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तमिलनाडु में डेंगू के 13,573 मामले और 9 मौतें, अगस्त में स्वाइन फ्लू के 645 केस — मानसून से पहले अलर्ट

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तमिलनाडु में डेंगू के 13,573 मामले और 9 मौतें, अगस्त में स्वाइन फ्लू के 645 केस — मानसून से पहले अलर्ट

सारांश

तमिलनाडु में मानसून से पहले ही डेंगू और स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। अगस्त में डेंगू के 3,315 और स्वाइन फ्लू के 645 मामले — दोनों पिछले वर्ष के मुकाबले कई गुना अधिक। चेन्नई सबसे प्रभावित, और असली मानसून का मौसम अभी आना बाकी है।

मुख्य बातें

1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच तमिलनाडु में डेंगू के 13,573 मामले और 9 मौतें दर्ज की गई हैं।
अगस्त 2026 में डेंगू के 3,315 मामले — पिछले वर्ष अगस्त के 1,832 मामलों से 81% अधिक।
चेन्नई में 2,584 और कोयंबटूर में 1,999 मामलों के साथ ये दोनों जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।
स्वाइन फ्लू के 1,500 से अधिक मामलों के साथ तमिलनाडु देश में दूसरे स्थान पर; अगस्त में 645 मामले — पिछले वर्ष अगस्त में केवल 46 थे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वाइन फ्लू पीड़ितों को 5 दिन आइसोलेशन और डेंगू रोकथाम के लिए जमा पानी हटाने की सलाह दी।

तमिलनाडु में 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच डेंगू के 13,573 मामले दर्ज किए गए और 9 लोगों की मौत हुई। जन स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, जुलाई और अगस्त में संक्रमण की रफ्तार पिछले वर्ष की तुलना में काफी तेज़ रही है, और चेन्नई सहित पूरे राज्य में मानसून का मुख्य दौर अभी बाकी है — जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता को और गहरा कर रहा है।

मासिक आँकड़े: जुलाई-अगस्त में तेज़ उछाल

विभागीय आँकड़ों के अनुसार, जनवरी में 1,722, फरवरी में 1,322, मार्च में 1,228, अप्रैल में 1,201 और मई में 1,062 डेंगू मामले सामने आए। जून में यह संख्या बढ़कर 1,384 हो गई। इसके बाद जुलाई में 2,339 और अगस्त में 3,315 मामले दर्ज किए गए — जो वर्ष का अब तक का सर्वाधिक मासिक आँकड़ा है।

पिछले वर्ष की तुलना में यह वृद्धि स्पष्ट है: जुलाई 2025 में जहाँ 1,880 मामले थे, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या 2,339 हो गई। अगस्त में तो यह उछाल और भी तीखा रहा — 1,832 से सीधे 3,315 तक।

चेन्नई और कोयंबटूर सबसे प्रभावित

जिलेवार आँकड़ों में चेन्नई सबसे ऊपर है, जहाँ जनवरी से अगस्त के बीच कुल 2,584 मामले दर्ज हुए। इसके बाद कोयंबटूर में 1,999 मामले सामने आए। सरकारी डॉक्टरों के अनुसार, चेन्नई में अधिक जनसंख्या घनत्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों का पर्याप्त पालन न होना संक्रमण के प्रसार की प्रमुख वजह बन रही है।

गौरतलब है कि 2025 में पूरे वर्ष तमिलनाडु में डेंगू के 25,533 मामले दर्ज हुए थे — जो 2022 और 2024 के बीच दर्ज मामलों से कम था। इस वर्ष अगस्त तक ही 13,573 मामले आ चुके हैं, और मानसून का ज़ोर अभी आना बाकी है।

स्वाइन फ्लू में भी चिंताजनक बढ़ोतरी

डेंगू के साथ-साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2026 में अब तक तमिलनाडु में 1,500 से अधिक स्वाइन फ्लू मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे यह राज्य देश में संक्रमण के मामलों के लिहाज़ से दूसरे स्थान पर आ गया है।

स्वाइन फ्लू में वृद्धि का सबसे चिंताजनक पहलू अगस्त का आँकड़ा है: 2025 के अगस्त में जहाँ केवल 46 मामले थे, वहीं 2026 के अगस्त में यह संख्या बढ़कर 645 हो गई — यानी एक वर्ष में 14 गुना से अधिक की वृद्धि।

डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्तियों को कम से कम 5 दिनों तक खुद को अलग-थलग रखने की सलाह दी है। बुखार या साँस लेने में तकलीफ होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहना, ज़रूरत पड़ने पर मास्क पहनना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक बताया गया है।

डेंगू की रोकथाम के लिए अधिकारियों ने घरों और कार्यस्थलों के आसपास जमा पानी और मच्छरों के पनपने की जगहों को नष्ट करने पर ज़ोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले बारिश के महीनों में संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण, जन जागरूकता और त्वरित उपचार — ये चारों पहलू मिलकर काम करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पिछले वर्ष के अनुभव बताते हैं कि अक्टूबर-नवंबर में चेन्नई में बाढ़ जैसे हालात डेंगू को और भड़काते हैं। सरकारी सलाहें तो जारी हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि शहरी जल-निकासी और मच्छर नियंत्रण के ढाँचागत उपाय इस बार कितने प्रभावी साबित होते हैं — क्योंकि जागरूकता अभियान हर साल आते हैं, पर संक्रमण की लहरें भी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में 2026 में डेंगू की स्थिति कितनी गंभीर है?
जन स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच राज्य में डेंगू के 13,573 मामले और 9 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। अगस्त में अकेले 3,315 मामले आए, जो पिछले वर्ष के अगस्त के 1,832 मामलों से काफी अधिक हैं।
तमिलनाडु में स्वाइन फ्लू के मामले इतने क्यों बढ़े?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जनसंख्या घनत्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य सावधानियों का पर्याप्त पालन न होना प्रमुख कारण हैं। 2026 में राज्य में 1,500 से अधिक स्वाइन फ्लू मामले दर्ज हुए हैं, और अगस्त में 645 मामले आए — पिछले वर्ष अगस्त में यह संख्या केवल 46 थी।
डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
सरकारी डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू पीड़ितों को कम से कम 5 दिन आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। बुखार या साँस की तकलीफ होने पर भीड़ से दूर रहें, मास्क पहनें और तुरंत चिकित्सक से मिलें। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास जमा पानी और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करें।
तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा डेंगू मामले कहाँ दर्ज हुए?
चेन्नई में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 2,584 डेंगू मामले दर्ज हुए, जो राज्य में सर्वाधिक हैं। इसके बाद कोयंबटूर में 1,999 मामले सामने आए।
क्या मानसून में तमिलनाडु में डेंगू और बढ़ सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता यही है — चेन्नई सहित तमिलनाडु में मानसून का मुख्य दौर अभी आना बाकी है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाता है। विशेषज्ञों ने साफ-सफाई, मच्छर नियंत्रण और जन जागरूकता को आने वाले महीनों में सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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