चेन्नई कॉरपोरेशन ने खोला 'माइंड मंदिरा' वेलनेस सेंटर, कर्मचारियों को मिलेगी मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के कमिश्नर जी.एस. समीरन ने 2 सितंबर 2026 को रिपन बिल्डिंग्स कॉम्प्लेक्स में 'माइंड मंदिरा वेलनेस सेंटर' का उद्घाटन किया — यह सुविधा कॉरपोरेशन के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को निःशुल्क प्रोफेशनल काउंसलिंग और भावनात्मक सहायता उपलब्ध कराएगी। यह केंद्र ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन, क्रेडाई चेन्नई फाउंडेशन और धृति फाउंडेशन की त्रिपक्षीय साझेदारी से संचालित है।
केंद्र की स्थापना और पृष्ठभूमि
'माइंड मंदिरा वेलनेस सेंटर' कॉरपोरेशन मुख्यालय के रेवेन्यू डिपार्टमेंट भवन में स्थापित किया गया है। इस व्यापक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को औपचारिक रूप से 10 अगस्त 2026 को शुरू किया गया था, और अब इस वेलनेस सेंटर के उद्घाटन के साथ इसका अगला चरण पूरा हुआ है। यह पहल कार्यस्थल पर स्वस्थ और सहयोगी माहौल बनाने की कॉरपोरेशन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
सेवाएं और सुविधाएं
सेंटर में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को हेल्पलाइन नंबर +91 80314 51918 के जरिए सहायता ली जा सकती है। मंगलवार और गुरुवार को प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों से आमने-सामने परामर्श की सुविधा उपलब्ध होगी। मदद चाहने वाले कर्मचारी सीधे सेंटर पर पंजीकरण करा सकते हैं। कॉरपोरेशन के अनुसार, यह एक सुरक्षित और निर्णय-मुक्त माहौल होगा जहाँ कर्मचारी व्यक्तिगत या कार्यस्थल से जुड़ी किसी भी चिंता पर बेझिझक बात कर सकेंगे।
कार्यक्रम के उद्देश्य
इस पहल का लक्ष्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कार्यस्थल के तनाव को पहचानने और प्रबंधित करने की क्षमता विकसित करना और भावनात्मक दृढ़ता को मजबूत करना है। कार्यक्रम के तहत समय पर काउंसलिंग से भावनात्मक कठिनाइयों को प्रारंभिक अवस्था में ही पहचाना जा सकेगा, जिससे वे कर्मचारियों के पेशेवर और निजी जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने से पहले ही नियंत्रित हो सकें।
मानसिक स्वास्थ्य की कलंक-मुक्ति पर जोर
यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और कलंक को दूर करने पर विशेष बल देता है। कॉरपोरेशन का मानना है कि कर्मचारियों को मानसिक सेहत को समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा मानने के लिए प्रोत्साहित करना उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना। गौरतलब है कि सरकारी क्षेत्र में कार्यस्थल मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की यह पहल देश के नगर निगमों में अपनी तरह की अग्रणी पहलों में से एक मानी जा रही है।
आगे की राह
कॉरपोरेशन के अनुसार, इस कार्यक्रम का अगला चरण और अधिक व्यवस्थित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित होगा, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इसका लाभ उठा सकें। यह पहल भविष्य में अन्य सरकारी विभागों के लिए एक मॉडल बन सकती है।