पुतिन ने युद्ध के बीच सीजफायर की घोषणा की, जेलेंस्की बोले- रूस यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर सकता

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पुतिन ने युद्ध के बीच सीजफायर की घोषणा की, जेलेंस्की बोले- रूस यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर सकता

सारांश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर जारी युद्ध के बीच 32 घंटे के लिए सीजफायर की घोषणा की है। जेलेंस्की का कहना है कि रूस यूक्रेन पर पूर्ण नियंत्रण नहीं कर सकता, और स्थिति को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण चिंताएं व्यक्त की हैं।

Key Takeaways

  • रूस ने 32 घंटे के लिए सीजफायर की घोषणा की।
  • जेलेंस्की ने रूस के युद्ध के इरादों पर सवाल उठाए।
  • यूक्रेन को नाटो की सदस्यता का महत्व।
  • युद्ध की स्थिति के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण की आवश्यकता।
  • सामाजिक प्रतिक्रिया की अनिश्चितता।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जारी संघर्ष के बीच सीजफायर की घोषणा की है। हालांकि, यह सीजफायर केवल 32 घंटे के लिए वैध है। इस दौरान, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने रूस पर तीखा हमला बोला है।

जेलेंस्की ने पुतिन पर आरोप लगाते हुए कहा, "उन्हें समझ आ गया है कि वे पूरी तरह से यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर सकते। वे कभी-कभी अपने सहयोगियों के साथ ऐसे संदेश साझा करते हैं जो उनके असली विचारों के विपरीत होते हैं। उन्हें युद्ध में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनके पास प्रशिक्षित सैनिकों की कमी है। वे जीत का एक ऐसा रास्ता तलाश रहे हैं जो दिखे। इसलिए, वे डिप्लोमेसी के माध्यम से या अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए हमें डोनबास से निकालने का प्रयास कर रहे हैं।"

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "रूसियों ने टेलीग्राम क्यों बंद किया? मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि नापसंद फैसलों को लागू किया जा सके। शायद युद्ध समाप्त हो जाए या इसे और बढ़ाया जाए। इसका मतलब होगा कि मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग से लोग मोर्चे पर भेजे जाएंगे और लाशें वापस आएंगी। दूसरे शब्दों में, अब वह उन बड़े शहरों की भीड़ से नहीं बच पाएंगे, जिनसे वह पहले बचने की कोशिश कर रहे थे।"

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस को नहीं पता कि समाज में इसके प्रति क्या प्रतिक्रिया आएगी। वे युद्ध के किसी नतीजे के लिए तैयार हैं। अपनी प्रोपेगैंडा के जरिए, उन्होंने समाज के एक कट्टरपंथी हिस्से को भड़काया है, जो लगभग 20-25 फीसदी है। ये लोग युद्ध खत्म करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं।

रूस के हमलों को तेज करने के विकल्प पर जेलेंस्की ने कहा, "अगर रूस युद्ध बढ़ाने का विकल्प चुनता है, तो मुझे लगता है कि एक त्रिपक्षीय बैठक होगी। वे इसे अप्रैल, मई या जून में करने की कोशिश करेंगे। ये महीने उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। और मेरा मानना है कि सितंबर तक हमारे लिए स्थिति बहुत कठिन होगी।"

यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिलने पर जेलेंस्की ने कहा, "अगर यूक्रेन ने न्यूक्लियर हथियार छोड़ने के लिए सहमति दी, तो इसे एक उचित मूल्य चुकाना था। मेरे विचार में, नाटो की सदस्यता यूक्रेन के नेताओं को न्यूक्लियर हथियारों के बदले में मिलने वाली सबसे छोटी चीज थी। हमें क्या मिला? कुछ नहीं। यह एक बड़ी गलती थी।"

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस युद्ध की जटिलताओं को समझें। पुतिन की सीजफायर घोषणा एक रणनीति हो सकती है, लेकिन जेलेंस्की की चिंताएं दर्शाती हैं कि यूक्रेन की स्थिति कितनी गंभीर है। हमें यह समझना होगा कि ये घटनाएँ केवल दो देशों के बीच का विवाद नहीं हैं, बल्कि इसका वैश्विक प्रभाव भी है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

पुतिन ने सीजफायर की घोषणा क्यों की?
पुतिन ने सीजफायर की घोषणा यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के बीच एक रणनीति के तहत की है, हालांकि यह केवल 32 घंटे के लिए है।
जेलेंस्की ने रूस पर क्या आरोप लगाए?
जेलेंस्की ने कहा कि रूस को यह समझ आ गया है कि वे पूरी तरह से यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर सकते और उनकी सेना की स्थिति कमजोर है।
क्या रूस युद्ध बढ़ाएगा?
जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि अगर रूस युद्ध बढ़ाने का विकल्प चुनता है, तो एक त्रिपक्षीय बैठक की संभावना है।
यूक्रेन को नाटो की सदस्यता क्यों महत्वपूर्ण है?
जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिलना महत्वपूर्ण था ताकि वे न्यूक्लियर हथियारों के बदले सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
सीजफायर का क्या महत्व है?
सीजफायर का उद्देश्य युद्ध के दौरान स्थिति को स्थिर करना और संभावित बातचीत की संभावना को खुला रखना है।
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