तमिलनाडु में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए 'टैलेंट रिसर्च विंग' की स्थापना, 2026-27 में बुनियादी ढाँचे का व्यापक उन्नयन

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तमिलनाडु में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए 'टैलेंट रिसर्च विंग' की स्थापना, 2026-27 में बुनियादी ढाँचे का व्यापक उन्नयन

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने खेल क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी की है — मेरिट-आधारित 'टैलेंट रिसर्च विंग', सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिये खेल संघों का एकीकरण। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की दीर्घकालिक विजन योजना का हिस्सा बना यह खेल रोडमैप राज्य की खेल नीति को नई दिशा देने का दावा करता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार मेरिट-आधारित 'टैलेंट रिसर्च विंग' स्थापित करेगी, जिसमें सिफारिश या बाहरी प्रभाव की कोई जगह नहीं होगी।
सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 3 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना है।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में बढ़ोतरी और वित्तीय सहायता योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
खेल संघों को खेल विभाग और खिलाड़ियों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
मंत्री आधव अर्जुना मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों का दौरा कर खेल सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे।
बैठक 19 मई 2026 को जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम, चेन्नई में आयोजित हुई।

तमिलनाडु सरकार ने 19 मई 2026 को राज्य में खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेरिट-आधारित 'टैलेंट रिसर्च विंग' की स्थापना की घोषणा की। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुना ने की।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री आधव अर्जुना ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि प्रस्तावित टैलेंट रिसर्च विंग में किसी भी प्रकार की सिफारिश या बाहरी प्रभाव को स्थान नहीं दिया जाएगा — प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय राज्य की दीर्घकालिक विजन परियोजनाओं के तहत खेल क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए खेल अवसंरचना परियोजनाओं की रूपरेखा तय की गई। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 3 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में बढ़ोतरी पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान

मंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी किसी भी खिलाड़ी की सफलता में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सरकार खिलाड़ियों को जूते और प्रशिक्षण उपकरण सहित आवश्यक खेल सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के प्रतिभाशाली स्कूली छात्रों की पहचान पर विशेष बल दिया जाएगा और वित्तीय सहायता योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को उचित संसाधन न मिलने की समस्या लंबे समय से चर्चा में है। तमिलनाडु का यह कदम राज्य की खेल नीति को अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और खेल संघों का एकीकरण

मंत्री आधव अर्जुना ने घोषणा की कि खेल संघों की कार्यप्रणाली को खेल विभाग और खिलाड़ियों के साथ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और खिलाड़ियों को योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।

बैठक से पहले मंत्री ने स्टेडियम में चयन ट्रायल में भाग ले रहे खिलाड़ियों से सीधी बातचीत की और पैरा खिलाड़ियों के विशेष फिटनेस सेंटर, टेबल टेनिस एरिना, वेटलिफ्टिंग यूनिट और शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया।

ज़िला स्तर पर सुविधाओं का निरीक्षण

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री आधव अर्जुना राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे, जहाँ वे खेल सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण करेंगे और सुधार की आवश्यकता वाले स्थानों की पहचान करेंगे। खेल छात्रावासों के उन्नयन पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में युवा कल्याण एवं खेल विकास विभाग के सचिव एस. जे. आर. चौहान और तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव जे. मेगानाथ रेड्डी सहित खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 तक खेल बुनियादी ढाँचे को व्यापक रूप से सुदृढ़ किया जाए और तमिलनाडु को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान दिलाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी इसके क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि राज्य की खेल अकादमियों में अब तक अनौपचारिक सिफारिशों का प्रभाव छुपा नहीं रहा। 3% आरक्षण और वित्तीय सहायता की घोषणाएँ कागज़ पर मज़बूत हैं, परंतु बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के ये नीतियाँ पहले की कई खेल योजनाओं की तरह अमल में कमज़ोर पड़ सकती हैं। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की राजनीतिक पहचान युवाओं से जुड़ी है — यह खेल नीति उस छवि को ज़मीन पर साबित करने की परीक्षा भी है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ज़िला दौरे जैसे कदम सही दिशा में हैं, बशर्ते इनकी समयसीमा और जवाबदेही सार्वजनिक हो।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की 'टैलेंट रिसर्च विंग' क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार द्वारा स्थापित की जाने वाली एक विशेष इकाई है, जो मेरिट के आधार पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगी। इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश या बाहरी प्रभाव को स्थान नहीं दिया जाएगा।
तमिलनाडु में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में कितना आरक्षण मिलेगा?
तमिलनाडु सरकार सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 3 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है। यह निर्णय 19 मई 2026 को चेन्नई में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया।
तमिलनाडु खेल विकास की समीक्षा बैठक में और क्या निर्णय हुए?
बैठक में खेल छात्रावासों के उन्नयन, पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में बढ़ोतरी, वित्तीय सहायता योजनाओं के विस्तार और खेल संघों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर चर्चा हुई। आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के प्रतिभाशाली स्कूली छात्रों की पहचान पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।
इस खेल नीति से तमिलनाडु के किन खिलाड़ियों को सबसे अधिक फायदा होगा?
आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के स्कूली छात्र और पैरा खिलाड़ी इस नीति से सर्वाधिक लाभान्वित होंगे। सरकार उन्हें खेल उपकरण, वित्तीय सहायता और विशेष फिटनेस सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
तमिलनाडु के खेल मंत्री आधव अर्जुना जिला दौरे क्यों करेंगे?
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के निर्देश पर मंत्री आधव अर्जुना राज्य के सभी जिलों में खेल सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य उन स्थानों की पहचान करना है जहाँ बुनियादी ढाँचे में सुधार की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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