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स्वाइन फ्लू से न घबराएं: AIIA निदेशक प्रदीप कुमार प्रजापति की आयुर्वेदिक सलाह

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स्वाइन फ्लू से न घबराएं: AIIA निदेशक प्रदीप कुमार प्रजापति की आयुर्वेदिक सलाह

सारांश

AIIA निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति ने स्वाइन फ्लू को कोरोना जैसा बताने से इनकार किया और कहा कि 4 दिन का बुखार सामान्य है। सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट जैसी आयुर्वेदिक दवाओं के अच्छे परिणाम सामने आए हैं — लेकिन डॉक्टरी सलाह अनिवार्य है।

मुख्य बातें

प्रदीप कुमार प्रजापति ने 2 सितंबर को स्वाइन फ्लू पर आयुर्वेदिक सावधानियां साझा कीं।
स्वाइन फ्लू में 4 दिनों तक 100°F से ऊपर बुखार बना रहना सामान्य लक्षण है।
सुदर्शन घनवटी , दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिणाम अच्छे, लेकिन डॉक्टर की सलाह अनिवार्य ।
अच्छी इम्यूनिटी वाले 3 दिन में, कमज़ोर इम्यूनिटी वाले 5 दिन या अधिक में रिकवर हो सकते हैं।
स्वाइन फ्लू कोरोना वायरस जैसा नहीं — अत्यधिक घबराहट की आवश्यकता नहीं।
गर्म पानी, हल्का भोजन, स्टीम, स्वच्छता और पर्याप्त नींद प्रमुख सावधानियां हैं।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति ने 2 सितंबर को स्पष्ट किया कि बदलते मौसम में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अत्यधिक घबराहट की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आयुर्वेदिक उपायों और सावधानियों की एक श्रृंखला साझा की, साथ ही यह भी कहा कि किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।

मौसम परिवर्तन और स्वाइन फ्लू का संबंध

डॉ. प्रजापति के अनुसार, वर्षा ऋतु में मच्छरों का प्रकोप, बैक्टीरिया और वायरस का तेज़ी से पनपना तथा खान-पान की अनियमितता मिलकर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर करती है। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में इम्यूनिटी सबसे कम होती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस का प्रभाव शरीर पर अधिक पड़ता है।

गौरतलब है कि इस वर्ष स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि ने आम जनता में चिंता उत्पन्न की है। डॉ. प्रजापति ने बताया कि उन्होंने स्वयं और उनके परिवारजनों ने भी इस वायरस का सामना किया, और इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने 10 मामलों का विस्तृत अध्ययन किया।

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण

अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर डॉ. प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू में 4 दिनों तक बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर बना रहता है। इसके साथ ही रोगी को भूख-प्यास में कमी और सिरदर्द की शिकायत भी होती है। बुखार उतरने के बाद सर्दी, जुकाम और सिरदर्द जैसी जटिलताएं कुछ समय तक बनी रह सकती हैं।

आयुर्वेदिक उपाय और सावधानियां

डॉ. प्रजापति ने बताया कि सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिणाम स्वाइन फ्लू के उपचार में अच्छे देखे गए हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने निम्नलिखित सावधानियाँ सुझाईं:

गर्म पानी का नियमित सेवन करें। हल्का और गर्म भोजन लें तथा काम से पर्याप्त आराम करें। व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और नियमित भाप (स्टीम) लें। अच्छी नींद सुनिश्चित करें।

रिकवरी और इम्यूनिटी की भूमिका

डॉ. प्रजापति के अनुसार, 4 दिन बाद बुखार धीरे-धीरे स्वतः कम होने लगता है। जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, वे 3 दिन में भी इस वायरस से उबर सकते हैं, जबकि कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों को 5 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।

कोरोना से तुलना और आश्वासन

डॉ. प्रजापति ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि स्वाइन फ्लू कोरोना वायरस जैसा नहीं है और इससे अत्यधिक घबराने की ज़रूरत नहीं है। सही देखभाल, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आयुर्वेदिक सावधानियों से इस वायरस से सामान्यतः शीघ्र उबरा जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह 10 मामलों के अध्ययन को वैज्ञानिक साक्ष्य का दर्जा नहीं देती। आयुर्वेदिक दवाओं के 'अच्छे परिणाम' का दावा तब तक अधूरा है जब तक नियंत्रित परीक्षण का संदर्भ न हो। जनता को आश्वस्त करना ज़रूरी है, पर यह भी ज़रूरी है कि स्वाइन फ्लू के गंभीर मामलों में आधुनिक चिकित्सा की अनदेखी न हो — यह संतुलन इस संदेश में और स्पष्ट होना चाहिए था।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण क्या हैं?
स्वाइन फ्लू में 4 दिनों तक 100 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर बुखार बना रहता है। इसके साथ भूख-प्यास में कमी और सिरदर्द भी होता है। बुखार उतरने के बाद सर्दी, जुकाम जैसी जटिलताएं कुछ समय तक रह सकती हैं।
स्वाइन फ्लू में कौन-सी आयुर्वेदिक दवाएं लाभकारी हैं?
AIIA निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति के अनुसार सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिणाम अच्छे देखे गए हैं। हालाँकि, इन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए।
स्वाइन फ्लू से रिकवरी में कितना समय लगता है?
अच्छी रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग 3 दिन में ठीक हो सकते हैं, जबकि कमज़ोर इम्यूनिटी वालों को 5 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है। 4 दिन बाद बुखार धीरे-धीरे स्वतः कम होने लगता है।
क्या स्वाइन फ्लू कोरोना वायरस जितना खतरनाक है?
नहीं। डॉ. प्रजापति ने स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू कोरोना वायरस जैसा नहीं है और इससे अत्यधिक घबराने की ज़रूरत नहीं है। सही देखभाल और चिकित्सकीय परामर्श से इससे सामान्यतः शीघ्र उबरा जा सकता है।
मानसून में स्वाइन फ्लू क्यों बढ़ता है?
वर्षा ऋतु में मच्छरों का प्रकोप, बैक्टीरिया-वायरस का तेज़ी से पनपना और खान-पान की अनियमितता मिलकर इम्यूनिटी कमज़ोर करती है। इस मौसम में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सबसे कम होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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