लंदन स्क्वैश क्लासिक: अनाहत सिंह क्वार्टर फाइनल में शिवसांगरी से 11-4, 11-4 से हारीं
सारांश
मुख्य बातें
भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का लंदन स्क्वैश क्लासिक में अभियान 5 सितंबर, शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया, जब मलेशिया की तीसरी सीड शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने उन्हें महज 17 मिनट में 11-4, 11-4 से पराजित किया। USD 1,44,000 के इस पीएसए गोल्ड इवेंट में अनाहत का सफर यहीं थम गया।
मैच का घटनाक्रम
मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत मुकाबले की शुरुआत से ही लय नहीं बना पाईं। शिवसांगरी ने रैलियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और लगातार अनाहत को कोर्ट के पीछे धकेलती रहीं। दोनों गेम में स्कोर एकतरफा रहा और मलेशियाई खिलाड़ी ने बेहद कम समय में जीत दर्ज की।
शिवसांगरी ने स्क्वैशटीवी से कहा, 'मैं आज अपने खेल से खुश हूं। अनाहत बहुत प्रतिभावान खिलाड़ी है। उसने कुछ टॉप खिलाड़ियों को हराया है और उनमें से ज़्यादातर को चुनौती दी है।'
अनाहत का टूर्नामेंट में सफर
क्वार्टर फाइनल से पहले अनाहत ने आठवीं सीड वाली बेल्जियम की नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी। यह जीत उनकी प्रतिभा और संघर्ष करने की क्षमता का प्रमाण थी, लेकिन शिवसांगरी के सामने वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सकीं।
सेमीफाइनल में शिवसांगरी की राह
लंदन स्क्वैश क्लासिक की पूर्व चैंपियन शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में दूसरी सीड और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मिस्र की अमीना ओरफी से भिड़ेंगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक दौर में से एक होने की उम्मीद है।
एशियन गेम्स और ओलंपिक की बड़ी तस्वीर
इस हार का महत्व सिर्फ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। शिवसांगरी एशिया की सबसे ऊंची रैंक वाली खिलाड़ी हैं और जापान में होने वाले कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन में वे भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं। गौरतलब है कि एशियन गेम्स के एकल गोल्ड मेडलिस्ट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे — जो स्क्वैश की ओलंपिक में पहली बड़ी वापसी होगी।
अनाहत के लिए यह हार आगे आने वाली चुनौतियों का शुरुआती संकेत है। एशियन गेम्स की तैयारी से पहले वे 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेंगी, जो उनके लिए आत्मविश्वास और लय हासिल करने का एक और अवसर होगा।