लंदन स्क्वैश क्लासिक: अनाहत सिंह ने 11 मिनट में जीत दर्ज की, रमित टंडन भी प्री-क्वार्टर में
सारांश
मुख्य बातें
लंदन स्क्वैश क्लासिक में भारत ने पहले दिन शानदार आगाज़ किया, जब अनाहत सिंह और रमित टंडन दोनों ने सीधे गेम में जीत हासिल करते हुए पीएसए वर्ल्ड टूर गोल्ड इवेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। हालाँकि, वीर चोटरानी पहले ही दौर में बाहर हो गए।
अनाहत सिंह का दबदबा
महिला वर्ग में वर्ल्ड नंबर 20 और मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत सिंह ने दिन का सबसे प्रभावशाली भारतीय प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्ल्ड नंबर 30 मिस्र की मरियम मेटवाली को महज 11 मिनट में 11-3, 11-2 से हराया — जो इस टूर्नामेंट की अब तक की सबसे एकतरफा जीतों में से एक रही।
इस भारतीय टीनएजर ने पहले गेम से ही मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी और मेटवाली को कभी लय पकड़ने का मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में भी उनका वर्चस्व बरकरार रहा। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट $1,44,000 की इनामी राशि वाला पीएसए गोल्ड इवेंट है, जो इसे सीज़न के सबसे अहम मुकाबलों में शामिल करता है।
अनाहत का अगला मुकाबला काफी कड़ा होगा — गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना बेल्जियम की वर्ल्ड नंबर 11 नेले गिलिस से होगा।
रमित टंडन की सधी हुई जीत
पुरुष वर्ग में वर्ल्ड नंबर 42 रमित टंडन ने भी बिना कोई गेम गंवाए अगले दौर में कदम रखा। 20 मिनट तक चले मुकाबले में उन्होंने कतर के अब्दुल्ला अल-तमीमी को 11-6, 11-7 से हराया। दोनों गेम में टंडन ने स्कोर पर नियंत्रण बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी को कभी वापसी का मौका नहीं दिया।
प्री-क्वार्टर फाइनल में बुधवार को उनका सामना आठवीं वरीयता प्राप्त मोहम्मद एलशोरबागी से होगा, जो मिस्र में जन्मे हैं और अब इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह टंडन के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
वीर चोटरानी का निराशाजनक सफर
वर्ल्ड नंबर 38 वीर चोटरानी के लिए टूर्नामेंट पहले ही दौर में समाप्त हो गया। स्विट्जरलैंड के वर्ल्ड नंबर 34 यानिक विल्हेल्मी ने उन्हें कड़े मुकाबले में 11-9, 11-9 से हराया। दोनों गेम बराबर अंतर से जीतकर विल्हेल्मी ने चोटरानी के अभियान को जल्द समेट दिया।
एशियाई खेलों की तैयारी का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अनाहत सिंह और वीर चोटरानी दोनों जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए तैयारी कर रही भारतीय स्क्वैश टीम का हिस्सा हैं। लंदन स्क्वैश क्लासिक भारत के शीर्ष खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव और रैंकिंग अंक हासिल करने का अहम मंच बना हुआ है।
आगे क्या
अनाहत और टंडन के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुँचने के बाद भारत की नज़रें अब गुरुवार और बुधवार के मुकाबलों पर टिकी हैं। यदि दोनों अपने-अपने मुश्किल मुकाबले जीतते हैं, तो भारत पहली बार इस टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में दोहरी उपस्थिति दर्ज करा सकता है।