य बातें

वार्ड 106 के TMC पार्षद अरिजीत दास ठाकुर को गरफा थाने ने मंगलवार रात गिरफ्तार किया।
एक महीने में KMC के तीन तृणमूल पार्षद भ्रष्टाचार/वसूली के आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
एक दिन पहले वार्ड 36 के पार्षद सचिन सिंह को नारकेलडांगा थाने ने पकड़ा।
23 मई को वार्ड 123 के पार्षद और बोरो 16 के चेयरमैन सुदीप पोले की गिरफ्तारी हुई थी।
आरोपों में प्रमोटरों, कारोबारियों से धमकाकर वसूली और चुनावी हिंसा में कथित संलिप्तता शामिल है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के एक और तृणमूल कांग्रेस पार्षद को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया है, जिसके साथ ही पिछले कुछ हफ्तों में इन आरोपों में पकड़े गए KMC के तृणमूल पार्षदों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पुलिस ने बुधवार, 3 जून को बताया कि वार्ड नंबर 106 के पार्षद अरिजीत दास ठाकुर को मंगलवार रात गरफा थाने की टीम ने हिरासत में लिया।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दास ठाकुर पर आरोप है कि वे स्थानीय प्रमोटरों और कारोबारियों को धमकाकर कथित तौर पर पैसे वसूल रहे थे। एक लिखित शिकायत में कहा गया था कि वे लंबे समय से इलाके में निर्माण और व्यापारिक मामलों में दखल देकर वसूली की कोशिश कर रहे थे।

अधिकारियों ने पहले पार्षद को पूछताछ के लिए बुलाया और लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जाँच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि हुई।

एक दिन पहले सचिन सिंह की गिरफ्तारी

इससे पहले मंगलवार को नारकेलडांगा थाने की पुलिस ने वार्ड नंबर 36 के तृणमूल पार्षद सचिन सिंह को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय सिंह के घर के सामने स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि वे विरोधियों को धमकाने और पीटने में भी शामिल रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंह पर 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद हुई चुनावी हिंसा में कथित संलिप्तता का भी आरोप है। उसी वर्ष उन्होंने पहली बार तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर KMC चुनाव जीता था।

तीसरी कड़ी: सुदीप पोले की गिरफ्तारी

23 मई को ठाकुरपुकुर पुलिस ने वार्ड नंबर 123 के तृणमूल पार्षद और बोरो नंबर 16 के चेयरमैन सुदीप पोले को भी जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इन तीनों गिरफ्तारियों ने KMC में सत्तारूढ़ दल के पार्षदों पर लग रहे आरोपों की एक स्पष्ट कड़ी सामने रख दी है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि पिछले एक महीने में राज्यभर में बड़ी संख्या में तृणमूल पार्षदों को भ्रष्टाचार और उगाही के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई स्थानीय निकायों में कथित ‘कट मनी’ संस्कृति पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा करती है, जबकि सत्तारूढ़ दल के समर्थक इसे चुनिंदा कार्रवाई बता रहे हैं।

आगे क्या

पुलिस ने संकेत दिया है कि गिरफ्तार पार्षदों से पूछताछ के आधार पर अन्य नामों की भी जाँच की जा सकती है। गिरफ्तार पार्षदों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ रिमांड और जमानत पर सुनवाई होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक पैटर्न है — और यह पैटर्न ‘कट मनी’ और निर्माण-प्रमोटर नेटवर्क पर लंबे समय से उठते सवालों की ओर लौटता है। असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच पार्षद-स्तर पर रुकेगी या ऊपर तक जाएगी, क्योंकि वार्ड-स्तरीय वसूली शायद ही अकेले चलती है। आलोचकों का कहना है कि कार्रवाई चुनिंदा है; समर्थकों के लिए यह सफाई का संकेत है। दोनों दावे तभी टिकेंगे जब चार्जशीट और सज़ा के आँकड़े सामने आएँगे — सिर्फ गिरफ्तारियाँ नहीं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में किस TMC पार्षद को ताज़ा मामले में गिरफ्तार किया गया है?
कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 106 के तृणमूल पार्षद अरिजीत दास ठाकुर को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई गरफा पुलिस थाने ने एक लिखित शिकायत और शुरुआती जाँच के आधार पर की।
अरिजीत दास ठाकुर पर क्या आरोप हैं?
उन पर आरोप है कि वे लंबे समय से अपने इलाके के निर्माण कार्यों और व्यापार में दखल देकर स्थानीय प्रमोटरों और कारोबारियों से कथित तौर पर पैसे वसूल रहे थे। शिकायत में धमकाकर वसूली का उल्लेख है, जिसकी पुष्टि शुरुआती जाँच में हुई बताई जा रही है।
अब तक KMC के कितने तृणमूल पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं?
पुलिस के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में भ्रष्टाचार/वसूली के आरोपों में KMC के कुल तीन तृणमूल पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं — सुदीप पोले (23 मई), सचिन सिंह (मंगलवार) और अरिजीत दास ठाकुर (मंगलवार रात)।
सचिन सिंह की गिरफ्तारी क्यों चर्चा में है?
वार्ड 36 के पार्षद सचिन सिंह पर जबरन वसूली के साथ-साथ 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई चुनावी हिंसा में कथित संलिप्तता का भी आरोप है। गिरफ्तारी के समय स्थानीय लोगों ने उनके घर के सामने प्रदर्शन कर विरोधियों को धमकाने-पीटने के आरोप भी लगाए।
इन गिरफ्तारियों का राजनीतिक महत्व क्या है?
पिछले एक महीने में पूरे पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में तृणमूल पार्षदों पर भ्रष्टाचार और उगाही के आरोपों में कार्रवाई हुई है। आलोचकों का कहना है कि यह स्थानीय निकायों में कथित वसूली नेटवर्क पर बढ़ते दबाव का संकेत है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे चुनिंदा कार्रवाई बता सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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