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लंदन स्क्वैश क्लासिक: अनाहत सिंह क्वार्टर फाइनल में शिवसांगरी से 11-4, 11-4 से हारीं

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लंदन स्क्वैश क्लासिक: अनाहत सिंह क्वार्टर फाइनल में शिवसांगरी से 11-4, 11-4 से हारीं

सारांश

वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत सिंह लंदन स्क्वैश क्लासिक के क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की शिवसांगरी से महज 17 मिनट में 11-4, 11-4 से हार गईं। यह नतीजा आगामी एशियन गेम्स में भारत की राह कितनी कठिन है, यह साफ करता है — जहां स्वर्ण पदक विजेता को 2028 ओलंपिक का टिकट मिलेगा।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह लंदन स्क्वैश क्लासिक के क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की तीसरी सीड शिवसांगरी सुब्रमण्यम से 11-4, 11-4 से हारीं।
मैच केवल 17 मिनट में समाप्त हुआ; यह USD 1,44,000 का पीएसए गोल्ड इवेंट है।
अनाहत ने पिछले दौर में आठवीं सीड नेले गिलिस (बेल्जियम) को तीन गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।
शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन अमीना ओरफी (मिस्र) से भिड़ेंगी।
अनाहत 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेंगी, इसके बाद एशियन गेम्स पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
एशियन गेम्स एकल स्वर्ण पदक विजेता को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए सीधी क्वालीफिकेशन मिलेगी।

भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का लंदन स्क्वैश क्लासिक में अभियान 5 सितंबर, शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया, जब मलेशिया की तीसरी सीड शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने उन्हें महज 17 मिनट में 11-4, 11-4 से पराजित किया। USD 1,44,000 के इस पीएसए गोल्ड इवेंट में अनाहत का सफर यहीं थम गया।

मैच का घटनाक्रम

मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत मुकाबले की शुरुआत से ही लय नहीं बना पाईं। शिवसांगरी ने रैलियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और लगातार अनाहत को कोर्ट के पीछे धकेलती रहीं। दोनों गेम में स्कोर एकतरफा रहा और मलेशियाई खिलाड़ी ने बेहद कम समय में जीत दर्ज की।

शिवसांगरी ने स्क्वैशटीवी से कहा, 'मैं आज अपने खेल से खुश हूं। अनाहत बहुत प्रतिभावान खिलाड़ी है। उसने कुछ टॉप खिलाड़ियों को हराया है और उनमें से ज़्यादातर को चुनौती दी है।'

अनाहत का टूर्नामेंट में सफर

क्वार्टर फाइनल से पहले अनाहत ने आठवीं सीड वाली बेल्जियम की नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी। यह जीत उनकी प्रतिभा और संघर्ष करने की क्षमता का प्रमाण थी, लेकिन शिवसांगरी के सामने वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सकीं।

सेमीफाइनल में शिवसांगरी की राह

लंदन स्क्वैश क्लासिक की पूर्व चैंपियन शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में दूसरी सीड और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मिस्र की अमीना ओरफी से भिड़ेंगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक दौर में से एक होने की उम्मीद है।

एशियन गेम्स और ओलंपिक की बड़ी तस्वीर

इस हार का महत्व सिर्फ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। शिवसांगरी एशिया की सबसे ऊंची रैंक वाली खिलाड़ी हैं और जापान में होने वाले कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन में वे भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं। गौरतलब है कि एशियन गेम्स के एकल गोल्ड मेडलिस्ट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे — जो स्क्वैश की ओलंपिक में पहली बड़ी वापसी होगी।

अनाहत के लिए यह हार आगे आने वाली चुनौतियों का शुरुआती संकेत है। एशियन गेम्स की तैयारी से पहले वे 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेंगी, जो उनके लिए आत्मविश्वास और लय हासिल करने का एक और अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय स्क्वैश के लिए एक कड़ा संदेश है। अनाहत की प्रतिभा निर्विवाद है, लेकिन शिवसांगरी जैसी अनुभवी और रणनीतिक खिलाड़ी के सामने युवा जोश काफी नहीं होता। असली चिंता यह है कि एशियन गेम्स में यही शिवसांगरी भारत की ओलंपिक उम्मीदों के सामने सबसे बड़ी दीवार बन सकती हैं। कतर क्लासिक अनाहत के लिए महज एक टूर्नामेंट नहीं — यह उनकी मानसिक और तकनीकी तैयारी की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह लंदन स्क्वैश क्लासिक में क्यों हारीं?
मलेशिया की तीसरी सीड शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने रैलियों पर पूरा नियंत्रण रखते हुए अनाहत को कोर्ट के पीछे लगातार धकेला और महज 17 मिनट में 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। अनाहत मुकाबले की शुरुआत से ही अपनी लय नहीं बना पाईं।
लंदन स्क्वैश क्लासिक में अनाहत का प्रदर्शन कैसा रहा?
अनाहत ने पिछले दौर में आठवीं सीड बेल्जियम की नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में शिवसांगरी के खिलाफ वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सकीं।
अनाहत सिंह अब आगे कौन से टूर्नामेंट में खेलेंगी?
अनाहत 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेंगी। इसके बाद उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर केंद्रित होगा।
एशियन गेम्स स्क्वैश इतना अहम क्यों है?
एशियन गेम्स के एकल स्वर्ण पदक विजेता को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए सीधी क्वालीफिकेशन मिलेगी, जहां स्क्वैश पहली बार ओलंपिक में शामिल होगा। इसलिए इस प्रतियोगिता का दांव बेहद ऊंचा है।
शिवसांगरी सुब्रमण्यम अब किससे भिड़ेंगी?
शिवसांगरी लंदन स्क्वैश क्लासिक के सेमीफाइनल में दूसरी सीड और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मिस्र की अमीना ओरफी से मुकाबला करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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