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तमिलनाडु चुनावों के बाद नीलगिरि तहर जनगणना की तैयारी, वन विभाग कर रहा है विशेष प्रशिक्षण

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तमिलनाडु चुनावों के बाद नीलगिरि तहर जनगणना की तैयारी, वन विभाग कर रहा है विशेष प्रशिक्षण

सारांश

तमिलनाडु वन विभाग ने नीलगिरि तहर की जनगणना को चुनावों के बाद कराने की योजना बनाई है। इसमें आधुनिक तकनीकों और विशेष प्रशिक्षण का उपयोग किया जाएगा।

मुख्य बातें

नीलगिरि तहर की जनगणना की तैयारी जारी है।
जनगणना 28 अप्रैल से 1 मई तक होगी।
वन विभाग ने कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है।
'वरुदाई' मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
177 जनगणना ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं।

चेन्नई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, तमिलनाडु वन विभाग तीसरी नीलगिरि तहर जनगणना को टाल सकता है। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब 28 अप्रैल से 1 मई के बीच जनगणना कराने की योजना बनाई गई है।

यह चार दिवसीय जनगणना, जो वन्यजीव निगरानी का एक महत्वपूर्ण पहल है, तमिलनाडु के लुप्तप्राय नीलगिरि तहर के कई आवासों में आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इस कार्य को कुशलतापूर्वक संचालित करने के लिए तैयारी पहले से की जा रही है।

इन तैयारियों में, विभाग जनगणना में शामिल कर्मियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। कर्मियों को आधुनिक डेटा संग्रहण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें 'वरुदाई' नामक विशेष रूप से विकसित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग भी शामिल है।

'वरुदाई' शब्द प्राचीन संगम साहित्य में पाया जाता है और परंपरागत रूप से इसका प्रयोग नीलगिरि तहर के संदर्भ में किया जाता है, जो इस क्षेत्र में इस प्रजाति के सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व को दर्शाता है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रतिभागियों की अंतिम सूची जल्द ही जारी की जाएगी और वन विभाग को इस कार्य के लिए उपयुक्त कर्मियों को नामित करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। राज्यभर में कुल 177 जनगणना ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिसमें अम्बासमुद्रम जैसे महत्वपूर्ण आवास क्षेत्र शामिल हैं, जहां हाल ही में इस प्रजाति को देखा गया है।

जनगणना में सटीकता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का संयोजन अपनाया जाएगा। गणना-आधारित विधि के तहत प्रशिक्षित कर्मी निर्दिष्ट क्षेत्रों के भीतर पशुओं की प्रत्यक्ष दृश्य गणना करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोहरी पर्यवेक्षक विधि का उपयोग किया जाएगा, जिसमें एक दूसरी टीम स्वतंत्र रूप से उसी क्षेत्र का सर्वेक्षण करके प्रारंभिक निष्कर्षों की पुष्टि करेगी।

नीलगिरि तहर की जनगणना समय-समय पर जनसंख्या के रुझानों की निगरानी करने और संरक्षण प्रयासों को निर्देशित करने के लिए की जाती रही है।

पिछले सर्वेक्षणों में इनकी संख्या में लगातार वृद्धि का संकेत मिला है। 2024 की जनगणना में किशोरों सहित 1,031 बकरे दर्ज किए गए थे जबकि 2025 के सर्वेक्षण में इनकी संख्या बढ़कर 1,303 हो गई। वन अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आगामी जनगणना से प्रजाति की जनसंख्या गतिशीलता और पर्यावास स्वास्थ्य के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त होगी। इससे तमिलनाडु के नाजुक पहाड़ी पारिस्थितिक तंत्रों में चल रही संरक्षण रणनीतियों को मजबूती मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। यह राज्य के पारिस्थितिकी संतुलन को बरकरार रखने में मदद करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीलगिरि तहर जनगणना कब होगी?
28 अप्रैल से 1 मई के बीच नीलगिरि तहर जनगणना की योजना है।
इस जनगणना में कौन से तकनीकों का उपयोग किया जाएगा?
इस जनगणना में आधुनिक डेटा संग्रहण तकनीकों और 'वरुदाई' मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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