महिला आरक्षण बिल पर महिलाओं की प्रतिक्रिया, नारी सशक्तिकरण को मिली नई ऊर्जा
सारांश
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डीडवाना, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा और स्थानीय नागरिकों ने महिला आरक्षण बिल के प्रति अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।
ज्योति शर्मा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी का धन्यवाद करना चाहती हूं। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण विचार किए हैं और राजनीतिक दलों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं। ऐसी पहलें पूर्व सरकारों द्वारा होनी चाहिए थीं। यह पहल नारी सशक्तिकरण को मजबूती देगी और महिलाओं को नए अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं संसद में आएंगी तो अपने क्षेत्र में बेहतर विकास कर सकेंगी। कांग्रेस की सरकार में जो नहीं हो पाया, वो पीएम मोदी कर रहे हैं। इसके लिए मैं उनकी सराहना करती हूं।
एक अन्य महिला निशा ने कहा कि संसद में महिलाओं की सीटें बढ़ने से देश को लाभ होगा। इससे महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी और शिक्षा, सुरक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब हर वर्ग की समान भागीदारी होती है। मोदी सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की यह पहल सकारात्मक है।
एक अन्य महिला ने इस अधिनियम का स्वागत किया और कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम की आवश्यकता थी। इससे हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
दिल्ली हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां ने इस सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए इसे महिलाओं के अधिकार और सम्मान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम कहा। कौसर जहां ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से विकास की गति तेज होगी। उनका मानना है कि यह एक सकारात्मक निर्णय है, क्योंकि इससे समाज में सुधार आएगा।
कर्नाटक की प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार अनुपमा होस्केरे ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का निर्णय बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व जनसंख्या के अनुपात में ठीक से नहीं हो पा रहा था।